स्कूल खोलना है कैसे खोले जानिए पूरी प्रक्रिया | How to Apply For Primary School

मेरा नाम रक्षा कुमारी है, मेरा जन्म बिहार के अरवल जिले में हुआ है। मेरी रुचि शुरुआत से ही हिंदी और अंग्रेजी साहित्य में रही है।

दोस्तों यदि आप भी स्कूल खोलना चाहते हैं, और आपके पास स्कूल खोलने की पूरी जानकारी नहीं है तो आज इस लेख के द्वारा स्कूल खोलने से संबंधित पूरी जानकारी दी जा रही है, जिसमे स्कूल खोलने के लिए योग्यता, स्कूल खोलने के लिए योग्यता, और स्कूल की मान्यता कैसे प्राप्त करें, तो आइये शुरू करते है ।

हमारे यहाँ विद्यालय को का मंदिर के समान माना जाता है, लेकिन अब कई लोग मात्र धन कमाने के उद्देश्य से स्कूल खोल कर बैठे हुए हैं। ऐसे स्कूलों में पढ़कर भारत की युवा पीढ़ी कमजोर होती जा रही है क्योंकि वहां पर शिक्षा को कम और पैसे को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। इस प्रकार की मानसिकता को हमें स्कूलिंग सोसाइटी के अंदर से निकालने की जरुरत है।

स्कूल चलाने में काफी समय लगता है और अगर वो स्कूल चलाकर कुछ भी न कमा पाये तो यह उस व्यक्ति की आर्थिक स्थिति के लिए भी बुरा है।

इसीलिए कोई भी व्यक्ति एक अच्छे उद्देश्य के साथ खोले गए स्कूल से एक अच्छा मुनाफा भी कमा सकता है। अगर आपको भी स्कूल खोलना है तो आइये जानते है स्कूल कैसे खोले ?

विद्यालय की शुरुआत करने से पहले आपको यह निर्धारित करना होगा की आप कौन सी कक्षा तक विद्यालय खोलना चाहते है, क्योंकि उसके ही हिसाब से आपको उसके लिए जमीन, सामान और registration कराने होंगे। स्कूल कई प्रकार के होते है जैसे की प्ले ग्रुप, प्री-प्राइमरी और प्राइमरी ।

 

स्कूल खोलना है कैसे खोले जानिए पूरी प्रक्रिया | How to Apply For Primary School

 

विद्यालय के लिए भूमि

सबसे पहले आपको अपने स्कूल के लिये आवश्यक स्थान की आवश्यकता होगी। आप यह जगह या तो किराए पर ले सकते है या फिर आपके पास अपनी कोई बिल्डिंग या खाली घर पड़ा है तो आप उसका भी इस्तेमाल कर सकते है।

आप प्री-प्राइमरी स्कूल को 3-4 कमरों वाली बिल्डिंग में आसानी से खोल सकते है। और अगर आप प्राइमरी स्कूल खोलना चाहते है तो आपको कम से कम 5 कमरे कक्षा के लिए, 1 ऑफिस रूम, 1 लाइब्रेरी और 1 स्टाफ रूम आदि की जरुरत पड़ेगी।

इसके साथ ही टॉयलेट की उचित व्यवस्था भी होनी चाहिए। इस तरह के स्कूल को आप 1000 से 1500 स्क्वायर फ़ीट की जमीन पर बना सकते है। उसके बाद आप अपने बजट के हिसाब से इसे बदल सकते है।

 

विद्यालय खोलने के लिए योग्यता

स्कूल खोलने के लिए आपको बारहवी के बाद बी.एस.टी.सी. या डी.एल.एड. करना होता है अगर आप चाहे तो B.Ed या भी कर सकते है। इसका प्री-एग्जाम आपको क्वालीफाई करना पड़ता है आपको उसके बाद ग्रेजुएशन करनी पड़ती है।

इसमें एक दो साल प्रशिक्षण लेने के बाद आपको “IGNOU” से विद्यालय प्रबंधन या school management का कोर्स करना पड़ता है।

इस सब को करने के बाद आपके पास 5 वर्ष तक स्कूल में पढ़ाने का अनुभव भी होना अनिवार्य है। तब कहीं जाकर आपको स्कूल खोलने के योग्य माना जायेगा और आप स्कूल खोल पाएंगे।

 

लागत

विद्यालय खोलने की लागत बहुत कारणों से कम या ज्यादा हो सकती है। स्कूल की लागत उसमे इस्तेमाल किये गए सामान जैसे की प्राइमरी स्कूल में फर्नीचर की क्वालिटी आदि पर निर्भर करती है। इसलिए स्कूल खोलने से पहले सारे खर्चो के बारे में गहन चिंतन कर ले।

 

मान्यता कैसे प्राप्त करें

मान्यता प्राप्त करने के लिए आपको कई प्रक्रिया का पालन करना पड़ता है। प्राथमिक स्कूल खोलने के लिए सबसे पहले आपको एक संस्था बनानी पड़ेगी।

इस संस्था को कोई भी आठ-दस लोग मिल कर बना सकते है।उसके बाद आपको संस्था से जुड़ा प्रस्ताव लेकर रजिस्ट्रार के पास जाना होता है। जहाँ से आप रजिस्ट्रेशन के लिए apply करेंगे।

रजिस्ट्रेशन में आपके 11 हजार रुपये खर्च होते हैं। यह पैसे संस्था के रजिस्ट्रेशन के लिए दिए जाते है। उसके बाद आपकी इस संस्था का रजिस्ट्रेशन हो जाएगा.

registration पूरा होते ही आपको आपकी संस्था का सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा। इसके बाद आपको अपने विद्यालय के लिए काबिल अध्यापकों की एक टीम बनानी होगी, जो की आपके स्कूल में बच्चों को पढ़ाएंगे.

ध्यान रहे आपके विद्यालय में कम से कम दो शिक्षक B.ED किये हुए होने चाहिए। अप्रैल-मई में नए विद्यालय हेतु आनलाइन पंजीकरण किया जाता है, विद्यालय खोलने के लिए आपको उसमे अप्लाई करना होगा।

अप्लाई करने में आपके 2 हजार रुपये के आस-पास खर्चा होगा। उस फाॅर्म को भरने के बाद आपको अपनी संस्था के सर्टिफिकेट की एक काॅपी के साथ संलग्न करके D.E.O. कार्यालय में जमा करनी होगी।

यहाँ पर आपको अपने डॉक्यूमेंट जमा करने के साथ 10 हजार रुपये भी देने होंगे। यह सब प्रक्रिया सही तरह से पूरी होने के बाद कुछ दिन के बाद आपके विद्यालय को देखने के लिए कुछ कर्मचारी आएंगे।

ये लोग आपके सारे डाॅक्यूमेंट और विद्यालय को देखेंगे। अगर विधालय सभी मानकों पर सही उतरता है तो वो लोग आपको बता देंगे और उसके बाद से आप अपना स्कूल खोल सकते है।

 

मुनाफा (Profit)

यह चीज आपको सबसे आखिर में सोचनी चाहिए। की आप स्कूल से कितना मुनाफा कर सकते है। वैसे अगर सही प्लानिंग के साथ स्कूल को चलाया जाए तो आप स्कूल चलाकर अच्छा ख़ासा पैसा कमा सकते है।

मान लीजिये आपके स्कूल में कुल 100 छात्र पढ़ते है। और प्रत्येक छात्र की हर महीने की फीस 700₹ है तो यदि आपके पास 100 छात्र है तो आपकी सालाना कमाई 8,40,000 ₹ होगी। पर इसमें से आपको अपने टीचर्स को पैसे देने होंगे।

बिजली का बिल और छोटे मोटे खर्चे मिला ले तो आप साल के 4,00,000 से 5,00,000₹ खर्च कर भी देते है तब भी आपके पास 2 से लाख रुपये बच रहे है। इसका मतलब आपकी कमाई 20-30 हज़ार महीना आराम से हो सकती है।

ये तो सिर्फ शुरूआती मुनाफे की बात की अगर आपके स्कूल में अच्छी पढ़ाई होती है तो माता पिता आपके स्कूल में अपने बच्चे को पढ़ाना चाहेंगे। और इसी तरह 100 छात्र का आंकड़ा भी बढ़ जायेगा और आपकी कमाई भी। आप चाहे तो अलग अलग कक्षा के लिए अलग अलग फीस भी रख सकते है।

तो दोस्तों इस प्रकार आप स्कूल खोलकर न केवल देश का भला कर सकते है बल्कि अपने लिए कमाई का एक अच्छा जरिया भी ढूंढ सकते है।

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