कंप्यूटर के फायदे और नुकसान ( computer ke fayde aur nuksan )

भारत में सबसे पहली कंप्यूटर एनालॉग थी जिसे कोलकाता में भारत सांख्यिकी संस्थान से 1952 में हुई थी। कंप्यूटर को हिन्दी और संस्कृत में संगणक कहा जाता हैं। भारत एशिया का जापान के बाद दूसरा देश बना जहा कंप्यूटर था। कंप्यूटर आज भी बोहोत उपयोगी है।

 

( 1 ) प्रकृति का रक्षक :

कंप्यूटर के आने से लोग अब पन्नो पर कम कंप्यूटर में ज्यादा लिखना पसंद करते हैं। पन्ने पेड़ काट कर बनाया जाता है इस लिए कंप्यूटर प्रकृति रक्षक है, अब पहले की तरह हर जानकारी पन्ने पर नही लिखनी होती है,  कंप्यूटर में ही सारी जानकारी एक फाइल में जमा की जा सकती हैं।

 

( 2 ) समय की बचत :

पहले के समय में कोई भी जानकारी लिखने में काफी वक्त लगता था, कोई भी खाता बनाना पड़ता था, छोटी सी गिनती भी काफी समय ले लेती थी लेकिन कंप्यूटर के आने के बाद अब सारी जानकारियां पल भर में एक फाइल में सेव की जा सकती है, सारे खाते बने बनाए मिलते है, बड़ी-से-बड़ी गिनती कुछ ही सेकंड में हो जाती है।

 

( 3 ) स्टोरेज :

कंप्यूटर विशाल स्टोरेज वाला यंत्र है, अब सारी जानकारियां पन्नो पर नहीं होती कंप्यूटर की फाइल में जमा होती है, कंप्यूटर ढेर सारी इन्फॉर्मेशन एक फाइल में रख सकता है, और अनेक फाइल्स भी बना सकता हैं। विशाल स्टोरेज वाला यंत्र आने से कम जगह में बोहोत से काम किया जाता हैं।

 

( 4 ) फाइल ट्रांसफर :

अब मिनटों में ही किसी भी बड़ी-से-बड़ी फाइल को ट्रांसफर किया जा सकता है, फाइल को खुद से कहीं भी पहुंचाने की जरूरत नहीं पड़ती। फाइल को ऑनलाइन ट्रांसफर करने से निजता भी बनी रहती हैं।

 

( 5 ) सरलता :

कंप्यूटर पर काम करने से हिसाब करने में, हिसाब रखने में सरलता रहती हैं। कंप्यूटर का इस्तेमाल करना भी काफी सरल है, अब कोई भी इन्फॉर्मेशन आसानी से मिल जाती है, घर बैठे ही दुनिया के किसी भी कोने की जानकारी ली जा सकती हैं। कंप्यूटर ने जीवन को काफी सरल बनाया हैं।

 

( 6 ) मनोरंजन का साधन :

कंप्यूटर में आप वीडियो सोंग्स, ऑडियो सोंग्स सुन सकते है और कई प्रकार के गेम्स भी खेल सकते है, कंप्यूटर एक मनोरंजन का साधन भी है जो आपको घर बैठे फिल्में दिखा सकता है और वो भी कम खर्च में।

 

( 7 ) कम खर्च में ज्यादा लाभ :

कंप्यूटर खरीदने में शुरुआत में तो खर्च होता है, लेकिन इसके माध्यम से बार-बार खर्च होने वाले रुपए बचाए जा सकते हैं। जैसे की फाइल ट्रांसफर कर के ट्रांसपोर्ट के खर्च बचाए जा सकते हैं। इसी तरह से कंप्यूटर कम खर्च में बहुत से काम करता हैं।

 

( 8 ) तत्परता :

हम इंसान चाहे कितने ही फुर्तीले क्यों न हो, लेकिन हर वक्त काम नही कर सकते, कभी-कभी हम काम को टाल ही देते है, मगर कंप्यूटर कभी काम को नही टालता वो हर समय तत्परता से कुछ ही मिनटों या सेकंड में काम को पूरा करता हैं।

 

( 9 ) नए मित्र बनाए जा सकते हैं :

कंप्यूटर के माध्यम से सोशल मीडिया पर हम नए मित्र बना सकते हैं,उनसे बात चीत कर सकते हैं। अपने नए मित्रों से चैटिंग के माध्यम से एक दूसरे की संस्कृति से एक दूसरे के विचारो से अवगत हो सकते हैं।

 

( 10 ) रिश्तों को जिंदा रखे :

अपने दूर रहने वाले मित्रो से, रिश्तेदारों से कंप्यूटर के माध्यम से बातचीत कर के रिश्तों को निभाया जा सकता है, वीडियो कॉल या कॉल कर के एक दूसरे का हाल पता लगाया जा सकता है, पैसे की मदद भी बस कुछ ही सेकंड में की जा सकती हैं।

 

( 11 ) विश्वशनीयता :

कंप्यूटर की गिनती एक दम विश्वशनीय होती हैं वो कभी गलत नही होती। हम इंसान गिनती में या लिखावट में कोई गलती कर सकते हैं, मगर कंप्यूटर कभी गड़बड़ नहीं करता। इस लिए कंप्यूटर हमे विश्वशनीय आंकड़े देता हैं कंप्यूटर विश्वशनीयता दक्षता हैं।

 

( 12 ) लागत में कमी :

कंप्यूटर के आने से ऑफिसेस में कई लोगो का काम अकेले कंप्यूटर ही करता हैं। कंप्यूटर खरीदने में भी सामान्य खर्च होता है, और अगर कभी वो बिगड़ भी जाता है तो उसके बनवाने का खर्च भी काफी कम होता हैं। इस लिए कंप्यूटर की लागत काफी कम होती हैं।

 

( 13 ) स्वचालित यंत्र :

कंप्यूटर में हमे अपने हाथो से खातों का सिलेक्शन करना होता है, लेकिन अपने हाथों से पेन पेंसिल से बनाना नही होता। कोई भी फाइल खुद हो save हो जाती हैं। कंप्यूटर एक स्वचलित यंत्र है जो इंसानों के लिए किफायती यंत्र है।

 

( 14 ) इंटरनेट संसाधन :

कंप्यूटर का इस्तेमाल करने के लिए इंटरनेट कनेक्शन होना जरूरी है। कंप्यूटर एक इंटरनेट संसाधन हैं। इंटरनेट के माध्यम से दुनिया में क्या हो रहा है क्या नही , कोनसी नई आधुनिक चीज़ का अविष्कार हुआ है, हम पल भर में जान सकते हैं।

 

( 15 ) परिश्रमी संसाधन :

हम इंसान कुछ ही घंटो में काम करते करते थक जाते है लेकिन कंप्यूटर थकता नहीं, वो निरंतर कार्यरत रहता हैं। कंप्यूटर काफी परिश्रमी यंत्र है जिसे थकान नहीं लगती और निरंतर कार्य जारी रहता हैं। काम में रुकावट नहीं आती।

 

( 16 ) कार्य विविधता :

कंप्यूटर अलग अलग तरह के कार्य कर सकता हैं जैसे की गिनती करना, जानकारी इकट्ठी करना, जानकारी देना, कोई दस्तावेज भेजना या मंगवाना, किसी को ईमेल भेजना, किसी से बात करना, कोई मनोरंजन करना आदि। कंप्यूटर विविध कार्य कर सकता है इस लिए वो विविधता वाला यंत्र है।

 

( 17 ) व्यक्तित्व पर प्रभाव :

कंप्यूटर व्यक्ति के व्यक्तिव का विकास करता हैं। व्यक्ति में स्मार्टनेस आती हैं। लोगो की नजर में व्यक्ति का प्रभाव अच्छा पड़ता हैं। व्यक्ति का नाम बनता है, कंप्यूटर व्यक्ति की छबि को स्मार्ट बनाता हैं।

 

( 19 ) थोड़ी सी जगह में बड़ा काम :

कंप्यूटर काफी कम जगह में ढेर सारे काम करता हैं। कंप्यूटर दस लोगो के बैठने की जगह, हजारों फाइल रखने की जगह, ढेर सारी ऑफिसेज की जगह सिर्फ एक कंप्यूटर रखने और इसके सामने बैठने को जगह मांगता हैं और कम जगह में ढेर सारे काम करता हैं।

 

कंप्यूटर के अनगिनत फायदे हैं लेकिन इसका उपयोग भी सिर्फ काम के लिए किया जाए तो अच्छी बात है मगर हर वक्त मनोरंजन या खेलने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाए तो हमें कंप्यूटर की आदत लग सकती हैं। कंप्यूटर जैसे महत्वपूर्ण आविष्कार की हानियां भी है लेकिन सही तरीके से इसका इस्तेमाल किया जाए तो कोई हानि नहीं होती, लेकिन फायदे बहुत होते हैं।

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