महिला सशक्तीकरण

मेरा नाम रक्षा कुमारी है, मेरा जन्म बिहार के अरवल जिले में हुआ है। मेरी रुचि शुरुआत से ही हिंदी और अंग्रेजी साहित्य में रही है।

महिला सशक्तीकरण को बेहद आसान शब्दों में परिभाषित किया जा सकता है कि इससे महिलाएं अपने जीवन से जुड़े सभी फैसले स्वयं ले सकती है, परिवार और समाज में अच्छे से रह सकती है इससे महिलाएं शक्तिशाली बनती है। ऐसा माना जाता है और देखा भी गया है कि वह समाज में किसी समस्या को पुरुषों से बेहतर ढंग से निपट सकती है। इसीलिए महिलाओं को हर काम में आगे लाने के लिये भारत सरकार के द्वारा भी कई योजनाएं चलाई गई हैं।

8 March को पुरे विश्व में अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस ( International Women’s Day) मनाते है। सही मायने में इस महिला दिन का उदेश्य क्या है ? आज के लोगों  के लिये जानना आवश्यक है कि अगर महिलाये सशक्त होंगी, तभी देश आगे बढ़ेगा। एक बार जब महिला अपना कदम उठा लेती है, तो परिवार आगे बढ़ता है, गाँव आगे बढ़ता है और राष्ट्र विकास की ओर बढ़ता है ।

महिला सशक्तिकरण के उच्च लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये ये बात हर घर में सबको समझ आनी चाहिए एक बेहतर शिक्षा की शुरुआत बचपन से घर पर हो सकती है, महिलाओं के उत्थान के लिये एक स्वस्थ परिवार की जरुरत है जो राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिये आवश्यक है।

पहले कि समय में सती प्रथा तथा बाल विवाह का बड़ा प्रचलन था।  राजा राम मोहन रॉय की लगातार कोशिशों की वजह से ही सती प्रथा को खत्म करने के लिये अंग्रेज मजबूर हुए। भारत में विधवाओं की स्थिति को सुधारने के लिये ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने अपने लगातार प्रयास से विधवा पुर्न विवाह अधिनियम  की शुरुआत करवाई, जिसकी वजह से सती प्रथा भी कम हुई। लेकिन आज भी कई पिछड़े क्षेत्रों में माता-पिता की अशिक्षा, असुरक्षा और गरीबी की वजह से कम उम्र में विवाह और बच्चे पैदा करने का चलन है।

 

महिलाओं को सशक्त बनाने के लिये सरकार द्वारा पास किये गये कुछ अधिनियम है –

  • अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम
  • दहेज रोक अधिनियम
  • एक बराबर पारिश्रमिक एक्ट
  • मेडिकल टर्म्नेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट
  • लिंग परीक्षण तकनीक एक्ट
  • बाल विवाह रोकथाम एक्ट
  • कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन शोषण एक्ट

 

पिछले कुछ सालो में देश में महिला सशक्तीकरण (Mahila Sashaktikaran) पर ख़ास जोर दिया गया है, महिलाओं कि कुछ उपलब्धियां निम्न लिखित हैं :

* सावित्रीबाई फुले ने अपने पति ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर भारत के पुणे में महिलाओ के लिये स्कूल खोलकर भारत कि पहली शिक्षिका बनी ।

* भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस की एनी बेसेन्ट पहली महिला अध्यक्षा बनी।

* सरोजिनी नायडू भारत में जन्मी, भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस की पहली अध्यक्षा बनी।

* आज़ादी के बाद सरोजिनी नायडू भारत की पहली महिला गवर्नर बनी।

* डेक्कन एयरवेज की प्रेम माथुर भारत की पहली कमर्शियल महिला पायलट बनी।

*  विजया लक्ष्मी पंडित यूनाइटेड नेशन जनरल असेंबली की भारत की पहली महिला अध्यक्षा बनी।

*अन्ना चंडी हाई कोर्ट (केरला हाई कोर्ट) ,भारत की पहली महिला जज बनी।

* उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री और किसी भी भारतीय राज्य में इस पद पर रहने वाली सुचेता कृपलानी पहली महिला थी।

* कमलादेवी चट्टोपाध्याय को कम्युनिटी लीडरशिप के लिये रोमन मेग्सय्सय अवार्ड से सम्मानित किया गया।

* इंदिरा गांधी को कौन नहीं जनता, वह भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी।

* कमलजीत संधू एशियाई खेलो में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी।

* भारतीय पुलिस दल मे शामिल होने वाली किरन बेदी पहली महिला बनी।

* मदर टेरेसा को नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया, इसे हासिल करने वाली वह पहली भारतीय महिला नागरिक है।

* बचेंद्री पाल माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने पहली भारतीय महिला बनी।

* सुरेखा यादव भारत और एशिया की पहली महिला लोको-पायलट, रेलवे ड्राईवर बनी।

* प्रतिभा पाटिल भारत की पहली महिला राष्ट्रपति बनी।

*सोनिया गाँधी भारतीय विपक्षी दल की पहली महिला नेता बनी।

* प्रिया झिंगन इंडियन आर्मी में शामिल होने वाली पहली महिला कैडेट बनी।

* न्यायमूर्ति एम्. फातिमा बीवी भारतीय सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला जज बनी।

 

और भी बहुत सारे नाम इसी लिस्ट में शामिल हैं जैसे कि सर्वश्रेष्ठ बॉक्सर मैरी कॉम,गोल्डन गर्ल पी. टी. उषा, टेनिस खिलाडी सानिया मिर्ज़ा,बैडमिंटन खिलाडी सायना नेहवाल, बहादुर नीरजा भनोट ‘हेरोइन ऑफ़ हाईजैक’, भारत की बेटी – कल्पना चावला, मिस वर्ल्ड ऐश्वर्या राय, एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा, गायन कोकिला लता मंगेशकर इत्यादि . जिनमे से कुछ की जीवनी पर तो हिंदी की मूवीज भी बन चुकी है, जो वाकई में ही गर्व की बात है।

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