थॉमस अल्वा एडिसन की जीवनी – पहला भाग

आज हम बात करने जा रहे हैं वह उनीस्वी सदी के सबसे बड़े इंवेंटेड थॉमस अल्वा एडिसन की। थॉमस अल्वा एडिसन के पास दुनिया की सबसे ज्यादा इंवेंशन करने का  वर्ल्ड रिकॉर्ड है उन्होंने अपनी जिंदगी भर में १०९३। थॉमस अल्वा एडिसन पूरी दुनिया में बहुत ही ज्यादा प्रसिद्ध साइंटिस्ट के रूप में जाने जाते हैं और साइंटिस्ट होने के साथ एक बहुत ही अच्छे बिजनेसमैन भी थॉमस अल्वा एडिसन थे। आज थॉमस एडिसन को हर घर में जाने जाता है। कई बार ऐसा होता है कि बहुत सारे महान वैज्ञानिकों का नाम ज्यादा लोग नहीं जानते हैं परंतु थॉमस अल्वा एडिसन का नाम किसी प्रसिद्ध हस्ती की तरह हर घर में जाना चाहता था। 

अक्सर यह आम बात नहीं होती किसी एक वैज्ञानिक के लिए एक बहुत अच्छा बिजनेस मैन भी होना परंतु जो थॉमस अल्वा एडिसन ने कर दिखाया है और जो इनकी कला एक अच्छे महान वैज्ञानिक और महान व्यापारी होने की है वह हर वैज्ञानिक के पास नहीं होते इसके साथ थॉमस अल्वा एडिसन की डायरेक्ट करंट वर्सेस अल्टेरनेटिंग करंट की लड़ाई तो विश्व प्रसिद्ध हो गई थी। 

थॉमस अल्वा एडिसन की कहानी सच में एक प्रेरणादायक कहानी और आज भी हमारे कक्षा में एक पाठ जरूर होता है जो थॉमस अल्वा एडिसन के बारे में लिखा होता है। 

थॉमस अल्वा एडिसन का जन्म 1947 में मिलान में हुआ था इसी के साथ थॉमस अल्वा एडिसन के सात भाई बहन थे।  एडिसन अपने परिवार में सबसे छोटे बच्चे थे इस कारण से एडिशन को सबसे ज्यादा प्यार मिला करता था और सभी के दुलारे थे। थॉमस अल्वा एडिसन के पिता एक पॉलीटिकल एक्टिविस्ट थे और उनकी माताजी स्कूल में पढ़ाने वाली एक शिक्षक। 

बचपन से ही एडिसन के अंदर जानने की इच्छा कुछ ज्यादा ही थी जिसके कारण से एडिशन अनूठे कार्य किया करते थे जिस कारण से एडिशन कुछ कठिनाइयों में पड़ जाते थे और इस कारण से भी एडिसन को अपने स्कूल से बाहर निकाल दिया गया जिसकी वजह से थॉमस अल्वा एडिसन की ज्यादातर पढ़ाई घर पर ही हुई उनके माता जी के द्वारा। 

थॉमस अल्वा एडिसन की बहुत सारी कहानियां है कि किस प्रकार के वह कार्य किया करते थे अपने बचपन में उन्हीं में से एक कहानी है जिसमें बताया करते हैं कि एडिसन ने अपनी मां से यह पूछा कि अंडे के अंदर से चूजे कैसे निकलते हैं, उनकी मां ने बताया कि जब उनके ऊपर मुर्गी बैठती है अंडे काफी समय तक गर्मी पाते हैं उन्हें मुर्गी की तब अंडे मैं जान आने लगती है और वह दूसरे में परिवर्तित हो जाते हैं।  उसके बाद थॉमस अल्वा एडिसन ने यह सोचने लगे कि शायद मै भी अंडों के ऊपर बैठकर चूज़े को निकाल सकेंगे परंतु ऐसा परंतु जैसा सोचा था वैसा हुआ नहीं और इसकी वजह थॉमस अल्वा एडिसन की पैंट जरूर ख़राब हो गयी। 

एक और एडिसन की कहानी है कि एडिसन ने अपने शिक्षकों से पूछा कि क्या  चिड़िया जो कीड़ा खाती है उसके वजह से उड़ जाती है परंतु किसी भी शिक्षक ने  थॉमस अल्वा एडिसन के इस बात का जवाब नहीं दिया और अपनी सवाल का जवाब ढूंढने के लिए उन्होंने इस बात की सच्चाई ढूंढने की कोशिश करी, उन्होंने कीड़ों को पानी में मिला दिया और अपने साथ ही को मना लिया कि यदि वह इस को पी लेंगे तो वह हवा में पक्षियों की तरह उड़ सकेंगे परंतु जैसा सोचा था वैसा नहीं हुआ और उनके साथी की जबरदस्त तरीके से बीमार पड़ गया और थॉमस अल्वा एडिसन को इसके लिए काफी मार पड़ी और उन्हें घर में काफी डांट खानी भी पड़ी। 

किसी हादसे के कारण थॉमस अल्वा एडिसन को अपने स्कूल से बाहर निकाल दिया गया उनकी माता जी को कोई खत लिखा गया और थॉमस अल्वा एडिसन जब स्कूल से वापस घर जा रहे थे तब उनको उसको अपनी मां को देने के लिए कहा गया उस खत में यह लिखा था कि थॉमस अल्वा एडिसन हमारे स्कूल में पढ़ने लायक नहीं है और यह एक मंदबुद्धि बच्चा है जिसे पढ़ा कर कोई फायदा नहीं होने वाला है इसलिए इसे घर पर रखकर ही ज्यादा अच्छा है।  जब यह पत्र थॉमस अल्वा एडिसन की मां ने पढ़ा उनकी आंखों में आंसू आ गए और थॉमस अल्वा एडिसन है यह पूछा कि माँ उस खत में यह क्या लिखा है ऐसा उनकी मां ने बताया कि उस खत में लिखा है कि थॉमस अल्वा एडिसन एक बहुत ही समझदार और बुद्धिमान बच्चे थे जिनका शिक्षा अब वे अपनी कक्षा में नहीं कर पाएंगे और ऐसे बुद्धिमान लोगों को के लिए बेहतर है वह घर पर रह कर पढ़ें। 

थॉमस एडिसन की मां को यह पता था कि थॉमस एडिसन बहुत ही बड़े विध्यवान है इसी कारण से  एडिशन की पढ़ाई उनकी मां ने शुरु करवा दी फिर उसके बाद अगले 11 सालों तक थॉमस अल्वा एडिसन की मा ही उन्हें पढ़ाया करती थी। 

एडिसन के माता-पिता ने ऑडिशन को पढ़ाने के नए तरीके निकाल लिया था एक ऐसा ही तरीका उनके पिताजी ने भी निकाला था जहां पर मेडिसन को हर किताब पढ़ने के लिए कुछ पैसा दिया करते थे वह कहते थे कि एडिशन अगर एक किताब को पढ़कर खत्म करेगा तो मैं उसे कुछ पैसे दूंगा जैसे वह अपने मनमर्जी खर्च कर सकते थे और एडिशन इसी कारण से जितनी ज्यादा से ज्यादा हो सके उतनी किताब को पढ़ना शुरू कर दिया। वह हर तरीके की किताब पढ़ते थे और वह किसी भी विषय के बारे में किताब पढ़ना शुरू कर देते थे क्योंकि उन्हें पता था कि अगर वह किताब खत्म कर लेंगे तो उन्हें क्या मिलने वाला है। 

उनकी माताजी पूरा उनका सहयोग करती थी उनकी माताजी एडिसन से कहती थी कि वह जो चाहे वह कर सकते हैं अब यह उनके हाथ में है वह कितना कर पाते हैं। थॉमस अल्वा एडिसन इसके बाद दिन रात और 24 घंटे अपनी किताबों में डूबे रहते थे एडिशन को पढ़ने का इतना शौक था की एडिसन ने 14 साल की उम्र में एक प्रिंटिंग प्रेस खोल ली और उसमें अखबार छापने लग गए। 

इस अखबार को एडिसन ने द ग्रैंड ट्रंक रेलरोड का नाम दिया हर दिन एडिशन कई प्रकार की खबरों को जुटाया करते थे और इसे अपने अखबार में लिखकर लोगों को बांटा करते थे इसक इसके अंदर बिजनेस ले लेकर प्रसिद्ध लोगों की बातों तक सब कुछ पाया जाता था।

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