ईमेल क्या है ? – Email Kya Hota Hai जानिए Email Ka Matlab

मेरा नाम रक्षा कुमारी है, मेरा जन्म बिहार के अरवल जिले में हुआ है। मेरी रुचि शुरुआत से ही हिंदी और अंग्रेजी साहित्य में रही है।

आज के समय में शायद ही कोई ऐसा होगा जिसने ईमेल (E- mail) का नाम न सुना हो। अगर वह इंटरनेट का इस्तेमाल करता है तो  उसको ईमेल के बारे में अवश्य पता होगा। जो लोग जॉब करते हैं, वो लोग भी ईमेल का इस्तेमाल अपनी मेल को चेक करने के लिए करते हैं, बाकि लोग भी अपने फॅमिली मेंबर्स या अन्य लोगो को मेल भेजने के लिए ईमेल का इस्तेमाल करते हैं। ईमेल हम लैपटॉप या कंप्यूटर पर चेक करते हैं, अब तो हमारे मोबाइल में भी ईमेल चेक करने की सुविधा है।  हम कभी भी मोबाइल पर अपना ईमेल चेक कर सकते हैं। आज के इस आर्टिकल में हम आपको ईमेल के बारे में बताते हैं।

 

ईमेल क्या है (What is an email) ?

ईमेल आज के युग का कम्युनिकेशन (communication) के लिए सबसे बड़ा साधन है। ये पोस्टल मेल या टेलीफोन से ज्यादा सुविधाजनक तथा भरोसेमंद होता है।  इसके द्वारा हम  टेक्स्ट (Text), फाइल्स (files), फोटो (Images), वीडियो (video) या कोई attachments हो, किसी specific individual या group of individuals को भेजा जा सकता है।

ईमेल को भेजने के लिए हमें एक अड्रेस की जरुरत होती है, जिसको ईमेल एड्रेस (email address)  बोलते हैं।  यह एक तरह का वर्चुअल एड्रेस (virtual address) होता है। जिसको हमें मेल भेजनी होती है, ईमेल एड्रेस में उसको ही लिखते हैं, तो हमारी  मेल उसी एड्रेस में जा कर खुलती है। ईमेल को Email, E-mail या  electronic mail भी कहते हैं।

कोई भी ईमेल एड्रेस २ चीजों से मिल कर बना होता है, पहले भाग में, इसमें कस्टम username होता है, तथा बाद में सर्विस देने वाली साइट का डोमेन नाम होता है। और ये दोनों नाम “@” की help से जुड़े होते है। मान  लो, मेरा नाम XYZ  है तथा मेरी ईमेल Id Gmail पर बनी हुई है, तो मेरा ईमेल address हुआ  [email protected]

दुनिया का सबसे पहला e-mail “Ray Tomlinson”के द्वारा सन 1971 में सबसे पहली बार भेजा गया था। Tomlinson ने उस e-mail को खुद को ही भेजा था।  उन्हें ईमेल का जन्मदाता भी कहा जाता है।

 

ईमेल कैसे लिखा जाता है  (How to write an email ) ?

एक e-mail मैसेज को लिखने के लिए इसकी कुछ technical terms का भी इस्तमाल होता है, जिसके विषय में जानना बहुत ही जरुरी होता है जैसे की

“To” field – यहाँ पर  आपको उस व्यक्ति का e-mail address type करना होता है जिसे आप message भेज रहे हैं।

“From” field – जिसमें की आपका e-mail address होना चाहिए।

रिप्लाई (reply) – यदि  आप किसी email को reply भेज रहे हैं, तब तो To और From fields automatically ही fill हो जाते हैं। वहीँ अगर यह एक new message होता है, तब आपको सभी चीज़ों को खुद से भरना पड़ता है।

Subject – इस में आपको email के विषय में कुछ लिखना होता है जो की email के बारे में बताये। यह Subject ही है जो की recipient को ये याद दिलाता है की e-mail किस चीज़ के विषय में है, बिना ईमेल को open किये ही और full e-mail को पढ़े। वैसे ये field optional होता है, मतलब हम ये न भी लिखे तो भी हमारी मेल चली जाएगी।

CC (“Carbon Copy”) field – इसमें हम उनका एड्रेस डालते हैं, जिनको हम डायरेक्ट मेल नहीं करना चाहते, लेकिन चाहते हैं की एक कॉपी उनके पास ही चली जाये, उनकी इनफार्मेशन के लिए। ये field भी optional होता है।

BCC (“blind carbon copy”) फील्ड – ये भी CC के तरह ही होता है, लेकिन इसमें recipients secret रहते है। सभी BCC recipient को email तो मिलेगा लेकिन वो ये नहीं देख पाएंगे की और किन किन को इस मेल की copy मिली है। ये field भी optional होती है।

Message Body –  ये वो जगह होती है जहाँ की आप अपना mail message type करते हैं, इसमें bottom में आप अपना सिग्नेचर भी डाल सकते हैं।

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