कोरोना वायरस पर निबंध ( coronavirus par nibandh in hindi )

मेरा नाम रक्षा कुमारी है, मेरा जन्म बिहार के अरवल जिले में हुआ है। मेरी रुचि शुरुआत से ही हिंदी और अंग्रेजी साहित्य में रही है।

कोरोना वायरस को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन  ने महामारी घोषित कर दिया है। कोविड-19 एक संक्रमित करने वाली बीमारी है जो बहुत जल्दी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल कर लोगों को बीमार बनाता है। इसलिए इस वायरस से बचाव के लिए सरकार द्वारा सावधानी बरतने की सलाह दिया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना वायरस का नामकरण ‘COVID-19’ किया गया। 11 फरवरी 2020 को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इसे आधिकारिक तौर पर ‘COVID-19’ के रूप में बदल दिया गया है।

ऐसा कहा जाता है की यह बीमारी दुनिया के लिए बहुत गंभीर खतरा है , लेकिन इसे रोकने के यथार्थवादी मौका था।

नामकरण के पीछे का कारण यह था कि ‘CO’ कोरोना वायरस के लिए खड़ा है तथा ‘VI’ वायरस के लिए खड़ा है। ‘D’ बीमारी के लिए है और संख्यात्मक ’19’ उस वर्ष दिसंबर 2019 के लिए है जिसका पता चला था।

WHO के अनुसार उन्हें उस वायरस का नाम ढूंढना था जो किसी विशेष जानवर, भौगोलिक स्थिति व्यक्ति या यहां तक कि लोगों के समूह का उल्लेख नहीं करता है और वायरस से संबंधित था।

2015 में जारी किए गए दिशानिर्देशों के एक सेट के तहत WHO इबोला और जीका जैसे स्थानों के नाम का उपयोग करने के खिलाफ सलाह देते हैं, जहां उन बीमारियों की पहले किया जा चुका है, क्योंकि वो अब अनिवार्य रूप से जनता के दिमाग से जुड़ चुका है।

कोरोना वायरस ऐसा संक्रमित बीमारी है जिसमें व्यक्ति को सर्दी-जुकाम और सांस लेने में समस्या होती है। यदि किसी इंसान को कोरोना हुआ है तो वायरस उस व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत जल्दी पहुंचता है इसलिए इससे बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए कहा जाता रहा है। सरकार सामाजिक दूरी को बनाए रखने पर भरपूर जोर दे रही है ताकि इस वायरस से बचा जा सके। यही कारण है कि पूरे देश में कई बार लॉकडाउन किया जा चुका है।

 

कोरोना वायरस बीमारी होने के लक्षण

  1. बुखार
  2. सर्दी और खासी
  3. गले में खराश
  4. शारीर में थकान
  5. सांस लेने में दिक्कत
  6. मांसपेशियों में जकड़न
  7. लंबे समय तक थकान
  8. खुद को कोरोना से कैसे बचाएं

कोरोना वायरस बीमारी के लक्षणों की बात की जाती तो यह सामान्य सर्दी-जुकाम या निमोनिया जैसा होता है। इस वायरस से संक्रमित होने के बाद जुकाम, बुखार, नाक बहना और गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ जैसी कई समस्याएं होती हैं। यह वायरस एक से दूसरे व्यक्ति में बहुत आसानी से फैलता है, इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। यह वायरस दिसंबर में सबसे पहले चीन में सामने आया था और तब से यह बड़ी तेजी से दूसरे देशों में भी पहुंच चुका है और कितने ही लोग इससे मारे जा चुके हैं।

कोरोना वायरस का संक्रमण बड़ी आसानी से फैलता जाता है और इसकी अब तक कोई सार्थक दवा नही बन पाया है जो पूरी तरीके से इस बीमारी को खत्म कर सके, इस लिये इसे बहुत घातक रोग की श्रेणी में रखा गया है। कोरोना के मामले दिन प्रति दिन पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। डब्लू एच ओ ने इस बीमारी महामारी घोषित कर दिया है।

 

कोरोना से बचने के लिए निम्न उपाय हैं।

  • कोरोना से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग नियम का पालन करना आवश्यक है।
  • हाथों को बार-बार अच्छे साबुन या हैंडवाश से धोना और साफ – सफाई का पूरा ख्याल रखना है।
  • मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना।
  • हाथ मिलाने की बजाय हाथ जोडकर नमस्ते करने की आदत बनाएं।
  • घर में लाई गई किसी भी चीज को पहले अच्छी कराह सैनिटाइज करके ही उसका इस्तेमाल करें।
  • मोबाइल व लैपटॉप को भी समय-समय पर अच्छे से साफ करते रहें।
  • चेहरे और आंखों पर हाथों से टच न करें । यदि आपकी चेहरे को बार-बार टच करने की आदत है, तो इसे तुरंत ही बदलें।
  • छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से अवश्य ढंकें।
  • इस्तेमाल किए गए टिशू को तुरंत बंद डिब्बे में फेंकें फिर उसका इस्तमाल दोबारा न करें ।
  • अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाएं जिसके लिए आप अपनी डाइट में पौष्टिक चीजों को शामिल करके उसको रेगुलर रखने की भरपूर कोशिश करें ।
  • दिन भर में कम से कम 1 बार हल्दी वाले दूध का सेवन जरूर करें तथा गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें ।
  • पानी को गुनगुना करके ही पिए।
  • अपने शारीरिक तापमान और श्वसन लक्षणों की जांच नियमित रूप से किया करें।
  • अंडे और मांस के सेवन से बचें।
  • जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचना चाहिए।
  • अल्‍कोहल आधारित हैंडवॉश और सेनेटाइजर का इस्‍तेमाल भी किया जा सकता है।
  • जिन लोगों को बुखार, कफ या सांस में तकलीफ होती है, उन्हें मास्क पहनना आवश्यक है और उन्हें तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

लगभग 18 साल पहले सार्स वायरस भी ऐसा ही खतरा बना था। 2002-03 में सार्स की वजह से पूरी दुनिया में 700 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। पूरी दुनिया में हजारों लोग इससे संक्रमित हुए थे। इसका असर आर्थिक गतिविधियों पर बहुत ज्यादा पड़ा था। कोरोना वायरस के बारे में अभी तक इस तरह के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं कि कोरोना वायरस चिट्ठी, पार्सल  या खाने के जरिए भी फैलता है। कोरोना वायरस जैसे वायरस शरीर के बाहर बहुत ज़्यादा समय तक सक्रिय नहीं रह सकते हैं।

कोरोना वायरस से बचने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। दुनिया भर के शोधकर्ता तथा वैज्ञानिक इस वायरस से छुटकारा पाने के लिए दवा बनाने में जुटे हुए हैं। सरकार द्वारा लगातार इस खतरनाक बीमारी से बचने के लिए कई कठोर कदम उठाए जा रहे हैं ताकि इस महामारी से छुटकारा पाया का सके। वर्तमान में भारत, रूस समेत अन्‍य कई देशों ने वैक्‍सीन जारी किया है। भारत द्वारा 2 वैक्‍सीन का निर्माण किया गया है। कोविशील्‍ड वैक्‍सीन, इस वैक्‍सीन का उत्‍पादन भारत में सीरम इंस्‍टीट्यूट द्वारा किया जा रहा है। कोवैक्‍सीन, इस वैक्‍सीन का उत्‍पादन भारत बायोटेक द्वारा किया जा रहा। हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि हम नियमों का अच्छे से पालन करें ताकि हम अपने देश को इस बीमारी से रोगमुक्त कर सकें।

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