हॉवर्ड ह्यूज की जीवनी – पहला भाग

मेरा नाम रक्षा कुमारी है, मेरा जन्म बिहार के अरवल जिले में हुआ है। मेरी रुचि शुरुआत से ही हिंदी और अंग्रेजी साहित्य में रही है।

हॉवर्ड ह्युजे का जन्म 24 दिसंबर 1905 को ह्यूस्टन, टेक्सास में हुआ था। ह्यूजेस के पिता, हॉवर्ड ह्युजे सीनियर ने एक ऐसी ड्रिल बिट को डिज़ाइन करके अपना नाम कमाया था जिससे ड्रिलर सख्त पथरो के अंदर भी प्रवेश कर उससे तेल का खनन कर सकते थे। यह कार्य पहले लगभग असंभव होता था, क्योंकि तेल की चट्टान के नीचे तेल की बड़ी जेब होती थी और उस पर चट्टान की एक मज़बूत परत होती है, जिसे कोई आम औज़ार के द्वारा खनन नहीं किया जा सकता था। 

परंतु जब हॉवर्ड ह्युजे के पिता ने ड्रिल बिट का आविष्कार किया तब तेल  खनन करने वाले के लिए चट्टान के नीचे तेल की जेब तक को पहुंचना सक्षम हो गया। इसी के साथ उन्होंने अपने एक सहयोगी के साथ शार्प-ह्यूजेस टूल कंपनी की स्थापना की  जिसने नई ड्रिलबिट के लिए अपना पेटेंट रखा और जब भी कंपनी उनका औजार इस्तेमाल करना चाहती थी तब तेल की कंपनियों को इस औजार का पट्टा दे दिया जाता था, इससे उन्होंने अपना काफी भाग बना लिया। 

हॉवर्ड ह्युजे का एक अमीर परिवार जन्म हुआ और अपने परिवार में एकलौते लड़के थे इस कारण से हॉवर्ड ह्युजे को कभी  सुख-सुविधा की कमी नहीं हुई इसी के साथ उन्हें अपने पिता के कार्य के साथ अक्सर अपना घर बदलना भी पढ़ता था, जिसके कारण से वह एक स्कूल छोड़कर दूसरे स्कूल में दाखिला लिया करते थे। इस कारण से हॉवर्ड ह्युजे के बहुत कम दोस्त थे, वे ज्यादातर समय अपना यांत्रिक चीजों में छेड़छाड़ करते रहते थे। हावर्ड न्यूज़ को अक्सर स्कूल जाना पसंद नहीं था, और वह कक्षा में बैठकर पढ़ने में कठिनाई महसूस करते थे। बजाय कि वह कक्षा में बैठने के उन्होंने स्वयं को यांत्रिक चीजों से छेड़छाड़ करके सिखाना पसंद किया – उदाहरण के लिए जब उनकी मां हॉवर्ड ह्युजे को मोटरसाइकिल देने से मना कर दिया था तब उन्होंने एक मोटर बनाया और उसको अपनी एक पुरानी साइकिल से जोड़कर स्वयं एक मोटरसाइकिल का निर्माण कर लिया था आप इस बात से पता कर ही सकते हैं कि हॉवर्ड ह्युजे यांत्रिक चीजों में काफी अवल थे अपने बचपन से। 

एक उल्लेखनीय उपवाद से हॉवर्ड ह्युजे के बचपन का भी समय पता चलता है कि वे ज्यादातर समय घर में अकेले बिताया करते थे उनके दोस्त बहुत ही कम थे। जब हॉवर्ड ह्युजे सिर्फ 16 साल के थे तब उनकी मां का देहांत हो गया और फिर, दो साल भी नहीं, उनके पिता की अचानक मृत्यु हो गई। हॉवर्ड ह्युजे अपने पिता के मिलियन डॉलर की संपत्ति का 75% ही मिल पाया और बाकी का 25% उनके रिश्तेदारों के बीच में बट गया। हॉवर्ड ह्युजे को पता था कि यूज टूल कंपनी को उनके रिश्तेदार बहुत गलत तरीके से संचालन कर रहे थे, और वह उनके संचालन के तरीकों के साथ सहमत नहीं थे और क्योंकि उनकी उम्र 18 वर्ष मात्र थी इस कारण से वह किसी भी कंपनियों के संचालन के कार्य में कोई  दखल नहीं कर सकते थे। कंपनी के संचालन में भागीदार बनने के लिए कानूनी रूप से 21 वर्ष की आयु जरूरी थी और हावर्ड अभी भी 18 वर्ष के थे और इस कारण से वह अपने रिश्तेदार के द्वारा चलाए गए कंपनियों का कुछ कर नहीं पा रहे थे पर दृढ़ हॉवर्ड ह्युजे रुकने वालों में से नहीं थे। 

हॉवर्ड ह्युजे शांत नहीं बैठने वाले थे, उन्होंने अदालत में जाकर इसके लिए कार्यवाही करने की सोची और अपनी कंपनी को वापस पाने के लिए उन्होंने जज से मुलाकात की परंतु उनकी उम्र अभी भी कम थी। लेकिन कानून के कुछ नियमों के अनुसार उनको जल्दी अपनी कंपनी का संचालन संभालने का पूरा हक मिल सकता था हॉवर्ड ह्युजे अपनी कंपनी का संचालन पाने के बाद उन्होंने शेयर मार्केट में अपने रिश्तेदारों के सभी शेयर्स को एक – एक कर कर खरीद लिए और अब उनके रिश्तेदारों के पास वह 25% नहीं था, हॉवर्ड ह्युजे को पूरी कंपनी का मालिक घोषित किया गया और वह 19 साल की उम्र में ह्युजे टूल कंपनी के संचालित मालिक बन गए। उसी वर्ष उन्होंने अपनी पहली पत्नी एला राइस से शादी की।

1925 में हॉवर्ड ह्युजे और उनकी पत्नी ने हॉलीवुड जाने का और हॉवर्ड ह्युजे के चाचा रूपर्ट से मिलने का प्लान बनाया। हॉवर्ड ह्युजे अपने चाचा से मिलकर बहुत ही प्रभावित हुए,  उनके चाचा एक पटकथा लेखक थे और हॉलीवुड की फिल्मो में वह कहानी का निर्देश किया करते थे। हॉवर्ड ह्युजे जल्द ही अपने चाचा के इस कार्य से मंत्रमुग्ध हो गए और हॉवर्ड ह्युजे ने आगे चलकर फिल्म निर्माण का कार्य शुरू कर दिया था। 

उन्होंने “स्वेल होगन” नामक एक फिल्म का निर्माण किया और उन्हें जल्द ही महसूस हुआ कि फिल्म सही प्रकार से निर्देश नहीं करी गई, और वह एक असफल कार्य बन गई। परंतु वह उस एक असफलता से रुके नहीं और अपनी गलतियों से सीखने की अपनी आदत से उन्होंने एक नया फिल्म निर्माण करने की ठान लिया।  “टू अरेबियन नाइट्स”, उनकी तीसरी फिल्म, ने 1929 में सर्वश्रेष्ठ हास्य निर्देशन के लिए ऑस्कर जीता।

इस सफलता के साथ हॉवर्ड ह्यूजेस ने एक महाकाव्य बनाने का सोचा और इस महाकाल की कहानी उन्होंने प्राथमिक विश्वय युद्व के समय की रखी। यह कहानी दो ब्रिटिश जवानों पर निर्धारित थी जो विमान में पायलट बने थे, और इस फिल्म का नाम “हेल्स एंजल्स” रखा। इस फिल्म में विमान का काफी खर्चा आया और हॉवर्ड ह्यूजेस ने विमान बनाने में महारत हासिल कर ली थी। इस फिल्म के अंदर कई सारे विमान एक साथ उड़ते हैं और विमान में जितनी भी गतिविधियां हो रही थी वह सब आपको फिल्म में देखने में मिल जाती है, हॉवर्ड ह्यूजेस ने इस फिल्म से विमान के बारे में काफी जानकारी हासिल कर ली थी और वह विमान को बनाने से लेकर सही करने का कार्य बहुत सफलतापूर्वक कर पा रहे थे। 

साथ ही साथ यह फिल्म उनका एक जुनून बन गई थी और वह अपने कार्य में बहुत ही मगन हो जाते थे, और अपने परिवार को बिल्कुल भी समय नहीं दे रहे थे जिस कारण से उनकी पत्नी उनसे समय ना मिलने से नाराज थी और कुछ समय बाद जब यह स्थिति नहीं सुधर पाई तो उन्होंने हॉवर्ड ह्यूजेस को तलाक देने का निश्चय कर लिया यूज़ ने फिल्म निर्माण का कार्य जारी रखा और 25 से अधिक फिल्म का निर्माण किया जिसमें कुछ बहुत ही सफल फिल्में भी थी जैसी कि स्कार्फेस और दा आउटलेट फिल्मों में बहुत अपना नाम कमाया इसके बाद वह अपने दूसरे जूनून पर काम करने वाले थे और वह था विमान बनाने का।

हॉवर्ड ह्यूज की जीवनी – दूसरा भाग

 

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