मधुमक्खी पालन एवं शहद बनाने का व्यापार कैसे शुरू करें | How to start Bee keeping and Honey Processing business in hindi

मेरा नाम रक्षा कुमारी है, मेरा जन्म बिहार के अरवल जिले में हुआ है। मेरी रुचि शुरुआत से ही हिंदी और अंग्रेजी साहित्य में रही है।

मधुमक्खी पालन का व्यवसाय कृषि के साथ साथ होने वाला व्यापार है। इस व्यवसाय की सहायता से आपको सीजन के तौर पर अच्छा लाभ प्राप्त हो सकता है। आप चाहे तो इस व्यावसाय को आरम्भ करने के लिए सरकार से आर्थिक मदद भी प्राप्त कर सकते हैं। इस व्यापार के लिए आपको मधुमक्खी पालन सम्बंधित जानकारियाँ प्राप्त करने जरूरत होती है।

मधुमक्खी पालन से काफी मुनाफ़ा कमाया जा सकता है। फार्म के एक मधुमक्खी के डिब्बे से आपको एक वर्ष में 50 किलोग्राम शहद और 2 से 3 डिब्बे मधुमक्खियाँ प्राप्त हो जाती है।  इन नयी मधुमक्खियों से आपको दुबारा इस व्यवसास को करने में मदद प्राप्त होती है।

 

मधुमक्खी पालन एवं शहद बनाने का व्यापार कैसे शुरू करें

 

मधुमक्खियों की संख्या

एक डिब्बे में 3 प्रकार की मधुमक्खियाँ रखी जाती है। इन तीन प्रकार की मधुमक्खियों में रानी मधुमक्खी, नर मधुमक्खी और श्रमिक मधुमक्खी शामिल होती हैं  और एक डिब्बे में श्रमिक मधुमक्खी की संख्या लगभग 30,000 से 1 लाख तक की होती है और इसमें नर मधुमक्खी की संख्या 100 के आस पास की होती है। इसमें रानी मधुमक्खी की संख्या केवल 1 होती है।

 

मधुमक्खियों की आयु

विभिन्न श्रेणी के मधुमक्खियों की आयु विभिन्न होती है ।रानी मधुमक्खी की आयु 1 वर्ष की, नर मधुमक्खी की आयु 6 महीने और श्रमिक मधुमक्खी की आयु लगभग डेढ़ महीने की होती है।

 

शहद व्यवसाय के प्रकार

इसका पालन दो तरह से किया जाता है और आप मधुमक्खी फार्मिंग और हनी प्रोसेसिंग प्लांट दोनों की मदद से मधुमक्खी पालन कर सकते हैं।

 

मधुमक्खी पालन

मधुमक्खी पालन एक बेहतर प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत विशेष बातों का ध्यान रखने बहुत जरूरत  है। आपको इस कार्य के लिए अपने फार्म में बीकीपर्स को रख सकते हैं।ये लोग मधुमक्खी पालन में निपूर्ण होते हैं।

आपको उस स्थान पर मधुमक्खी पालन करने की जरूरत  है, जहाँ पर नमी न हो। स्थान पर साफ और प्राकृतिक पानी की आवश्यकता होनी चाहिए और यदि अधिक संख्या में पेड़ पौधे हो तो काफी बेहतर है। आपको मधुमक्खी पालन के लिए साफ सुथरे और फैले स्थान की आवश्यकता होती है, ताकि मधुमक्खी अधिक संख्या में छत्ता लगा सकें।

एक डिब्बे में लगभग 10 फ्रेम मधुमक्खी रख सकते हैं,लेकिन आम तौर पर 8 फ्रेम मधुमक्खी रखना ही बेहतर होता है और इससे इनकी देखभाल में भी आसानी से हो पाती है।

 

शहद प्लांट प्रोसेसिंग

इस प्लांट को बैठाने के एक विशेष मशीन की जरूरत होती है ।इस मशीन की सहायता से हनी प्लांट बैठाया जाता है।

इस मशीन की सहायता से शहद को बनाने से लेकर पैकेजिग करने तक के काम को अंजाम दिया जा सकता है।

 

प्लांट की लागत

इस प्लांट की कुल लागत लगभग 20 लाख की होती है एवं इस प्लांट की सहायता से अधिकतम 100 किलो तक शहद तैयार किया जा सकता है।

 

शहद बनाने की प्रक्रिया

पहले तो मधुकोष से मधुमक्खी के छत्ते को अलग करने की जरूरत होती है और मधुकोश को हटाने की कुछ विशेष प्रक्रियाएं है, जिसे बीकीपर्स जानते हैं।

इसके बाद मशीन को चलाने पर एक्सट्रैक्टर के द्वारा मधु निकलना आरम्भ हो जाता है और  आपको एक्सट्रेक्टर के निचले हिस्से से मधु प्राप्त होने लगता है।

किसी भी प्लांट में बनाए गए शहद को लगभाग 49 डिग्री सेंटीग्रेड तक गर्म किया जाता है, ताकि इसके अन्दर के क्रिश्टल हिस्से भी अच्छे से गल जाएँ और इसके बाद इसे इसी तापमान पर लगभग 24 घंटे के लिए छोड़ दिया जाता है ।

 

पैकेजिंग

मधु की पैकेजिंग करना इस व्यवसाय का एक जरूरी कार्य है, बाजार में अकसर कई शहद के ब्रांड विभिन्न पैकेट्स की सहायता से बेचे जा रहे हैं। आपको पैकिंग के समय शहद की मात्रा और बोतल के डिजाईन का खास ध्यान देना होता है। आप को विभिन्न डिजाईन के डिब्बे बाजार में होलसेल के रूप में प्राप्त हो जायेंगे।

 

मार्केटिंग

आपको अपने मधु का व्यवसाय बढ़ाने के लिए मार्केटिंग करने की बहुत जरूरत होती है। इसके बाद आप अपने बनाए गये मधु को होलसेल के तौर पर आसानी से बेच सकते हैं । अगर आपकी क्वालिटी बेहतर हो, तो कम समय में ही आप आसानी से शहद के मार्केट में अपना नाम कमा सकते हैं । आप चाहे तो  मार्केटिंग के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर अपने ब्रांड के पोस्टर्स आदि लगा सकते हैं और साथ ही आप स्थानीय अखबारों में भी इसकी ऐड दे सकते हैं।

 

लाइसेंस

इस व्यवसाय के लिए आपको विशेष लाइसेंस की जरूरत होती है। आपको सबसे पहले अपने प्लांट का पंजीकरण उद्योग आधार के अंतर्गत कराना पड़ता है। इसके उपरान्त आपको अपने फर्म के नाम का एक करंट बैंक अकाउंट और पैन कार्ड बनाने की जरूरत होती है ।आपको आपके द्वारा बनाए गये मधु की जांच सरकारी खाद्य विभाग में करा कर FSSAI से लाइसेंस प्राप्त करना होगा। आपको अपने व्यवसाय के लिए ट्रेड लाइसेंस की भी जरूरत होती है ।तात्कालिक समय में टैक्स के लिए आपको अपने फर्म का पंजीकरण जीएसटी अंतर्गत भी कराना पड़ेगा ।इस तरह से अन्य व्यवसाय की तरह इस व्यवसाय में भी आपको विभिन्न आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करने की जरूरत होती है।

 

व्यापार की लागत

यह बिज़नेस व्यवसाय छोटे स्तर पर आरम्भ किया जा सकता है ।आप चाहें तो केवल 10 पेटी की मदद से मधुमक्खी पालन का बिज़नेस कर सकते हैं। 10 पेटी की सहायता से मधुमक्खी पालन व्यवसाय में आपका कुल खर्च 35,000 से 40,000 का आता है। यह व्यवसाय प्रति वर्ष मधुमक्खियों की संख्या के बढ़ने के साथ 3 गुना अधिक बढ़ जाता है।

 

हनी बिज़नेस से लाभ

इस व्यवसाय से बहुत लाभ कमा सकते हैं।एक डिब्बे मधुमक्खी से प्राप्त होने वाले 50 किलो शहद को अक्सर 100 रु. प्रति किलो के हिसाब से बेचा जाता है । अतः प्रत्येक डिब्बे से आपको रू 5,000 प्राप्त होते हैं। आपको बड़े पैमाने पर इस व्यवसाय  को करने से प्रति महीने 1 लाख रुपये से 15 हज़ार रूपए तक का लाभ प्राप्त हो सकता है।

 

मधुमक्खी पालन के लिए ध्यान रखने वाली बातें

कुछ बातों का ध्यान विशेष रूप में रखने जरूरत होती है जैसे की आम तौर पर मधुमक्खियों को किसी तरह का रोग नहीं होता है, किन्तु कभी कभी इन पाले गये मधुमक्खियों में माईल नामक बीमारी हो जाती है ।  हालाँकि इसका सरल और सटीक उपचार भी मौजूद हैहै । आप यदि प्रत्येक मधुमक्खी पालन डिब्बे में दो कलि लहसुन डाल दें, तो यह रोग नहीं होता है।

 

मधुमक्खी पालन का समय

धुमक्खी पालने का समय आमतौर पर नवम्बर के महीने से आरंभ होता है । और इस माह से पहले ही आपको मधुमक्खी पालन की सभी व्यवस्था कर लेनी होगी ।

 

सरकार से प्राप्त मदद

इस व्यवसास के लिए भारत सरकार का एमएसएमई विभाग आपकी मदद करता है । इस मंत्रालय के खादी एंड विलेज इंडस्ट्री कमीशन के तहत कई योजनायें चलती है, जिनके अंतर्गत मधुमक्खी पालन व्यवसाय को प्रोत्साहित किया जाता है।

इस व्यवसाय को सरकार हनी प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना में मदद करती है। इस प्लांट की स्थापना के लिए कुल लागत का 65% हिस्सा ऋण के तौर पर दिया जाता है।

इस ऋण के अलावा सरकार की तरफ़ से 25% की सब्सिडी भी प्राप्त होती है। इस तरह से आपको कुल लागत का केवल 10% ही अपने पास से लगाना होता है।

यदि कुल लागत  लगभग 25लाख आती है, तो आपको 16 लाख रूपए ऋण के तौर पर प्राप्त हो जाएगा और मार्जिन राशि के रूप में आपको कुल 6 लाख रूपए मिल जाएगा और  इस तरह के व्यवसाय में व्यक्ति को अपने लगभग 2 लाख रुपए लगाने की जरूरत होती है।

 

व्यापार आरम्भ करने के लिए आवश्यक वेबसाइट

सरकार ने इस व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए वेबसाइट जारी की है ।  इस व्यवसाय में सरकार से योगदान प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गये वेबसाइट पर जाएँ।

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