हेनरी फोर्ड का जीवन दूसरा भाग

 हेनरी फोर्ड मोटर्स एक बहुत ही बड़ी कंपनी बनती जा रही थी। हेनरी फोर्ड अपनी ताकत का असली रूप अपनी पिछली रेस में ही दिखा दिया था जिसमें उन्होंने अपने रेसिंग कार का सबसे पहला मॉडल लांच किया था जिसका नाम उन्होंने 999 रखा था और इस बात से सभी इन्वेस्टर्स को यह पता चल गया था कि हेनरी फोर्ड सबसे बड़ी कार निर्माता बन सकते है। 

1960 तक हेनरी फोर्ड अपनी पहली कार जिसका नाम मॉडल टी था को मार्केट में निकाल देते हैं और यह एक बहुत ही बड़ी सफलता होती है क्योंकि उन्होंने कार का दाम बहुत ही ज्यादा कम कर दिया था जो दूसरे का निर्माता बेच रहे थे। दूसरे कार निर्माता कर को $1800 में बेचा करते थे और यह हर किसी की बात नहीं थी कि उस कार को खरीद ले क्योंकि उस समय में ज्यादातर लोगों के पास इतना पैसा नहीं होता था कि वह इतनी महंगी कार को खरीद सके।  इस कारण से सभी लोगों के पास कार नहीं आ पाती थी और सब इसकी सुविधा का उपयोग नहीं कर पाते थे। परंतु, हेनरी फोर्ड एक नई कार के साथ आते हैं जिसका नाम मॉडल टी होता है और उसे लगभग $825 में मार्केट में उतारते हैं और इसी के साथ उसका दाम भी कम हो जाता है इसके कारण से इतनी सस्ती कार होती है कि सभी लोगों के पास यह कार आने लगती है और हेनरी फोर्ड का नाम और भी बड़ा हो जाता है। 

जैसे ही हेनरी फोर्ड इस कार को मार्केट में उतारते है सभी लोग इस कार को खरीदने के लिए दौड़ उतर आये और घर-घर में हेनरी फोर्ड का नाम होने लग गया था।  हेनरी फोर्ड के सामने परेशानी आती है कि उनकी कार को कॉपी किया जा रहा था और  मॉडल टी के साथ ऐसी ही कई सारी कार कंपनियां भी खुलने लग गई थी जो उसको कॉपी कर रहे थे। 

हेनरी फोर्ड को बहुत बड़ी सफलता मिली और इसी के साथ हेनरी फोर्ड कंपनी के अंदर बहुत ज्यादा काम आने लग गया हेनरी फोर्ड को कार बनाने के लिए और भी ज्यादा लोगों की आवश्यकता पड़ने लग गई और इसी के साथ हेनरी फोर्ड ने एक नया तरीका कार बनाने का शुरू कर दिया जिसे असेंबली लाइन कहते हैं। असेंबली लाइन में आप अपने कार कुछ कुछ हिस्से कए कारो के एक साथ बनते हुए आगे बढ़ते जाते है।  एक बार में बहुत सारी कार इसी प्रकार से बन रही होती थी इसी कार निर्माण की वजह से हेनरी फोर्ड 1 दिन के अंदर 1000 से भी ज्यादा कार के निर्माण कर पा रहे थे। 

असेंबली लाइन के कारण से हेनरी फोर्ड का प्रोडक्शन 4 गुना ज्यादा बढ़ गया था असेंबली लाइन ऐसे में बहुत सारा काम आने लग गया और यह एक बहुत बड़ी सफलता का तरीका भी बन गया। 

हेनरी फोर्ड अपनी कंपनी में सबसे अच्छे लोगों और इंजीनियर को रखा करते थे जिसके कारण से उनकी कंपनियों में टैलेंट की कभी कमी नहीं हुई। मॉडल टी की सीरीज बहुत ही समय से एक ही डिजाइन पर चलती आ रही थी। मार्केट में उसके नए प्रकार के रूप भी बहारआने लग गए थे बिना किसी मॉडिफिकेशन के मॉडल की बिक्री गिरने लगी। जिस कारण से पैसे लगाने वाले हेनरी फोर्ड की कमपनी में चिंता करने लगे थे क्योंकि हेनरी फोर्ड अपने आगे किसी की सुनते भी नहीं थे। हेनरी फोर्ड मॉडल टी को बिल्कुल भी फेरबदल नहीं करना चाहते थे इस कारण से जब भी कोई नए मॉडल टी में फेरबदल करने के लिए सलाह देता है तो हेनरी फोर्ड बिल्कुल  अपना आपा खो दिया करते थे। 

असेंबली लाइन में जो भी लोग काम किया करते थे वह कहने लगे थे कि उनका काम बहुत ही ज्यादा उबाऊ है जिस कारण से उन्हें काम करने में कोई मजा नहीं आता था और साथ ही साथ यह काम बहुत ही ज्यादा होता था जिसकी वजह से बहुत ज्यादा थकान भी होती थी। 

थोड़े समय के लिए हेनरी फोर्ड अपनी सफलता  में खो सा गए थे और जिस कारण से उन्हीं को काफी नुकसान भी हो रहा था। हेनरी फोर्ड के बेटे तक ने यह भी कह दिया था कि पापा यदि आप अपनी गाड़ी को में बदलाव नहीं करते हैं तो जल्द ही अभी कंपनी डूब जाएगी परंतु वह हेनरी फोर्ड अपने बेटे की सुनने खा वाल थे। हेनरी फोर्ड ने अपने बेटे की एक न सुनी और कंपनी धीरे-धीरे नुकसान में आने लग गयी थी। 

हेनरी फोर्ड कहते थे कि यह मेरी कंपनी और मैं जैसा हूं उस तरीके से इस कंपनी को चलाऊंगा और कोई मुझे यह नहीं कहने वाला कि मुझे क्या करना है।  इसी तरीके से एक बार हेनरी फोर्ड की कंपनी के अंदर एक मीटिंग थी जिसमें मॉडल टी के  बदलाव  के बारे में बात होने जा रही थी और उसी को लेकर कंपनी कंपनी ने एक और नई कार तैयार कर ली थी।  परंतु जैसे ही इस बात का हेनरी फोर्ड को पता चला कि मॉडल टी में कई सारे चेंज किए गए हैं वह भी उनके अनुमति के बिना, जिस कारण हेनरी फोर्ड ने जो इन्वेस्टर द्वारा बदलाव वाली कार जो बनाई गई थी उसको अपने हाथों से तोड़ दिया और यह सभी को दर्शा दिया कि उनके अनुमति के बिना किसी कार्य को पूरा नहीं किया जाएगा।

हेनरी फोर्ड कंपनी में से असेंबली लाइन में बहुत ज्यादा काम होने लग गया था और उनके कंपनी में काम करने वाले लोग १०-१२ घंटे काम कर कर के बहुत ही अब थक चुके थे। साथ ही हेनरी फोर्ड एक बहुत ही सख्त बॉस है लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि यह बहुत ही उबाऊ कार्य हैं और इससे हम लोगों कुछ सीख नहीं मिलती। 

सिर्फ कार का नया पुर्जा आता है और उसमे पुर्जे फिट कर कर आगे भेज देते हैं और इस कार्य करने में उनको बिल्कुल भी मजा नहीं आ रहा था। इस कारण से फैक्ट्री में जो लोग काम करते थे वह बहुत ही जल्द उसको छोड़ कर चले जाते थे और इस कारण से कंपनी के अंदर प्रोडक्शन में गिर गया था।

हेनरी फोर्ड का जीवन [ तीसरा भाग ]

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