वर्षा ऋतु पर निबंध | Essay on Rainy Season in Hindi

मेरा नाम रक्षा कुमारी है, मेरा जन्म बिहार के अरवल जिले में हुआ है। मेरी रुचि शुरुआत से ही हिंदी और अंग्रेजी साहित्य में रही है।

अप्रैल-मई के चिलचिलाती हुई धूप और भीषण गर्मी के बाद जुन-जुलाई में वर्षा ऋतु का आगमन होता है, और आम लोग गर्मी से राहत की सांस लेते है। यह सुहाना मौसम जून से सितम्बर तक रहता है। वर्षा की फुहारें बेहद आनंद और सुकून देने वाली होती हैं। इंसानों से लेकर हर जीव जंतु तो इस मौसम का बेसब्री से इंतजार करते हैं।

इस मौसम में अक्सर आसमान में बादलों में काली-भूरी घटायें छाई रहती हैं और जब कभी मौसम साफ़ होता है तो पूरा आसमान नीला और मनमोहक दिखाई देता है। इन्द्रधनुष को हम कैसे ही भूल सकते हैं, वही सात रंगों वाला इंद्रधनुष, यह मनमोहक दृश्य सिर्फ और सिर्फ बारिश के मौसम में ही तो दिखाई देते हैं। पूरी धरती हरी-भरी हो जाती है, बारिश की वजह से मिट्टी से सौंधी-सौंधी खुशबू तथा पक्षियों की सुंदर चहचाहट मन को मोह लेती हैं।

भारत में लगभग छः ऋतुएं आती हैं, जिनमे से वर्षा ऋतु का अपना एक अलग खास महत्त्व होता है। वर्षा ऋतु को ऋतुओं की रानी कहा जाता है। हमारे देश में वर्षा ऋतु का समय लगभग जून-जुलाई से सितम्बर तक होता है।

मुख्य रूप से श्रावण का महिना ऐसा महीना होता है जब भारत में मानसून सबसे अधिक सक्रिय हो जाता है। जून की झुलसा देने वाली गर्मी और गर्म हवाओं से राहत तभी मिलती है जब वर्षा ऋतु अपने फुहारें धरती पर बिखेरती हैं। संपूर्ण धरती की प्यास बुझ जाती है, तथा सूखे हुए पेड़ पौधों को फिर से नया जीवन मिल जाता है, तालाब, जलाशय, नदी-नाले आदि पानी से भर जाते हैं।

बरसात का मौसम जब आता है तो हर तरफ चारो ओर हरियाली छाई रहती है, चिड़िया चहचहाने लगते हैं, मेंढक टर्राने लगते हैं, जंगली-जानवर भी चैन की सांस लेते हैं मानो सभी जीव-जंतुओं को इसी मौसम का बेसब्री से इंतजार होता है। पपीहे की पीहू-पीहू की आवाज बहुत ही प्यारी लगती है, रात में जुगनू भी दिखाई देते हैं और झींगुर की झंकार भी सुनने को मिलता है ऐसा लगता है मानो सम्पूर्ण प्रकृति खुश होकर गाने लगती हो।

 

वर्षा ऋतु की विशेषताएं

कृषि करने के लिए बारिश का मौसम ही अनुकूल माना जाता है, क्योंकि गर्मी में धरती में जल स्तर के कम होने और जलाशय के सूखने के बाद इसी मौसम में सिंचाई के लिए पानी का प्रबंध हो पाता है। यह ऋतु सिर्फ इंसानों के लिए ही वरदान नही है, बल्कि यह सूखे हुए पेड़-पौधों और गर्मी से व्याकुल पशु-पक्षियों में भी नई जान डाल जाती है।

इस मौसम में जंगलों का नजारा बेहद अनोखा और सुंदर होता है, आपने मोर के बारे में तो अवश्य हो सुना होगा। जब भी काले बादल आसमान में छाने लगते हैं तो ये अपने खूबसूरत पंखों को फैलाकर नाचने करते हैं, गर्मी में बेहाल और प्यासे जानवर पहली बारिश से राहत महसूस करते हैं।

 

वर्षा ऋतु से लाभ और हानि

वर्षा ऋतु में खेतों में हरियाली आ जाती है, बीजों से अंकुरण निकल आता है, किसानों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। धरती का जल स्तर भी बढ़ जाता है इससे पानी की कम दूर हो जाती है। अगर वर्षा ऋतु न आये तो हमारे पास अनाज की कमी हो जाएगी जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो जायेगा।ग्रीष्म ऋतु की असहनीय गर्मी को कम करके वातावरण में ठंडक लाता है।

कृषि के लिए अनुकूल मौसम बनता है, और किसानो को अपने खेत की सिंचाई के लिए पानी मिल जाता है।

सूखे हुए तालाब नदी-नाले, और पोखर आदि पानी से भर जाते हैं।

बारिश के जल का संचयन करके पूरे वर्ष के लिए पानी बचाया जा सकता है।

निरंतर बरसात होते रहने से भू-जल स्तर में भी सुधार होता है।

हर जगह पर्यावरण हरा-भरा हो जाता है।

गाय-भैंस और जानवरों के लिए हरे हरे चारे का प्रबंध हो जाता है।

बेशक वर्षा ऋतु का हमारे जीवन में बहुत महत्त्व है, लेकिन फायदों के साथ-साथ इस मौसम के कुछ नुकसान भी हैं। अत्यधिक बारिश होने से बाढ़ आ सकता है नदी नालों में उफान आ जाता है। गावों से लेकर शहर तक जलमग्न हो सकते हैं इससे जानमाल की बहुत हानि होती है।मिटटी गीली हो जाती है जिससे कीचड और गन्दगी फ़ैल जाती है।

अधिक बारिश से कहीं भी जाने-आने में परेशानी होती है।

नदी के बगल के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा रहता है।

कई तरह के संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा होता है।

छोटे-छोटे गड्ढों में पानी जमा हो जाते हैं और वहां कई विषैले मच्छर पैदा हो जाते हैं।

 

वर्षा ऋतु में आने वाले त्योहार

वर्षा ऋतु तीज-त्योहारों का भी मौसम है, भारत में अधिकतर त्योहार इसी समय कई सारे त्यौहार मनाये जाते हैं जैसे:

  • रक्षाबंधन – यह भाई-बहन के प्यार को प्रदर्शित करने वाला हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है।
  • तीज – यह हिन्दू महिलाओं द्वारा अपने पति की लम्बी उम्र के लिए किया जाने वाला व्रत है।
  • जन्माष्टमी – कृष्ण जन्मोत्सव का यह त्यौहार बेहद रौनक साज सज्जा के साथ हिन्दुओ द्वारा पूरे देश में मनाया जाता है।
  • श्री कृष्ण जयंती – यह भी पूरे भारत में काफी धूम-धाम से मनाया जाता है।
  • ईद उल जुहा – यह मुस्लिमों का एक प्रमुख त्यौहार है।
  • प्रकाश वर्ष – पंजाब में इस पर्व को धूमधाम से मनाया जाता है।
  • मुहर्रम – यह सिया मुस्लिमों का प्रमुख त्योहार है।
  • ओणम – ओणम केरल राज्य का प्रमुख त्योहार है।
  • गणेश चतुर्थी – इस पर्व को भी पूरे भारत में बड़े उत्साह के साथ हिन्दुओं द्वारा मनाया जाता है।

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