एलोन मस्क की जीवनी दूसरा भाग

मेरा नाम रक्षा कुमारी है, मेरा जन्म बिहार के अरवल जिले में हुआ है। मेरी रुचि शुरुआत से ही हिंदी और अंग्रेजी साहित्य में रही है।

 मार्च ने 2000 एलोन मस्क ने पेपैल को खरीद लिया । पेपाल  एक ऑनलाइन बैंक से लोगों के द्वारा मनी ट्रांसफर की एक नई वेबसाइट टेक्नोलॉजी थी जिसकी मदद से लोग एक दूसरे के बीच में पैसा ट्रांसफर कर सकते थे और धीरे-धीरे पेपैल ने काफी अच्छी रफ़्तार पकड़ ली और एक ग्लोबल पेमेंट ट्रांसफर प्रोवाइडर के रूप में सामने आए। इसी के साथ जब एक्स डॉटकॉम को पेपैल के साथ मिलाया गया। 2001 तक पेपैल के इस्तेमाल को बहुत ही रफ्तार मिल गई इबे की बदौलत, जो एक ऑनलाइन वेबसाइट थी जिसमें लोगों के बीच में बहुत सारे सेल्स हुआ करते थे जहां पर लोग अपने सामान को दूसरों को साथ बेच सकते थे एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से। इसी के साथ पेपैल उनकी मदद करता था ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने में जिससे पेपैल के उपभोगकर्ता काफी बढ़ने लग गए, इसी के साथ 2002 में पेपैल को  शेयर मार्केट में उतार दिया गया और वहा से 1.5 मिलियन डॉलर की मार्केट इवैल्यूएशन जोड़ ली। उनमे से सबसे बड़ा शेयर होल्डर एलोन मस्क था और उनके पास 11.5% था अपनी कंपनी का और जिसकी वजह से उनके हाथ में 165 मिलियन आ जाते । 

और इसी प्रकार से एलोन मस्क ने अपनी तीसरी कंपनी की स्थापना करी जिसका नाम उन्होंने स्पेस एक्स रखा। इसके बदौलत एलोन मस्क स्पेस में जाकर एक्सप्लोरेशन का काम करना चाहते थे। उन्होंने अपने पहले रॉकेट बनाना शुरू कर दिया, जिसमे कई सारे एक्सपीरियंस्ड इंजीनियर और टेक्निकल लोगों के साथ जो कि बोइंग और पीआरडब्ल्यू कंपनियों में काम करते थे उनको स्पेस एक्स में बुलाया।  स्पेसएक्स के साथ एक दिक्कत थी कि उसे फंडिंग के लिए लोग नहीं मिल पाते थे क्योंकि स्पेस एक्स पहली कंपनी थी जो स्वयं के राकेट बनाती और लोग इसमें पैसे लगाने से डरते थे। यह इसके कारण स्पेसएक्स को पैसे बनाने में काफी दिक्कत हो रही थी और एलोन मस्क के पास जितने भी पेपैल  से पैसे आए थे उसी को इस रॉकेट को बनाने में लगा दिया। 

 नासा जेपी कंपनी के साथ कांटेक्ट करती थी वह नासा को  $258 बिलियन चार्ज करती थी, नासा के सामान को स्पेस स्टेशन में को पहुंचाने तक अपने लॉकेट के द्वारा।  जब  एलोन मस्क ने अपने  रॉकेट का इस्तेमाल करना शुरू किया तो उन्होंने उसी कार्य को $60000 के अंदर ही पूर्ण कर दिया जो कि कंपनियां $250 बिलियन के अंदर कर पाती थी तो इस कारण स्पेस एक्स से नासा का एक बहुत बड़े कांट्रेक्टर बन गई। 

एलोन मस्क अपनी कंपनी के साथ मार्च को एक इंसान के लिए रहने की जगह बनाने के लिए कार्य कर रहे है और 2022 में स्पेसएक्स अपना सबसे पहला राकेट को मिशन मार्स के लिए लॉन्च करने वाला है जिसकी मदद से मार्स  को रहने की जगह में परिवर्तित कर जाएगा। 

 इसके बाद एलोन मस्क ने 2004 में टेस्ला मोटर्स जो एक इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनी थी उसके एक बड़े  इन्वेस्टर भी बन गए बन गए। एलोन मस्क पहले से ही बिजली से चलने वाली कारों में काफी दिलजस्पी रकते थे और वह ट्रांसपोर्टेशन बिजनेस में भी अपना हाथ जमाने की सोच रहे थे और उन्होंने इससे बढ़िया मौका नहीं पाया उन्होंने टेस्ला मोटर्स में निवेशक बंद कर कंपनी के अंदर अपना दाखिला करवाया। उसके बाद उन्होंने उसका नाम बदलकर टेस्ला भी कर दिया।  2006 में अपनी सबसे पहली कार को निकाला।  2010 में कंपनी को स्टॉक मार्केट में दर्ज कराकर इनिशियल पब्लिक आफरिंग से 226 मिलियन डॉलर की फंडिंग हुई।  2 साल बाद टेस्ला ने अपनी दूसरी गाड़ी मॉडल सेडान भी निकाली जो अपने डिजाइन और परफॉर्मेंस के लिए काफी जानी गई फिर उसके बाद उन्होंने 2015 में मॉडल एक्स लग्जरी एसयूवी भी निकाली और साथ ही मॉडल 3 जो कि बहुत ही सस्ते दाम पर चलने वाली कार थी। मस्क अपने कंपनी के पब्लिक होने की वजह से परेशान भी थे और वे चाहते थे कि वह अपनी कंपनी को पब्लिक से प्राइवेट में कर दे इसके कारण उनकी और उनके कंपनी और स्टॉक मार्केट है सिक्योरिटी के बीच में काफी झड़प भी हुई और आखरी में एलोन मस्क को कंपनी से 3 साल के लिए चेयरमैन के पोस्ट से हटाकर हटा दिया गया था परंतु वे अभी भी सीईओ रह सकते थे कंपनी के इसके बाद। 

 इसके बाद एलोन मस्क जो बहुत ही असंतुष्ट थे एक हाई स्पीड रेल सिस्टम के प्रोजेक्ट से जोकि कैलिफोर्निया में बन रहा था और जिसकी फाइनेंस 68 बिलियन डॉलर की थी।  मस्क ने 2013 में यह कहा कि इससे वह बेहतर सिस्टम डिवेलप करेंगे इसका नाम उन्होंने हाइपरलूप रखा।  यह एक प्रकार की ट्रेन थी जिसमें लोगों को एक कोर्ट में बैठा कर ट्रेवल करवाया जाता एक बार में 28 लोग 560 किलोमीटर सिर्फ 35 मिनट में जा सकते थे और वह भी 1220 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जो लगभग सुनने की गति के ध्वनि की गति है। उसने यह भी कहा उनका यह प्रोजेक्ट 6 बिलियन डॉलर ही लगेगा और इसमें हर 2 मिनट के अंदर ट्रेन अपने स्थान को छोड़कर अगले ट्रेन का लिए तैयार हो जाएगी यह सिस्टम 6 मिलियन लोगों को ले जा सकता था एक साल में।  

 इसी के साथ एलोन मस्क की एक और कंपनी जो कि जिसका नाम ओपन एआई है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को एक काबू तरीके के प्लेटफार्म पर रखकर इंसान के द्वारा इस्तेमाल के लिए बनाई गया एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्लेटफार्म है। एलोन मस्क कहते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चल आगे चलकर अपना खुद का जब दिमाग आ जाएगा तब वह किसी के लिए खतरा ना बने इसकी देखभाल करना जरूरी है और इस जरूरत को पूरा करने के लिए उन्होंने इस ओपन का भी इंतजाम किया है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के ताकत पास एकत्रित नहीं होने देता कि कुछ समय बाद वह अपनी ताकत से लोगों को ही दबाने चालू कर दे। 

एलोन मस्क की कंपनी जिसका नाम न्यूरलिंक है उसके अंदर भी एलोन मस्क नैनो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर ही। जो इंसान के दिमाग के अंदर कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर को चलाने की क्षमता प्राप्त करने के लिए कंपनी को 2016 में स्थापित किया था। जिसकी मदद से वह इंसान के दिमाग को कंप्यूटर के साथ जोड़ सके। वह इंसान के दिमाग की मेमोरी को और और भी बढ़ाने के भी काबिल हो जाएगा, कार्य करने लगेगा इसलिए यह बहुत जरूरी है कि इंसान कंप्यूटर के साथ तालमेल बैठाने के तरीके शुरू कर दे नहीं तो आगे चलकर इंसान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का साथ नहीं दे पाएगा। 

एक समय था जब इलॉन मस्क अपने टेस्ला कंपनी के लिए काफी सारे न्यूज़ रिपोर्टर के द्वारा बहुत ही तंग किया जा रहा था और टेस्ला की कंपनी को प्रेस के द्वारा बहुत ही ज्यादा टारगेट किया जाता था, जिससे इलॉन मस्क बहुत ज्यादा परेशान हो चुके थे। कुछ समय बाद इलॉन मस्क ने ट्विटर पर यह भी बताया कि वह वेबसाइट बनाएंगे जिसमें न्यूज़ के आर्टिकल के अंदर सच्चाई है उसको भी जज कर पाएंगे और इसके लिए उसने प्रवृग डॉटकॉम के नाम से एक वेबसाइट भी लांच करी इसमें प्रवृग शब्द सोवियत यूनियन कमलेश पार्टी के अखबार के नाम से लिया गया है यहां जनरलिस्ट और अखबार के लोगों ने इस वेबसाइट को काफी तो गलत तरीके से देखा और कहा कि इस वेबसाइट का गलत उपयोग भी किया जा सकता है। 

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