प्रिंटर क्या होता है और प्रिंटर कितने प्रकार के होते है ?

मेरा नाम रक्षा कुमारी है, मेरा जन्म बिहार के अरवल जिले में हुआ है। मेरी रुचि शुरुआत से ही हिंदी और अंग्रेजी साहित्य में रही है।

आज के समय चाहे इंटरव्यू में बायोडाटा देने की बात हो, या किसी सरकारी विभाग में किसी काम के लिए अप्लाई करना हो, कागजो की हार्ड कॉपी ही जमा की जाती है। प्रिंटर एक उपकरण है, जोकि डिजिटल सामग्री को कागज पर छापने का कार्य करता है। यह टेक्स्ट एवं चित्र दोनों को कागज़ पर छाप सकता है। प्रायः यह कंप्यूटर के साथ काम करता है किन्तु यह अन्य डिजिटल उपकरणों के साथ भी काम कर सकता है।कागज पर छपी सामग्री को हार्ड कॉपी कहते हैं।

 

प्रिंटर

प्रिंटर एक हार्डवेयर है, जिसका उपयोग document की हार्ड कॉपी निकालने के लिए किया जाता है। एक Document किसी भी प्रकार का हो सकता है जैसे कि- Text File, Image या दोनों का Combination.

यह Documents को प्रिंट करने के लिए, कंप्यूटर या मोबाईल द्वारा इनपुट कमांड को स्वीकार करता है. उदाहरण के लिए, यदि आपको अपने स्कूल में प्रोजेक्ट रिपोर्ट जमा करनी है, तो आपको हार्ड कॉपी ही देनी होगी, उसके लिए अपनी रिपोर्ट की एक सॉफ्ट कॉपी तैयार करनी होगी और उसे प्रिंटर की सहायता से प्रिंट करना होगा, और वो कॉपी तब जमा हो पाएगी। आज के इस लेख में हम आपको प्रिंटर के बारे में विस्तार से बताते हैं।

 

प्रिंटर के प्रकार

Types of printers

प्रिंटर आउटपुट डिवाइस के अंतर्गत आता है, ये मुख्यतः 2 तरह के होते हैं –

  • 2D और
  • 3D प्रिंटर

 

2D प्रिंटर

इनका उपयोग Text और Graphics को एक पेपर पर प्रिंट करने के लिए किया जाता है, और 3D प्रिंटर का उपयोग तीन आयामी Physical वस्तुओं के लिए किया जाता है।

2D printer मुख्यतः 2 प्रकार(types) के होते हैं

  • Impact Printer और
  • Non-Impact Printer

 

1)  Impact Printer:

Impact Printer पेपर पर प्रिंट करने के लिए हम एक तरह के “Ink Ribbon” का इस्तेमाल करते हैं, जोकि टाइप राइटर की तरह ही काम करते हैं। ये 4 तरह के होते है –

 

  • Dot Matrix Printer
  • Daisy Wheel Printer
  • Line Printer
  • Drum Printer

 

Dot Matrix Printer

Dot Matrix Printer एक स्याही रिबन का उपयोग करता है, जो प्रिंट हेड्स के द्वारा हजारों छोटे डॉट्स चित्र और Text बनाते हैं। आजकल, लेजर और इंकजेट प्रिंटर की तुलना में, इसका उपयोग कम होता है, क्योंकि इसकी Printing की speed slow  होती है ।हालांकिि बहुत जगह अभी भी इनका ही इस्तेमाल होता  है।

 

Daisy Wheel Printer

टाइपराइटर में पाए जाने वाले प्रिंट आउट के लिए डेज़ी-व्हील प्रिंटर का उपयोग किया जा सकता है। इसका प्रिंटिंग speed करीब 10-50 Character प्रति सेकंड होता है।

इसमे एक मेटल से बना पहिया होता है जिसके कोने में सभी प्रकार के Characters होते हैं, जब ये Wheel घूमता होता है, और इसे हथोड़े से Ink Ribbon से टकराया जाता है तब पेपर पर Character प्रिंट हो जाता है। इनका इस्तेमाल Image को प्रिंट करने के लिए नहीं किया जा सकता है।

 

Line Printer

बड़ी बड़ी जगह पर, जहाँ भारी मात्रा में काम होता है, जो प्रिंटर एक समय में एक Character प्रिंट करता है उनके प्रिंट करने की क्षमता बहुत धीमी होती है इसलिए, इन लोगो को समय-समय पर printer की आवश्यकता होती है।

लाइन प्रिंटर विशेष तंत्र का उपयोग करते हैं, जो एक बार में एक पूरी लाइन प्रिंट कर सकते हैं, वे आम तौर पर प्रति मिनट 1,200 से 6,000 लाइनों की सीमा को प्रिंट कर सकते हैं।

 

Drum Printer

ड्रम प्रिंटर में, एक बेलनाकार ड्रम होता है, जिसपर एक जगह पर उभार बना होता है। जब बेलनाकार ड्रम घूमता है, तब उसके सामने पेपर रखा होता है और जब कोई Character प्रिंट करना होता है, तो उसमे उपस्थित एक हथोड़े द्वारा पेपर को उस Character पर मारा जाता है जिससे वह पेपर पर छप जाता है ।

 

2) Non-Impact Printer

Non-Impact Printer पेपर पर Character या इमेज को प्रिंट करने के लिए लेज़र टेक्नोलॉजी, इंकजेट, केमिकल, और electrostatic का इस्तेमाल करता है।ये मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं –

  • Laser Printer
  • Inkjet Printer

 

Laser Printer

लेजर प्रिंटर सामान्य प्रिंटर में से एक है, यह कागज पर Text और Images को Print करने के लिए लेजर तकनीक का उपयोग करता है।

जब भी इसे किसी भी कागज को प्रिंट करने के लिए इनपुट मिलता है, तो एक लेजर बीम इलेक्ट्रिक चार्ज की मदद से एक ड्रम पर Document छापता है।

जब ड्रम को चार्ज किया जाता है, तो इसे टोनर (इसकी स्याही) में रोल किया जाता है. स्याही को दबाव के साथ कागज़ के साथ जोड़ा जाता है, फिर कागज के एक टुकड़े पर shift कर दिया जाता है।

Inkjet Printer

Inkjet Printer व्यापक रूप से घर और व्यापार में उपयोग किया जाता है जो कागज पर चुंबकीय प्लेटों का उपयोग करके स्याही को छिड़ककर Character को प्रिंट करता है. यह कार्ट्रिज में स्याही को भरता है और कई प्रकार के रंग दस्तावेजों को प्रिंट करने के लिए एक अलग कार्ट्रिज cartridge का उपयोग करता है. ये रंग सियान, मैजेंटा, पीला और काले रंग का Combination होता हैं . इस प्रकार के printer मे रंगों की मदद से उच्च गुणवत्ता (Quality) वाले चित्र बनाने की क्षमता होती है.

 

3) 3D Printer

अब तक हमने २ तरह के प्रिंटरों के बारे में पढ़ा। चलिए 3D प्रिंटर के बारे में भी जान लेते हैं-

यह एक तरह के Quality Resin का उपयोग करके 3D वस्तुओं का उत्पादन करता है. इसमें प्लास्टिक, धातु मिश्र, पॉलिमर, यहां तक कि खाद्य सामग्री जैसी सामग्री का उपयोग किया जाता है.

आशा करते है की आपको आज का टॉपिक – प्रिंटर के बारे में सब समझ आ गया होगा।

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