लिंग कितने प्रकार के होते हैं? | Ling kitne prakar ke hote hain?

वैसे तो हिंदी व्याकरण ( hindi grammar ) में शब्दों के भेदों ( parts of speech ) का बड़ा महत्व है जैसे कि संज्ञा ( noun ), सर्वनाम ( pronoun ), क्रिया ( verb ), विशेषण ( adjective ) इत्यादि।  लेकिन इन सबके अलावा भी कुछ चीजे होती है, जिनके बिना हमारा वाक्य अधूरा होता है। हिंदी भाषा में बोलते या लिखते हुए लिंग ( gender ) का बड़ा महत्व है। अगर हम किसी पुरुष के लिए बात कर रहे हैं, तो बात अलग तरीके से होगी, अथार्त बोलते हुए अलग शब्दों का प्रयोग होगा।  तथा वहीँ अगर हम किसी स्त्री के लिए बात कर रहे हैं तो अलग शब्दों का प्रयोग होगा।

जैसे की –

१. राम जा रहा है।

इस वाक्य से पता चलता है, कि राम एक लड़का है, और वह कहीं पर जा रहा है।

 

२. सीता खाना खा रही है।

इस वाक्य से पता चलता है, कि सीता एक लड़की है और वह खाना खा रही है।

 

३. मैं पानी पी रही हूँ।

इस वाक्य से पता चलता है, कि मैं एक लड़की हूँ और मैं पानी पी रही हूँ।

 

४.  आज मैं दिल्ली जाऊंगा।

इस वाक्य से पता चलता है, कि मैं एक लड़का हूँ और मैं आज दिल्ली जाऊंगा।

 

५. मैं आज बच्चो को नहीं पढ़ाऊंगी।

इस वाक्य से पता चलता है, कि मैं एक लड़की हूँ और मैं आज बच्चो को नहीं पढ़ाऊंगी ।

 

अब तक हम ये बात तो  समझ ही गए होंगे कि लिंग का हिंदी भाषा में कितना महत्व है। अब हम लिंग ( gender ) के बारे में आपको विस्तार से समझते हैं।

 

लिंग की परिभाषा ( definition of gender ) –

संज्ञा के जिस रुप से किसी वस्तु की जाति जैसे कि -पुरुष जाती अथवा स्त्री जाती का बोध होता है, उसे लिंग कहते हैं। लिंग एक संस्कृत ( Sanskrit ) भाषा का शब्द है, इसका अर्थ होता है चिन्ह या निशान। यह निशान किसी संज्ञा का ही होता है।

 

लिंग के भेद (Types of gender) –

अब हम आपको हिंदी व्याकरण के लिंग के भेदों के बारे में बताएँगे। हिंदी व्याकरण में दो प्रकार के लिंग होते हैं।

 

१. पुल्लिंग ( Masculine gender )

२. स्त्रीलिंग ( Feminine gender )

हिंदी व्याकरण में तीसरे लिंग यानि नपुसंक लिंग का महत्व नहीं होता।

 

 १. पुल्लिंग ( Masculine gender ) –  संज्ञा के जिस रुप से पुरुष या नर होने का बोध हो,  उसे पुल्लिंग कहते हैं। जैसे-

  • बालक खेलता है।

इस उदाहरण में बालक एक लड़का है जोकि खेल रहा है, अतः ये पुल्लिंग का उदाहरण हुआ।

 

  • कुत्ता दौड़ता है।

इस उदाहरण में कुत्ता दौड़ रहा है, अतः ये भी पुल्लिंग का ही एक उदाहरण है।

 

  • वो आदमी अपने खाने का इंतज़ार कर रहा है।

इस उदाहरण में वो आदमी एक लड़का है जोकि अपने खाने का इंतज़ार कर रहा है, अतः ये पुल्लिंग का उदाहरण हुआ।

 

  • मेरे पिताजी अभी कार चला रहे हैं।

इस उदाहरण में मेरे पिताजी एक पुरुष है जोकि अभी कार चला रहे हैं, अतः ये पुल्लिंग का उदाहरण हुआ।

 

  • वो अपने परिवार का ध्यान रखता है।

इस उदाहरण में वो एक लड़का है जोकि अपने परिवार का ध्यान रखता है, अतः ये पुल्लिंग का उदाहरण हुआ।

 

स्त्रीलिंग ( Feminine gender ) – संज्ञा के जिस रुप से किसी वस्तु की स्त्री या मादा जाति का बोध होता है, उसे स्त्रीलिंग कहते हैं। जैसे-

  • श्यामा गाती है।

इस उदाहरण में श्यामा एक लड़की है जोकि गा रही है, इसलिए श्यामा एक स्त्रीलिंग का उदाहरण है।

 

  • पुस्तक लुभावनी है।

इस उदाहरण में एक पुस्तक की  बात हो रही है, जोकि बहुत अच्छी है।  इसलिए ये एक स्त्रीलिंग का उदाहरण हुआ।

 

  • वो लड़की अपनी माँ का इंतज़ार कर रही है।

इस उदाहरण में वो एक लड़की है, जोकि अपनी माँ का इंतज़ार कर रही है।  इसलिए ये एक स्त्रीलिंग का उदाहरण हुआ।

 

  • दीदी कही जाने की तयारी कर रही हैं।

इस उदाहरण में दीदी एक लड़की है, जोकि कहीं जाने की तयारी कर रही है।  इसलिए ये एक स्त्रीलिंग का उदाहरण हुआ।

 

पुल्लिंग शब्द ( Pulling Shabd ) –

धातु, अन्न, माह, दिवस, तारे, ग्रह, रत्न, देश, शहर, पहाड़, वृक्ष, इत्यादि के नाम पुल्लिंग होते हैं। जबकि पृथ्वी, चांदी, मूंग, अरहर, मकई, दाल, इमली, काशी, मथुरा, अयोध्या आदि स्त्रीलिंग है। इसके अलावा आकारांत शब्द जैसे- छाता, लोटा, तनुजा आदि तथा ईकारांत धोबी, कुर्मी आदि पुल्लिंग शब्द होते हैं।

 

स्त्रीलिंग शब्द ( stirling shabd ) –

नदियों के नाम जैसे गंगा, यमुना, सरस्वती तथा तिथियों के नाम जैसे दूज, चौथ, इत्यादि स्त्रीलिंग शब्द है। अपवाद के रूप में सिंधु, ब्रह्मपुत्र, तथा सोन नदियां पुलिंग हैं। आकारांत शब्द जैसे- डलिया, डिबिया आदि तथा ईकारांत शब्द जैसे रोटी, कुर्सी आदि स्त्रीलिंग शब्द है। अपवाद के रूप में घी, पानी, हाथी शब्द पुलिंग है।

 

अब हम आपको कुछ शब्दों के पुर्लिंग व उन्ही के स्त्रीलिंग में बदल कर बताते हैं।

हाथी का स्त्रीलिंग- हथिनी

गुरु का स्त्रीलिंग-  गुरुआइन 

सम्राट का स्त्रीलिंग- साम्राज्ञी

कवि का स्त्रीलिंग- कवयित्री

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