हेनरी फोर्ड का जीवन तीसरा भाग

मेरा नाम रक्षा कुमारी है, मेरा जन्म बिहार के अरवल जिले में हुआ है। मेरी रुचि शुरुआत से ही हिंदी और अंग्रेजी साहित्य में रही है।

हेनरी फोर्ड ने नया श्रम सुधार शुरू कर दिया था अपने कंपनी के अंदर लोगों के कार्य करने वाले लोगों को और बुलाने के लिए वह एक नए श्रम सुधार के साथ आए जिसमें उन्होंने काम करने वाले की सैलरी को $2.5 डॉलर प्रति दिन के से बढ़ाकर $5 प्रति दिन कर दी थी और यह एक बहुत ही बड़ा श्रम सुधार आया था  उस समय में। इसी के साथ अगले ही दिन 10000 लोग अगली ही दिन हेनरी फोर्ड की कंपनी के अंदर काम लेने के लिए आ गए थे।  जैसे ही पैसे को दुगना कर दिया वैसे ही लोग उसी कार्य को करने के लिए हेनरी फोर्ड की कंपनी में वापस आ गए और हेनरी फोर्ड ने इसको  वेलफेयर कैंपेन के नाम दिया। 

हेनरी फोर्ड का यह $5 पर दिन का श्रम सुधर एक बहुत ही बड़ा इतिहास में लेबर डे  दिन बन गया जिस कारण से कंपनी के अंदर बहुत ही अच्छे टैलेंटेड लोग भी हेनरी फोर्ड की कंपनी में काम करना चाह रहे थे और वहां आकर और ज्यादा पैसा कमाना चाहते हैं।  मैं आपको बता दूं दोस्तों यह $5 प्रति दिन आज के हिसाब से $120 से भी ज्यादा का पैसा है उसके बाद से उनके इंडस्ट्री के अंदर काम करने वाले लोगों की कमी नहीं हुई। 

 इतना पैसा लेने के बाद कंपनी का टर्नओवर गिरने लग गया था परंतु हेनरी फोर्ड को कभी भी पैसे में दिलचस्पी नहीं थी वे यह चाहते थे कि सभी आम से आम इंसान के पास कार होनी चाहिए क्योंकि वह एक किसान के बेटे थे इस वजह से वह हर खेत में काम करने वाले लोगों के पास कार जरूर देखना चाहते थे और इस कारण से उन्होंने लबोरो के लिए पैसा ज्यादा करने के बारे में ज्यादा नहीं सोचा हेनरी फोर्ड इतना पैसा आ गया था लेकिन उनके जीवन बहुत ही सरल गांव जैसा था जब भी समय मिलता था वह अपने खेत में जाकर ट्रैक्टर चलाया करते थे और साथ ही बहुत ही सादा भोजन किया करते थे उस समय होने वाली जितनी भी पार्टियां होती जिसमे बड़े और आमिर लोग उसमें जाया करते थे परन्तु हेनरी फोर्ड उस पार्टियों में किसी से ज़्यादा घुल मिल नहीं पाते थे अपनी सरल स्वाभाव के कारण और इस कारण से लोगों को हेनरी फोर्ड से दोस्ती करने में काफी तकलीफ होती थी। 

 हेनरी फोर्ड ने लबोरो के लिए पैसे बढ़ाने के साथ श्रमिकों के भलायी के लिए अलग से भी प्रावधान निकाले जिसमें उनको सिर्फ हफ्ते में 5 दिन ही काम करना होता था और उस 5 दिन के अंदर होने से 8 घंटे ही काम करने थे। जिस कारण से लेबर और भी खुश हो गए थे कि उनको सैलरी के साथ एक अच्छी जिंदगी बिताने का मौका भी मिलेगा।  हेनरी फोर्ड का ये हमेशा से यह मानते थे कि एक अच्छी जिंदगी एक से ही एक अच्छे बिजनेस बनता है। हेनरी फोर्ड लेबर यूनियन से सख्त नफरत थी उन्हें लगता था कि उनके लीडर एक अच्छे उद्देश्य से कार्य कर रहे हो और जिसमे दुसरो की बलाई क्यों न हो परन्तु उनके कार्य आखरी में सभी को कष्ट ही देते है। 

हेनरी फोर्ड लोगो की जिंदगी में भी काफी दखल देने लग गए लगते थे।  वह कहते थे कि जब मैं उनको इतना पैसा और समय दे रहा हूं तो उनकी जिंदगी भी काफी अच्छी हो जानी चाहिए थी और जिस के लिए हेनरी फोर्ड ने एक टीम भी बनाई जो दूसरे लोगों को जा कर यह चेक करती थी कि क्या उनकी स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग सुधरता है या नहीं।  अगर वह पहली बार जाकर देखते थे कि स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग सुधरा या नहीं अगर नहीं सुधरता तो वह दूसरी बार जाते थे अगर नहीं सुधरता तो वह तीसरी बार जाते थे और तीसरी बार यदि उनका स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग नहीं सुधरता था तो हेनरी फोर्ड उस इंसान को अपनी कंपनी से बाहर कर दिया करते थे।  हेनरी फोर्ड को काफी आरोप लगे कि यह उनकी प्राइवेसी में काफी दखल दे रहे हैं लेबर कहते थे कि उनके घर के मामलों से क्या फर्क पड़ता है परंतु हेनरी फोर्ड जिंदगी सुधारने के लिए यह सब करना चाहते थे। 

इसी समय हेनरी फोर्ड के मानसिक बीमारी की भी शुरुआत हो गई थी और उनके बेटे के बीच में उनकी कुछ खास बनती नहीं थी एक तरफ हेनरी फोर्ड अपनी कंपनी की संभाल रहे होते हो दूसरी तरफ उनके बेटे उनसे खिलाफ ऐसे कार्य कार्य कर रहे  होते जो इनको बिल्कुल नहीं अच्छा लगता था इसी प्रकार उनके बेटे ने उनके सबसे बड़े दुश्मन बिजनेस व्यापार में की बेटी से शादी कर ली और जिसे सुनकर हेनरी फोर्ड  आग बबूला हो गए। 

अब हेनरी फोर्ड अकेले समय बिताते थे और उनकी पत्नी ने हेनरी फोर्ड का हमेशा  साथ दिया।  इसी के साथ उनके बेटे को कैंसर हो जाता है और उनकी तबीयत काफी खराब होने लगती है जिसके कारण से हेनरी फोर्ड ने अपने डॉक्टर को कॉल करके पूछते हैं कि क्या हो गया और उनकी बेटे की तबीयत कैसी है और क्यों खराब हो गई तब हेनरी फोर्ड को इस बात पर यकीन होता है कि उनकी बेटी की तबीयत सचमुच बहुत ज्यादा खराब हो गई है तब हेनरी फोर्ड  उसके पास आते हैं उसका काफी ख्याल रखते हैं। 

हेनरी फोर्ड की भी तबीयत काफी खराब होने लग गई थी उनको एक एक सदमे आया करते थे जिसके कारण से कंपनी के बहुत सारे फैसले को लेने में सक्षम नहीं होते और हेनरी फोर्ड प्रेसिडेंट बन जाते हैं कंपनी के परंतु वहां का काम अब संभालें के बहुत ही आ सक्षम नहीं होते हैं जिस कारण से जितने भी काम होते हैं वह कंपनी के एग्जीक्यूटिव और डायरेक्टर संभाला करते थे। 

हेनरी फोर्ड को सेलिब्रेट हेमरेज हो जाता है और उनकी मृत्यु 1947 में अपनी पत्नी के बाहों में हो जाती है और 3 साल बाद उनकी पत्नी की मृत्यु हो जाती है फिर उसके बाद  उनके पोते हेनरी फोर्ड सेकंड को अपने दादा की कंपनी विरासत में मिल जाते है और आगे हेनरी फोर्ड सेकंड ही आगे जितने भी कमपनी के कार्य होते है उससे सँभालते है। 

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