बेन सिलबरमैन की जीवनी

जब इंसान अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार हो जाता है तो उसे रोकना नामुमकिन होता है।  इसी का उदाहरण देते हुए आज हम बात करने जा रहे हैं पिंटरेस्ट के फाउंडर बेन सिलबरमैन की, जिन्होंने एक ऐसी परियोजना पर टिक्के रहे जिस पर सभी ने आशा छोड़ दी थी और किसी को भी यह विश्वास नहीं था यह ऐसा बड़ा इमेज शेयरिंग प्लेटफॉर्म बन सकता भी है। 

डेस मोइनेस आयोवा में जन्मे बेन सिलबरमैन के परिवार में सभी डॉक्टर थे। उसी वजह से उनके माता-पिता भी उनको डॉक्टर बनाना चाहते थे और बेन ने भी अपने बचपन में डॉक्टर बनने का फैसला ले लिया था।  परंतु जब 1999 में उन्होंने अपने पहले येल विश्वविद्यालय गए और वहां जाकर जब उन्होंने पढ़ना शुरू किया तब उनको महसूस हुआ कि वह डॉक्टर बनने में उनकी कोई खास दिलचस्पी नहीं थी  और इस कारण से उन्होंने अपने डॉक्टर बनने का विचार छोड़ दिया। 

क्योंकि इंटरनेट ने दुनिया भर में इतना बड़ा परिवर्तन शुरू कर दिया था कि उनको लगा की उनकी असली कथा – न्यू कैलिफ़ोर्निया में चल रही थी। बेन सिलबरमैन को यह महसूस  हुआ की उनको एक स्टार्ट उप कर देना चाहिए। एक इंटरव्यू में मैं बेन सिलबरमैनया ने बताया कि उनके समय की कथा कैलिफोर्निया में चल रही थी उनके पास कोई विशिष्ट योजना नहीं थी जो किसी को रोमांचक कर सके और जिस पर काम करने में उनको मजा आए गूगल कंपनी में काम करके उन्हें एक बहुत बड़ी कामयाबी का महसूस हुआ परंतु वह गूगल में काम करके अब दिलचस्पी खो चुके थे और स्वयं का कुछ शुरू करने का सोच रहे थे। 

 गूगल के अंदर एक गैर इंजीनियर के रूप में उनका दाखिला हुआ था और गूगल में जाकर उनको यह महसूस हुआ कि उन्होंने काफी लंबा समय अपनी नौकरी में बिता लिया है और वह इससे आगे अब नहीं बढ़ पाएंगे, इसी वजह से उन्होंने स्टार्टअप करने का दिमाग में उनके चल रहा था। बेन कई बार स्टार्टअप के लिए कहा करते थे अपनी प्रेमिका से जो कि अब उनकी पत्नी हो गई है और जब एक बार अपनी प्रेमिका से इस स्टार्टअप के बारे में बात कर रहे थे तो उनकी प्रेमिका ने उनसे कहा कि या तो वह जो है स्टार्टअप कर दे या फिर अब इसके बारे में बोलना छोड़ दें और इसी तरीके से बेन ने  इस बात को अपने दिल पर ले लिया और गूगल को उसी समय छोड़कर स्टार्टअप की शुरुआत कर दी। गूगल छोड़ने के बाद उन्होंने कई जगहों पर काम करके पैसे कमाए और सिलिकॉन वैली में हर कॉफी की दुकान पर बैठकर अपने कार्य को पूर्ण करने में लगे रहते थे। 

पिंटरेस्ट के शुरुआती 4 महीनों में सिर्फ दो सौ उपयोगकर्ता ही आ पाए थे और यह उत्पाद उतना नहीं सफल हो पा रहा था जितना बेन ने चाहा था। वह कहते हैं कि उत्पाद अपने स्टील्थ मोड में आ गया था और इसलिए नहीं क्योंकि वह उसे उस रूप में चाहते थे। इसके पहली शाखा के उपभोक्ता आयोवा और यूटा में थे और अभी यह उत्पाद सिलिकॉन वैली के रडार के अंदर नहीं आ पा रहा था इस बात पर बैन बहुत चिंतित थे।

यह कैलिफ़ोर्निया में पहले एक से डेढ़ साल तक प्रसिद्ध नहीं हो सका।  बेन कहते हैं कि उन्होंने मार्केट की फिलॉसफी का एक पर्सेंट तक भी इस्तेमाल नहीं किया। अपने प्रोडक्ट के लॉन्च में ना तो किसी की प्रेस कवरेज या फिर ऐड के माध्यम का उन्होंने इस्तमाल किया। अपने उत्पाद को सर्वश्रेष्ठ बनाना चाहते थे और वे चाहते थे कि इसके उपभोक्ता इससे पसंद करें और यह ही हुआ। शुरुआती उपभोक्ता वास्तव में बैंक के इस उत्पाद को पसंद करने लगे और इस कारण से साइट पर हर महीने 40 से 50 परसेंट लोगों की वृद्धि होती थी यह वेबसाइट के लिए काफी अच्छी बात थी परंतु उसको फेमस होने में इतना समय इसी लग गया क्योंकि शुरुआत में इतने कम उपभोक्ता थे कि उसको बढ़ने में निश्चित वक़्त से ज्यादा ले लिया। 

अब इनके सामने एक नई तकलीफ आ चुकी थी क्योंकि उन्होंने स्वयं इंजीनियरिंग नहीं करी थी और साथ में उनकी टीम भी नॉन इंजीनियर थी इस कारण से बैंकों को काफी तकलीफ हो रही थी। निवेशकों का विश्वास जीतने बेन को मुश्किल हो रही थी कि कैसे एक नॉन इंजीनियर की टीम एक टेक्नोलॉजिकल प्रोडक्ट को संभाल पाएगी उन्होंने दर्जनों मीटिंग करी होगी सिलीकान वैली निवेशकों के साथ परंतु अधिकांश इन निवेशकों ने बेन को साफ़ मना कर दिया। 

 कुछ समय बाद एक फेमस ब्लॉगर ने पिंटरेस्ट का इस्तेमाल किया और उसका इस्तेमाल की सिफारिश अपने वेबसाइट पर लोगों से कि जिससे पिनटेरेस्ट को एक अच्छी उपयोगकर्ताओं की अच्छी शाखा भी मिल गई और पिंटरेस्ट ने इसके बाद बहुत ही तेजी से रफ्तार पकड़ ली। पिंटरेस्ट एक विशाल सामाजिक नेटवर्क में तब्दील हो गया और अब उसकी कीमत अरबों डॉलर में हो गई है। 

कल्पना कीजिए कि आप बेन की जगह है, क्या आप 90% से ज्यादा आपके जानने वाले लोगों से आपके विचार को नापसंद करने के बाद अपने प्रोजेक्ट पर डटे होंगे। बेन बहुत सारे निवेशकों से मिले और सभी ने उनके विचार को अस्वीकार किया दूसरे शब्दों में एक विचार का विवरण करने की कोशिश कर रहे थे जिसका किसी ने भी गर्मजोशी से स्वागत नहीं किया। 

कुछ ऐसे भी दिन आये की बेन आर्थिक रूप से सहायता ना मिलने के कारण वह काफी परेशान भी हो गए थे और जब पिनटेरेस्ट ने 10000 उपभोक्ताओं को हिट करा तब बेन उसे बेचने के भी प्रयास करना किया परंतु खरीदने वाली कंपनी बैठक में भाग लेने से इंकार कर दी थी।  संक्षेप में संपूर्ण विश्व के खिलाफ आगे बढ़ते जा रहे थे और उनका सफलता इसी कारण मिल सके क्योंकि वह उस उत्पाद पर कार्य करते रहे बिना हर माने। 

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