चाय पत्ती का व्यापार कैसे शुरू करें? How to start tea leaf business in hindi

मेरा नाम रक्षा कुमारी है, मेरा जन्म बिहार के अरवल जिले में हुआ है। मेरी रुचि शुरुआत से ही हिंदी और अंग्रेजी साहित्य में रही है।

चाय पत्ती भारत में सबसे ज्यादा पिया जाने वाला पेय पदार्थ है ,जब भी किसी के घर कोई भी मेहमान, पड़ोसी या अन्य कोई भी आए  उसे तो चाय जरूर पिलाई जाती है , कहा जाए तो यह हमारी दिनचर्या का एक अहम हिस्सा है।

पहले तो आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप किस प्रकार का बिज़नेस  शुरू करना चाहते हैं। क्योंकि यह बिजनेस कई प्रकार से किया जा सकता है जैसे ऑनलाइन, दुकान खोल कर, खुली चाय पत्ती बेचकर, खुली चाय पत्ती को पैक करके या और भी कई प्रकार है । फिर आप चाय पत्ती का व्यापार शुरू कर सकते हैं।

चाय पत्ती के व्यापार के प्रकार

ऑनलाइन ,दुकान खोल कर ,छोटे-छोटे पैकेट बनाकर बेचना ,होलसेल का बिजनेस ,रिटेलर का बिजनेस करना, घर से ही पैकिंग कर प्रोडक्ट को बेचना, चाय पत्ती की उगाई शुरू करना, और छोटे-छोटे टी बैग का बिज़नेस एवं मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री से बिजनेस रिसर्च करें एवं आप मार्केट के  होलसेल दुकान वाले से या रिटेलर दुकान वाले से पता करे की  किस प्रोडक्ट की इस समय मार्केट में ज्यादा डिमांड है।

आवश्यकता अनुसार रॉ मैटेरियल

रॉ मैटेरियल निर्भर करता है कि आप किस प्रकार का बिजनेस शुरू करने जा रहे हैं । यदि आप खुद से खेती-बाड़ी कर चाय पत्ती की उगाई करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको एक बड़े से स्थान की एवं सभी उपकरणों की भी आवश्यकता होगी । इसके बाद आपको चाय पत्ती बीज चाहिए ,उसे जमीन में बो कर उस के पौधे उगाए जाते हैं जिससे की  चाय पत्ती बनती है।

चाहे तो आप सीधे चाय पत्ती खरीद कर और अच्छा मुनाफा कमा कर रिटेलर या होलसेल के हिसाब से आगे बेच सकते हैं । जिस के लिए सिर्फ आपको चाय पत्ती की आवश्यकता होगी।

यदि आप छोटे-छोटे पैक बनाकर या टी बैग बनाकर उसका बिजनेस करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको फिल्टर पेपर और टी बैग बनाने का सामान, इसके अलावा अलग-अलग प्रकार की वेराईटी की चाय पत्ती की जरूरत होती है ।

 

चाय पत्ती मैन्युफैक्चरिंग में मशीनों का उपयोग

  1. 8 इंच वाली एसएस रोटो रवेन वाली मशीन
  2. 8 इंच के रोलर सीटीसी मशीन
  3. फाइबर एक्स ट्रेक्टर वाली मशीन
  4. मेडिळटन स्टर वाली मशीन

 

चाय पत्ती बनाई कैसे जाती है

चाय पत्ती बनाने की प्रोसेस बहुत ही ज्यादा लंबी होती हैं,इसको कई मशीनों से, खेती से और ना जाने कितनी ही जगहों से गुजरना पड़ता है, जब जाकर चाय की पत्ती तैयार होती है।

सबसे पहले तो चाय की पत्ती की नमी को दूर करने की शुरुआत की जाती है, जिसको वेदरिंग प्रोसेस कहा जाता है। फिर दूसरी प्रक्रिया चालू होती है, जिसे रोलिंग कहा जाता है। इसके पश्चात बॉक्स में पत्ती को डाल दिया जाता है और रोल किया जाता है । तीसरी प्रक्रिया जिसमें सीटीसी मशीन मतलब कटिंग हियरिंग और कल रिंग मशीन के द्वारा शुरू किया जाता है। चौथी प्रक्रिया जिसमें पत्ती के बैक्टीरिया की सफाई की जाती है, जिसके लिए एक कमरे में अल्मुनियम की ट्रे बिछाई जाती है और उसके आवश्यक अनुसार तापमान को सेट किया जाता है। इसके बाद पत्ति का रंग तांबे के रंग के एक समान हो जाता है तभी इस प्रक्रिया को संपूर्ण माना जाता है।  पांचवीं प्रक्रिया इसमें चाय की पत्ती को 90 डिग्री तापमान में सुखाया जाता है एवं इनमें सम्मिलित जितनी भी लकड़ी के टुकड़े, धूल, बालू इन सभी चीजों को निकाल कर चाय की पत्ती को साफ किया जाता है और अब तैयार है बनके चाय पत्ती ।

इन सभी प्रक्रिया को पूरा करने के बाद इसे  पैकेट में पैक किया जाता है ,इसकी  पैकेजिंग करते समय भी आपको ध्यान देना पड़ता है क्योंकि चाय पत्ती की पैकेजिंग की प्राइस और क्वांटिटी आपके मेहनत पर रख सकते है।

इस बिज़नेस को  रजिस्ट्रेशन कर लिया है तो अपने पैकेट ओके ऊपर अपनी ब्रांड का नाम जरूर लिखें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक आप की मार्केटिंग हो ।

 

बिज़नेस के लिए जगह सुनिश्चित करना

अब आपको इसके लिए जगह सुनिश्चित करने की बहुत ही जरूरी है और यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस प्रकार का बिज़नेस करना चाहते हैं । आप छोटा बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको कम जगह की जरूरत होगी , अगर आप बड़ा बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको अधिक जगह की आवश्यकता होगी।

अगर आप चाहते हैं की सिर्फ पैकिंग और मार्केटिंग का काम करना तो इसके लिए आपको सिर्फ एक कमरे की ही जरूरत होती है और फ़िर अपना काम शुरू कर सकते हैं।

मैन्युफैक्चरिंग करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको बहुत सी चीजों की जरूरत पड़ सकती है। जैसे की पहले तो बहुत बड़ी जमीन, बिल्डिंग, मशीनें, काम करने वाले कर्मचारी, कच्चा माल, बिजली, पानी, मार्केटिंग और बहुत ही अधिक चीजों की जरूरत  पड़ सकती है।

 

 लाइसेंस और परमिशन

अगर सबसे पहले आपको चाय की पत्ती की मैन्युफैक्चरिंग करनी है तो इसके लिए आपको भारतीय चाय बोर्ड से परमिशन लेनी होगी। जिसमें की आपको अपनी कंपनी का नाम रखना होता है, जिसके लिए आपको रजिस्ट्रेशन करवाना होता है जिसमें की कंपनी का रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है।

अगर आपको फैक्ट्री लगानी है तो इसके लिए आपको लाइसेंस की आवश्यकता होगी, जिस भी राज्य में आप चाय पत्ती की फैक्ट्री लगाना चाहते हैं, वहां के उद्योग विभाग से आपको लाइसेंस लेने की आवश्यकता होती है।

फ़िर चाहिए आपको फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया इन दोनों का भी लाइसेंस लेना । आजकल जीएसटी नंबर अनिवार्य कर दिया गया है।

अगर आप अपने बिजनेस को विदेशों में भी निर्यात करना चाहते हैं तो इसके खातिर आपको आईईसी कोड प्राप्त करना होगा, जो की इसके बिना आप बिज़नेस विदेशों में नहीं पहुंचा सकते हैं। फिर आपको अपने ब्रांड नेम की सुरक्षा के लिए आपको ट्रेडमार्क लेना भी बहुत ही आवश्यक है।

 

चाय पत्ती की पैकेजिंग

बहुत लोग डायरेक्ट पैकेजिंग का माल लेना पसंद करते हैं, जो की अलग-अलग प्रकार 100 ग्राम, 200 ग्राम, 250 ग्राम, 500 ग्राम, फिर 1 किलो, 2 किलो इत्यादि तरह की पैकेजिंग करके अपने माल को ग्राहक से बेचते हैं , जिसके लिए  कंपनी के नाम की प्रिंटिंग पॉलीथिन का इस्तेमाल होता है, जिसमें की माल को पैक किया जाता है फिर आगे बाजार में बेचा जाता है।

 

इसमें लगने वाली कीमत

आप होलसेल एवं रिटेलर के बिजनेस में 10000 से 15000 रूपये तक में शुरू कर सकते हैं और ज्यादा से ज्यादा प्रॉफिट कमा सकते हैं।

अगर आप चाय की मैन्युफैक्चरिंग प्लांट  लगाते हैं तो इसके लिए आपको बहुत बड़ी रकम की आवश्यकता होती है। इसके लिए कम से कम आप को 50 से 70 लाख रुपए की आवश्यकता होगी। और इसके लिए 4000 वर्ग फीट एरिया एवं इसी के साथ उसमें रोज के लिए 200 लीटर पानी भी चाहिए होता है।

 

चाय पत्ती बिज़नेस में मुनाफा

अगर होलसेल या रिटेलर का बिज़नेस करते हैं तो इसमें मुनाफा कम मिलता है ,क्योंकि आप की रकम भी छोटी ही लगी होती है।

इस मैन्युफैक्चरिंग के बिज़नेस में बहुत ही अत्यधिक मुनाफा है .इसका काम पूरे सीजन नहीं चलता है लगभग  200 दिन तक ही चलता है . ये आपकी कमाई पर निर्भर करती है कि आप किस तरह का उत्पादन कर रहे हैं, और कैसे आपका मार्केटिंग का काम चल रहा है।

चाय की डिमांड अक्सर मार्केट में देखने को मिलती है, जिसमें आप अच्छे-से-अच्छा प्रोडक्ट मार्केट में भेज सकते हैं, जिसमें आपको अधिक मुनाफा मिल सकता है, दूसरा आप थोड़ा कम अच्छी क्वालिटी का प्रोडक्ट बनाकर भेज सकते हैं, जिसमें आपको सही से मुनाफा आराम से मिल जाएगा।

चाहे तो आप  छोटे छोटे पैकेट जैसे कि ₹5 या ₹10 के पैकेट भी निकाल सकते हैं, जिसमें की आपका माल ज्यादा बिकेगा और आपको मुनाफा अधिक होगा।

मार्केट प्रोमोटिग के लिए आप टेंप्लेट, पोस्टर, बैनर, होल्डिंग, विज्ञापन इत्यादि का सहारा या ऑनलाइन प्रचार भी कर सकते हैं. आजकल  क्योंकि ऑनलाइन काम बहुत ही अधिक बढ़ गया है, तो लोग ऑनलाइन चीजें खरीदना पसंद करते हैं।

 

चाय पत्ती का होलसेल मार्केट

जो बड़े पैमाने पर चाय पत्ती खरीदना चाहते हैं और इसके लिए होलसेलर की तलाश में है तो अपने नजदीकी चाय पत्ती के कंपनी के ब्रांच पर चले जाना है, जहां आप सभी लोगों को बहुत ही कम दामों में मिल जाएगी , जो भी चाय पत्ती का होलसेल मार्केट अनेकों राज्य देश विदेश हैं ।

 

चाय पत्ती बिज़नेस में नुकसान

वैसे तो चाय की पत्ती सदाबहार रहती है और इसमें खराब होने का डर भी नहीं रहता है तो ज्यादा घबराने की बात नहीं है. अगर आप ढंग से मार्केटिंग नहीं कर पाए  तो आप  फैक्ट्री का खर्चा नहीं निकाल पाएंगे, जिसकी वजह से आपकी फैक्ट्री नीलाम हो सकती है, और आपको बहुत बड़ी हानि उठानी भी पड़ सकती है।

Leave a Comment