फ्रैंक विलियम ऐबेंग्नेल जूनियर

मेरा नाम रक्षा कुमारी है, मेरा जन्म बिहार के अरवल जिले में हुआ है। मेरी रुचि शुरुआत से ही हिंदी और अंग्रेजी साहित्य में रही है।

आज हम एक ऐसे शख्स के बारे में हम बात करने जा रहे हैं जिन्होंने कई मिलियन डॉलर का चेक बैंक से नकली दस्तावेजों और अपनी अकल की मदद से पार कर दिखाया।  साथ में नकली दस्तावेजों के बदौलत डॉक्टर की और साथ में पायलट की नौकरी भी प्राप्त कर ली थी।  जब उनका मामला सामने सामने आया और एफबीआई ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया तो एफबीआई के ही द्वारा उन्हें दस्तावेज धोखाधड़ी विशेषक के तौर पर काम मिल गया और अब उन्होंने एक अपनी कंपनी खोलकर दूसरे कमपनीओ को बैंक के चेक फ्रॉड से बचाने में सहायता करती है। 

फ्रैंक विलियम ऐबेंग्नेल जूनियर, पॉलेट एब्गैनल और फ्रैंक अबगनले सीनियर से जन्मे  4 बच्चों में से एक थे। उनके माता-पिता दूसरे विश्व युद्ध के दौरान एलजीएस में मिले थे। क्योंकि उनके पति अपने कार्य में बहुत ही व्यस्त रहा करते थे इस कारण से उनकी मां अपने पति से काफी निराश थी और उन्हें छोड़ने का फैसला कर रही थी अंत में जब उन दोनों का डाइवोर्स हुआ तब छोटे फ्रैंक की जिंदगी बिल्कुल उलट-पुलट हो गई और साथ ही साथ उनके भाई बहन की जिंदगी भी उलट-पुलट हो गई थी। उसके पिता की भी जो अपनी पत्नी से अभी भी प्यार करते थे। फ्रैंक ऐबेंग्नेल सीनियर का एक काफी अच्छा बिजनेस था और जब भी उनकी कोई बिजनेस मीटिंग होती थी तब वह अपने बच्चों को अपने साथ ले जाते और तब ही फ्रैंक अबिगनले जूनियर को भी अपने पिता से बिजनेस के लेनदेन के बारे में काफी जानकारी हाजिर हुई। 

 किशोर के रूप में फ्रैंक  छोटे-मोटे अपराधों को अंजाम दिया करते थे। एक बार फ्रैंक को अपने पिता के गैस के क्रेडिट कार्ड नंबर मालूम चला और उन्होंने पाया कि गैस  कार्ड के अंदर एक ऐसी स्कीम थी जिसका फायदा उठाकर कहीं भी फ्री में पेट्रोल अपनी कार में भरवा सकते थे, और इस के कारण फ्रैंक ने अपने पिता का क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल कर कई डॉलर कमाए और इन सब का तब भेद खुला जब फ्रैंक सीनियर को उनके क्रेडिट कार्ड का बिल आया और जब उन्होंने क्रेडिट कार्ड में पैसे देखा तो उसमें हजारों डॉलर पड़े हुए थे। 

अपने बेटे की हरकत देखकर फ्रैंक सीनियर मन बना चुके थे की उनको अपने बेटे को एक बोर्डिंग स्कूल में भेजना है। इसके कारण फ्रैंक जूनियर बहुत ही परेशान हो गए साथ ही साथ उनके मां बाप के बीच में जो परेशानियां चल रही थी फ्रेंड जूनियर द्वारा यह सब झेला नहीं गया। इस कारण से फ्रैंक जूनियर ने 16 साल की उम्र में ही अपना घर छोड़ दिया और भाग गए। क्योंकि फ्रैंक जूनियर अभी 16 साल के ही थे और 16 साल की उम्र में उनको कोई भी नौकरी ना मिल पाती है इस कारण से उन्होंने अपने ड्राइविंग लाइसेंस मैं अपने उम्र को 10 साल और आगे बढ़ा दिया और साथ ही अपने शिक्षा के सर्टिफिकेट में छेड़छाड़ कर उसे और भी आकर्षित बना दिया इस कारण से उन्हें एक अच्छी नौकरी मिलने में सफलता मिली परंतु वह नौकरी भी फ्रैंक जूनियर की ख्वाहिशें बमुश्किल ही पूरा कर पाती थी।  

जब फ्रैंक ने यह देखा कि कैसे गरीब लोगों को बैंक से चेक पास करने में दिक्कत आती थी क्योंकि उनकी वेशभूषा अच्छी नहीं थी और कैसे पायलट और डॉक्टर बिना किसी प्रमाण के भी चेक को हासिल कर लेते थे, इसको जानकर फ्रैंक को बहुत ही हैरानी हुई तब क्या था  फ्रैंक ने अपना दिमाग लगाया। उन्होंने सोचा कि पायलट उस समय का बहुत ही सम्मानित पेशा हुआ करता था और फ्रेंड ने यह सोचा कि किस प्रकार से इस पायलट की वर्दी को प्राप्त किया जा सकता है तब उनके दिमाग में एक आइडिया आया। उन्होंने इंडियन पैन अमेरिकन एयरलाइंस को फोन कर यह बताया कि वह एक कर्मचारी है जिन्होंने अपनी वर्दी को खो दिया है और इस कारण से काम पर नहीं आ पा रहे हैं तब क्या था एयरलाइंस ने एक पायलट की ड्रेस उनके बताए हुए पते पर भेज दी और एक फर्जी कार्ड पायलट के कार्ड से फ्रैंक ने उस वर्दी को प्राप्त कर लिया। 

एक बार जब पुलिस ने फ्रेंड को पकड़ना शुरू किया तब उन्हें फिर से पहचान बदलने का फैसला किया। साथ ही उन्होंने पायलट के रूप की मदद से बहुत सारे पैसे कमा लिए थे फर्जी चेक को पास करवाकर इसलिए उनके पास काफी पैसा हो गया था।  इस बार उन्होंने एक जॉर्जिया के आउट ऑफ टाउन डॉक्टर का बेस लेने का सोचा उसके लिए उन्होंने फर्जी सर्टिफिकेट का भी इंतजाम कर लिया था जब एक बार स्थानीय दौरे में डॉक्टर को बुलाया गया और उन्हें आमंत्रित किया गया तब फ्रैंक को लगा कि उनकी पहचान खतरे में आ गई है और अब उन्हें यहा से भागना पड़ेगा। इस कारण से काफी वह काफी डरने लगे थे और वहा से छोड़ने का तैयारी कर रहे थे कि अगले दिनों उन्हें खबर मिलती है कि जहा वह अपनी पहचान खतरे के बारे में सोच रहे थे वहां पर के कानूनी रूप के तौर पर स्थाई नौकरी के लिए न्योता आया परन्तु फ्रैंक ने कुछ खतरे को देखते हुए अपना जगह छोड़कर दूसरे जगह रहने का फैसला किया । 

अगले 2 वर्षों में फ्रैंक कई नौकरियां बदली और परंतु पुलिस फ्रैंक का पीछा नहीं छोड़ रही थी और हर बार किसी ना किसी तरीके से फ्रैंक पुलिस की पकड़ से निकल जाते थे।  कुछ समय तक उन्होंने फर्जी चेक से 2.5 मिलियन डॉलर कमा लिए और उसके बाद एक आम जिंदगी बिताने का भी सोचा लेकिन उनकी प्रेमिका ने उनकी शक्ल एक वांटेड पोस्टर पर देख ली थी और इस कारण से उनको पता चल गया कि फ्रेंच जो कहते हैं वह है नहीं और तब क्या था उनकी प्रेमिका ने पुलिस को फोन कर दिया और वह पकड़े गए। 

फ्रैंक जूनियर ने फ्रांस, स्वीडन और संयुक्त राष्ट्र अमेरिका की जेलों में काफी लंबा समय बिताया और अपने अपराधों के कारण उन्हें काफी लंबी धाराओं से जेल में काफी और लम्बा वक़्त अभी भी सजा काटना था ही की उस दौरान उनके पिता की मृत्यु हो गई। फ्रैंक को अंत में पीटर्सबर्ग विजीनिया से कई साल बाद पैरोल दी गई और उन्होंने आखिर में अपराध विशेषज्ञ के रूप में बैंक कर्मचारियों को धोखाधड़ी और चोरी से बचने के तरीकों के बारे में जानकारी देने का काम ऑफ बी आई के द्वारा दिया गया और उन्हें उसे स्वीकार कर लिया। 

सरकार ने फ्रैंक अबिगनले जूनियर के साथ एक डील करी कि उनकी स्वतंत्रता के बदले उन्हें बैंक को दूसरों को धोखा देने वालों से बचाना होगा और पुलिस अधिकारियों को अपने तरीकों के बारे में शिक्षित करना होगा। फ्रेंड के नए दिल को ले लिया और 30 से भी अधिक सालों तक के लिए उन्होंने दस्तावेज धोखाधड़ी पर दुनिया के कुछ विशेषज्ञों में से एक के रूप में काम भी किया।  उन्होंने उसके बाद खुद की एक कंपनी शुरू कर दी और अब दूसरों को धोखाधड़ी के शिकार बनने से बचाने में शिक्षित करने का कार्य करते हैं। 

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