कलेक्टर कैसे बने | कलेक्टर बनने के लिए क्या करे | Collector Kaise Bane

मेरा नाम रक्षा कुमारी है, मेरा जन्म बिहार के अरवल जिले में हुआ है। मेरी रुचि शुरुआत से ही हिंदी और अंग्रेजी साहित्य में रही है।

क्या आपका भी सपना कलेक्टर बनने का है, क्या आप भी चाहते है कि मैं एक बड़ा अधिकारी बनूँ तो यह बहुत ही अच्छी बात है, क्योंकि कलेक्टर बनना आसान तो नहीं लेकिन नामुमकिन भी नही है।

अगर आप एक गाँव के निवासी है तो उस गांव में एक प्रधान जरूर होगा, या आप शहर में रहते है तो आपकी उस जगह का कोई ना कोई तो प्रशासनिक अधिकारी अवश्य होगा। वही प्रशासनिक अधिकारी कलेक्टर है।

 

कलेक्टर कैसे बने | कलेक्टर बनने के लिए क्या करे | Collector Kaise Bane

 

कलेक्टर बनने के लिए क्या पढाई करें?

कलेक्टर देश के ए ग्रेड के सरकारी नौकरी में से एक है, जैसा की हम जानते है आज की इस दुनिया में चपरासी या कोई भी नौकरी करने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। यह तो फिर भी एक बहुत बड़ी सरकारी नौकरी है इसके लिए आप खुद ही सोच ले, की आपको कितनी मेहनत करनी पड़ेगी तो आपको हिम्मत हारने की जरूरत नहीं है। ये देश का सबसे प्रतिष्ठित अधिकारी होता है और यह एग्जाम देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है।

कलेक्टर का कार्य सरकारी योजनाओं को लागू करना, आम जनता की समस्यायों को हल करना, कर वसूली तथा कानून व्यवस्था बनाये रखना व जिले की सारी जानकारी सरकार तक पहुंचाना भी कलेक्टर या मजिस्ट्रेट का ही कार्य होता है।

एक कलेक्टर का कार्य आमतौर पर अपने क्षेत्र में तैनात होने के बाद सरकारी नीतियाँ को सही तरीके से लागू करना है। जो कि SDM, ADM, DM के रूप में होता है और पब्लिक और गवर्नमेंट के बीच सुलह कराने वाले व्यक्ति के रूप में कार्य करते हुए दैनिक मामलों का सुचारू रूप से संचालित करना है, इसलिए एक कलेक्टर से ही योजना और नीतियों के निर्माण तथा उनके क्रियान्वयन की अपेक्षा की जाती है।

जिले के अधिकारी की नियुक्ति राष्ट्रपति के द्वारा की जाती है तथा गवर्नमेंट उसको भारतीय गजट में सूचित करती है इसिलिए यह अधिकारी राजपत्रित अधिकारी कहे जाते हैं।

अगर देखा जाए तो मुख्य रूप से इसका अर्थ हुआ की राष्ट्रपति के अलावा इन ऑफिसर को कोई भी इनके पद से नही हटा सकता, इस ओहदे पर तैनात अधिकारी को राज्य सरकार सिर्फ Suspended कर सकती है।

मुख्य रूप से अधिकारियों को पोस्ट से हटाने का अधिकार राज्य सरकार के पास भी नहीं होता है, तो आप सोच सकते है, की इसको पाना बहुत ही मुश्किल काम है, आसानी से तो बिलकुल ही हम इसको नहीं पा सकते है।

 

कलेक्टर बनने के लिए योग्यता

इस पद पर कार्यरत होने के लिए और अधिकारी के लिए योग्यता शुरुआत में सिर्फ ग्रेजुएशन की डिग्री की जरूरत है।

  • एजुकेशन कम से कम ग्रेजुएशन (स्नातक) किया हुआ होना चाहिए. नीचे हम आपको कुछ और बातें बता रहे है, यह आपके पास होना अनिवार्य है।
  • इस पद पर जाने के लिए उम्मीदवार का भारतीय होना‌ बहुत जरूरी है।
  • इसमें आपको Science, Art, Commerce या किसी भी Stream से हो आप, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है, इसलिए उम्मीदवार विश्वविद्यालय से स्नातक ( Graduate) होना बहुत जरूरी है भी।
  • उम्मीदवार किसी भी प्रकार के जानलेवा बिमारी से ग्रस्त नही होना चाहिए।

 

कलेक्टर बनने के लिए आयु सीमा?

जैसा की हम जानते है की सरकारी नौकरी में सबसे पहले आपकी आयु देखि जाती है, की आप कितनी आयु के है अगर आपकी आयु कम होती है तो आपको उस नौकरी में दाखिला नहीं दिया जाता है। ऐसे ही इस पद की नौकरी होती है इसमें भी आपकी उम्र देखी जाएगी। हम आपको बता दे की जिला अधिकारी बनने के लिये उम्र सीमा विभिन्न वर्गो के लिए अलग-अलग रखी गयी है। वो कुचविस प्रकार है।

सामान्य श्रेणी (GENERAL) – 21 से 32 वर्ष (Note:- इसमें आप 6 बार ही Collector की परीक्षा दे सकते हैं.)

अन्य पिछड़ी जाति (OBC) – 21 से 32 वर्ष (3 वर्ष की छूट) (Note:- इसमें आप 9 बार Collector की परीक्षा दे सकते हैं।

अनुसूचित जाति/जनजाति (ST/SC) – 21 से 32 वर्ष ( 5 वर्ष की छूट) (Note:- इसमें आप जितनी बार चाहे उतनी अधिक परीक्षा दे सकते हैं।

 

कलेक्टर के लिए परीक्षा पैटर्न

इस पद को प्राप्त करने के लिए आपको Union Public Service Commission द्वारा आयोजित Civil Service Exam देना होती हैं जो कि आप ग्रेजुएशन के बाद कर सकते हैं।

3 चरणों में यह परीक्षा होती है ।

  • Preliminary Exam
  • Main Exam
  • Interview

 

प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam)

प्रारंभिक परीक्षा में 2 पेपर होते हैं, जनरल स्टडीज और एप्टीटुड यह दोनों पेपर 200-200 Marks के होते हैं तथा दोनों में ही चार विकल्प वाले प्रश्न होते हैं।

यह दोनों ही पेपर 2 – 2 घंटे के होते है. यह परीक्षा जुलाई-अगस्त में होती है और इस परीक्षा को पास किए बिना आप इस पद पर काम नहीं कर सकते हैं। इसलिए आप इसको बहुत ही ध्यानपूर्वक पढ़े।

मुख्य परीक्षा (Mains Exam)

यह परीक्षा आपको प्रारंभिक परीक्षा के बाद देनी होती है, इसमें आपको 9 पेपर देने होते है, यह परीक्षा उम्मीदवार के लिए बहुत कठिन पढ़ती है।

यह परीक्षा दिसंबर-जनवरी में होती है बहुत से छात्र इस परीक्षा को पास नहीं कर पाते हैं. यदि आप इस परीक्षा को अच्छे मार्क्स से पास कर लेते है तो फिर आपको इसके के बाद इंटरव्यू के लिये बुलाया जाता है।

साक्षात्कार (Interview)

इंटरव्यू देना ये जिला अधिकारी बनने‌ का‌ अन्तिम स्टेज होता है जब उम्मीदवार प्रारम्भिक परीक्षा व मुख्य परीक्षा मे सफल‌ घोषित किया जाता है।

तभी उसको Interview में बुलाया जाता है, कलेक्टर बनने के लिए दोनों ही परीक्षाएं सफलता पूर्वक पास हो जाने के बाद अब सबसे अहम् होता है – इंटरव्यू, इसी में आपका और आपके पद का चुनाव किया जाता है।

 

कलेक्टर की सैलरी?

कलेक्टर की सैलरी की बात करें तो ये विभिन्न संरचनाओं के आधार पर होता है, जैसे कि Junior Scale, Senior Scale, Super Time Scale वेतनमानों में अलग-अलग वेतन बैंड होते है।

Collector भी एचआरए मूल या आधिकारिक आवास का 40 प्रतिशत के हकदार होता है साथ ही उन्हें DA, TA भी मिलता है. इसमें Cabinet Secretary Apx, Super Time Scale के आधार पर सैलरी बढ़ती जाती है।

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