डिप्टी कलेक्टर कैसे बने | Deputy Collector kaise bane

मेरा नाम रक्षा कुमारी है, मेरा जन्म बिहार के अरवल जिले में हुआ है। मेरी रुचि शुरुआत से ही हिंदी और अंग्रेजी साहित्य में रही है।

आज हम जानेंगे डिप्टी कलेक्टर कैसे बने पूरी जानकारी (How To Become Deputy Collector In Hindi) के बारे में क्योंकि आपने कई लोगों के मुंह से यह बात सुनी होगी कि Deputy Collector बनने के लिए व्यक्ति को काफी ज्यादा पढ़ाई करनी पड़ती है, क्योंकि डिप्टी कलेक्टर बनना कोई आसान बात नहीं होता है। जहां तक हमारे अनुसार देखा जाए तो यह बात बिल्कुल सच है। हर साल इंडिया में लाखों विद्यार्थी डिप्टी कलेक्टर बनने की एग्जाम में शामिल होते हैं परंतु जिन्होंने अच्छे से अपनी स्टडी की होती है, और पूरा ध्यान लगाकर अपनी पढ़ाई की होती है वही सिर्फ इस एग्जाम को क्रैक कर पाते हैं, और सिर्फ वही बच्चे डिप्टी कलेक्टर की एग्जाम को पास करके सभी प्रक्रिया को पूरी करके डिप्टी कलेक्टर बनने का अपना सपना साकार कर पूरा पाते हैं, क्योंकि कोई भी चीज आसानी से हमें हासिल नहीं होती है। हमें उस चीज को पाने के लिए मेहनत और परिश्रम करना ही होता है, साथ ही अपना समय भी देना पड़ता है।

भारत के किसी भी राज्य का किसी भी जिले का, जो मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होता है, उसे ही Deputy Collector कहा जाता है। यह एक गवर्नमेंट नौकरी होती है, साथ ही जो भी व्यक्ति इस पद पर सिलेक्ट होता है, वह काफी मेहनत करने के बाद इस पद को प्राप्त करता है, क्योंकि डिप्टी कलेक्टर बनना इतना आसान नहीं होता है।

जिस प्रकार इस दुनिया में कोई भी काम असंभव नहीं है, उसी प्रकार डिप्टी कलेक्टर बनना भी असंभव कार्य नहीं है। हालांकि यह थोड़ा मुश्किल हो सकता है, परंतु प्रयास करने पर आप इस क्षेत्र में अवश्य सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

 

डिप्टी कलेक्टर कैसे बने | Deputy Collector kaise bane

 

डिप्टी कलेक्टर बनने की योग्यता

जो भी उम्मीदवार डिप्टी कलेक्टर का पद प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें उनके लिए कुछ योग्यताएं भी पूरी करनी होंगी, जिनकी जानकारी इस प्रकार है।

डिप्टी कलेक्टर बनने के लिए विद्यार्थी को इंडिया के किसी भी सर्टिफाइड इंस्टिट्यूट से किसी भी स्ट्रीम में अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री को पूरा करना पड़ेगा।

इसके साथ ही ग्रेजुएशन में उसके कम से कम 55% से ज्यादा अंक होने चाहिए।

  1. ग्रेजुएशन पूरी करें

ऐसे महिला और पुरुष अभ्यर्थीगण जो डिप्टी कलेक्टर बनने की इच्छा रखते हैं, उन्हें इंडिया के किसी भी सर्टिफाइड इंस्टिट्यूट से कम से कम 55 परसेंट अंकों के साथ अपने ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करनी होगी। वह अपनी ग्रेजुएशन किसी भी सब्जेक्ट को रख करके पूरी कर सकते हैं।

  1. प्रारंभिक एग्जाम में शामिल हो

ग्रेजुएशन को कंप्लीट करने के बाद महिला और पुरुष अभ्यर्थियों को पीसीएस एग्जाम के लिए अप्लाई करना होता है, जो हर स्टेट के द्वारा ली जाती है।पीसीएस एग्जाम के लिए अप्लाई करने के बाद महिला और पुरुष अभ्यर्थियों को Deputy Collector की प्रारंभिक एग्जाम में शामिल होना पड़ता है।  इस एग्जाम में नेगेटिव मार्किंग होती है और टोटल 2 क्वेश्चन पेपर के आंसर इस एग्जाम में परीक्षार्थियों को देने होते हैं।

इस परीक्षा में प्रत्येक क्वेश्चन पेपर 200-200 अंकों का होता है तथा हर क्वेश्चन पेपर को देने के लिए दो-दो घंटे का टाइम दिया जाता है। इसमें जो पहला क्वेश्चन पेपर होता है, वह 100 नंबर का और दूसरा वाला क्वेश्चन पेपर 150 नंबर का होता है।

  1. मुख्य एग्जाम को पास करें

प्रारंभिक एग्जाम को सफलतापूर्वक पास करने के बाद अभ्यर्थियों को इसके मुख्य एग्जाम में शामिल होने का मौका मिलता है। इस परीक्षा में उन्हें टोटल 8 क्वेश्चन पेपर देने होते हैं, इसमें से 2 क्वेश्चन पेपर ऑप्शनल सब्जेक्ट होते हैं। इसमें सभी क्वेश्चन पेपर के मिलाकर टोटल 1500 अंक होते हैं।

  1. इंटरव्यू को पास करें

प्रारंभिक एग्जाम और मुख्य एग्जाम को पास करने के बाद अभ्यर्थी को सबसे आखिरी राउंड यानी की इंटरव्यू में शामिल होना पड़ता है।इस इंटरव्यू के अंदर मुख्य तौर पर अभ्यर्थी की पर्सनैलिटी और उसकी मानसिक तर्क की क्षमता को देखा जाता है।इस इंटरव्यू के अंदर अभ्यर्थियों से और अन्य कई प्रकार के क्वेश्चन पूछे जाते हैं। यह इंटरव्यू टोटल 100 अंकों का होता है। जो अभ्यर्थी इस इंटरव्यू को क्लियर कर लेते हैं, उन्हें ट्रेनिंग पर भेजा जाता है और ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उन्हें डिप्टी कलेक्टर की पोस्ट दी जाती है।

 

डिप्टी कलेक्टर बनने के लिए आयु सीमा

जैसा कि आप जानते हैं कि, हमारे देश में कुछ वर्गों को भारतीय संविधान के द्वारा आरक्षण दिया गया है। इस प्रकार डिप्टी कलेक्टर बनने के लिए अलग-अलग वर्गों के लिए अलग-अलग एज लिमिट निर्धारित है, जिनकी जानकारी निम्नानुसार है।

जरनल वर्ग के महिला और पुरुष अभ्यर्थी कम से कम 21 साल और ज्यादा से ज्यादा 32 साल तक Deputy Collector बनने की कोशिश कर सकते हैं।

अन्य पिछड़ा वर्ग के लोग कम से कम 21 साल और ज्यादा से ज्यादा 35 साल तक डिप्टी कलेक्टर बनने का प्रयास कर सकते हैं।

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोग कम से कम 21 साल और अधिक से अधिक 37 साल तक Deputy Collector बनने का प्रयास कर सकते हैं।

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