फास्ट फूड बिजनेस कैसे शुरू करें? | Fast Food Business Plan in Hindi

मेरा नाम रक्षा कुमारी है, मेरा जन्म बिहार के अरवल जिले में हुआ है। मेरी रुचि शुरुआत से ही हिंदी और अंग्रेजी साहित्य में रही है।

यदि आपको कुकिंग पसंद है और आप अपना खुद का के व्यवसाय की शुरुआत करना चाहते है, तो आप अपना स्वयं का फास्ट फूड का व्यवसाय आसानी से शुरु कर सकते हैं। अपना स्वयं का फास्ट फूड का रेस्टोरेंट खोलना या स्टॉल लगाना एक बहुत ही अच्छा आईडिया है क्योंकि आजकल लोग अपनी व्यस्त दिनचर्या के कारण ऐसी जगहों पर जाना बहुत पसंद करते है।

आजकल फास्ट फूड रेस्टोरेंट को क्विक सर्विस रेस्टोरेंट  के नाम से भी जाना जाता है, यहाँ पर ग्राहकों को अपना आर्डर करने के बाद इंतजार नहीं करना पड़ता, बल्कि उन्हें तुरंत आर्डर करते से अपना खाना तैयार मिलता है। आज की इस व्यस्त दिनचर्या में इस तरह के रेस्टोरेंट काफी चलन में है।

परंतु आज के समय में फास्ट फूड का बिजनेस स्टार्ट करना और उसमे सफलता पाना इतना आसान भी नहीं है। तो आइए आपको इस व्यवसाय से संबंधित कुछ जानकारी देते हैं।

फास्ट फूड बिजनेस कैसे शुरू करें? | Fast Food Business Plan in Hindi

फास्ट फूड व्यवसाय के लिए टिप्स

सर्वप्रथम आपको एक अच्छा सी प्लानिंग करनी होगी। अच्छे बिजनेस प्लान के लिए बहुत सारी बातें बिजनेस कैसे स्टार्ट करना है खर्चा प्रॉफिट और अपने ग्राहकों का अनुमान लगाना होगा। इसके अलावा आपको लाइसेंस सरकार की तरफ से परमिट आदि बातों का भी ध्यान रखना होगा और आपको फूड विभाग से संबंधित लाइसेंस भी लेना होगा।

इसके लिए आपको सर्वप्रथम अपने क्षेत्र के फूड ऑफिस को जाकर जानकारी लेनी होगी और अपने दस्तावेज प्राप्त करने होंगे आपको यह लाइसेंस लाइसेंस प्राप्त होने के पहले फूड विभाग आपके सामान और जगह का परीक्षण करेंगे।

एक फास्ट फूड बिजनेस की शुरुआत करने के लिए आपको 5 लाइसेंस की जरुरत होती है। जिनमे fssai के द्वारा फूड लाइसेंस, लोकल मुन्सिपलिटी द्वारा हेल्थ लाइसेंस, सेफ्टी लाइसेंस, पुलिस विभाग की तरफ से लाइसेंस और जीएसटी आदि सारे लाइसेंस शामिल होते है।

इन सभी लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए आपको इन सबके ऑफिस जाना होगा, और इसके लिए आवश्यक कागजी कार्यवाही संपन्न करनी होगी। इन सब प्रक्रिया को पूरे होने में आपको लगभग 3 महीनें का वक्त लगेगा।

फास्ट फूड व्यवसाय के लिए लाइसेंस

अपने फास्ट फूड बिजनेस के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आपको फास्ट फूड सेफ्टी और स्टैंडर अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया की ऑफिशियल वेबसाइट www.fssai.gov.in पर विजिट करना होगा। यहाँ पर इसके लिए आपको लाइसेंस प्राप्त करने के लिए 50,000 रुपए इसकी फीस भरनी होगी।

अपना GST सर्टिफिकेट लेने के लिए आपको सीए से संपर्क करना होगा। हेल्थ और सेफ्टी सर्टिफिकेट के लिए मुन्सिपल कार्पोरेशन के ऑफिस जाना होगा यहाँ आपको सर्टिफिकेट के लिए आवश्यक फीस 3000 रुपए तक होगी।

मार्केटिंग आईडिया

किसी भी व्यवसाय को शुरू करने के लिए जो सबसे अहम चीज होती है वह है उसकी मार्केटिंग। जितना लोग आपके न्यू स्टार्टअप के बारे में जानेंगे उतना लोग आपसे जुडेंगे और आप तक आयेंगे।

स्थानीय फूड ब्लॉगर से संपर्क करे

आज के डिजिटल वर्ल्ड में यह मार्केटिंग का बहुत अच्छा विकल्प है। ब्लॉगर मुख्यतः सेम फील्ड के ब्लॉगर आपके बिजनेस को और अधिक पहचान दिलाने में सहायता करते है। इनके द्वारा आपके नये फास्ट फूड रेस्टोरेंट की जानकारी अपने लोगों तक पहुचाई जाती है और इनके अलावा इसे दूसरे जगह भी पब्लिसिटी मिलती है।

सोशल नेटवर्क के द्वारा मार्केटिंग

आज कल युवा वर्ग के साथ साथ हर वर्ग के लोग सोशल मीडिया पर किसी ना किसी तरह से एक्टिव रहते है। इसलिए अपने नये व्यवसाय की जानकारी लोगों तक पहुचाने का यह सबसे अच्छा जरिया होता है। इस सब के साथ सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की इस पर अपनी पब्लिसिटी करने के लिए आपको ज्यादा पैसा भी खर्चा करने की जरूरत नहीं पड़ता।

आकर्षक पंपलेट और लोगो डिजाईन

आपके व्यवसाय का लोगो बेहद आकर्षक होना चाहिये। इसी के साथ आप अपने व्यवसाय का विज्ञापन लोकल रेडियो एफएम, चैनल और पंपलेट के द्वारा भी कर सकते है। जिससे लोगों को इसके बारे में अधिक जानकारी मिलेगी।

कुल निवेश (Total investment)

एक छोटा सा नार्मल फास्ट फूड रेस्टोरेंट खोलने के लिए आपको ज्यादा निवेश करने की आवश्यक्ता भी नहीं होती है। यह लगभग 50 हजार से 1 लाख के बीच होता है, परंतु फिर भी यह राशि आपके ऊपर निर्भर करती है। यदि आप बडी जगह में ज्यादा व्यवस्थाओ के साथ बिजनेस चालू करना चाहते है तो खर्च तो ज्यादा होगा ही।

अगर आप किसी विशेष फूड ब्रांड का फ्रेंचाइजी ले रहें है तो इसके लिए निवेश राशि फ्रेंचाइजी देने वाले पर निर्भर करती है, इसके अतिरिक्त आपको इसके लिए उनकी शर्तो के अनुसार डिपाजिट भी करना होता है। हर फ्रेंचाइजी के अनुसार जमा की जाने वाली राशि और शर्ते भिन्न भिन्न होती है।

मुनाफा (Profit margin)

किसी भी व्यवसाय के लिए मुनाफा सबसे महत्वपूर्ण चीज है, इसी के लिए कोई भी व्यक्ति इतनी मेहनत करता है। जब हम अपने बिजनेस के लिए मुनाफे की बात करते है तो यह बहुत आवश्यक है की आप अपने सप्लायर के साथ अच्छी तरह से डील करे जो आपके व्यवसाय के लिए फायदेमंद साबित होगी। इसके अलावा आपको यह भी ध्यान रखना होगा कि आप अपने लिए उतना ही राशन खरीदे जितने की आपको अभी जरुरत हो, आवश्यक्ता से अधिक खरीदी करने से आपके पैसे ब्लाक हो जाते है।

अगर आप रेस्टोरेंट में चीजों की दाम फिक्स करने की बात करे तो, यदि आप अपना प्राइस 10 % कम रखते है तो आपको अपने बिजनेस को तीन गुना बढाना होगा तभी आप अपना टारगेट पुरा कर पायेंगे, और अगर यदि आप अपना प्राइस 10 % बढाकर रखते है तो आपके बिजनेस में कुछ प्रतिशत गिरावट आयेगी परंतु आप अपने फिक्स दाम के द्वारा इसे कवर लेंगे, इसके लिए आपको अपने ग्राहकों को उच्च स्तर की सेवा देनी होगी।

जोखिम

किसी भी तरह का व्यवसाय की शुरुआत करने से पहले आप इसमे आने वाले जोखिमो की सूची तैयार कर लेते है, तो यह आपको सफलता के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेगी और साथ ही साथ आप अपने रास्ते में आने वाले रिस्क से भी निपट पायेंगे। अधिक्तर जगह लोग अपने बिजनेस के लिए कई चीजों जैसे पूंजी निवेश, जगह , आदि को लेकर गलत अंदाजा लगाने के कारण उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है।

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