maha mrityunjaya mantra benefits in hindi ( महामृत्युंजय मंत्र के लाभ )

मेरा नाम रक्षा कुमारी है, मेरा जन्म बिहार के अरवल जिले में हुआ है। मेरी रुचि शुरुआत से ही हिंदी और अंग्रेजी साहित्य में रही है।

महामृत्युंजय मंत्र के दो प्रकार है।

महामृत्युंजय मंत्र

ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्मृ त्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ.

लघु मृत्युंजय मंत्र

ॐ जूं स माम् पालय पालय स: जूं ॐ.

 

महामृत्युंजय मंत्र को त्रयंबक मंत्र के नाम से भी जाना जाता है। इस मंत्र का उल्लेख सबसे पुराने वेद ऋग्वेद में भी पाया गया है। इस मंत्र का उल्लेख यजुर्वेद और ऋगवेद में हिंदू धर्म के सनातन संस्कृति के देवता महादेव की स्तुति के लिए किया गया है। यजुर्वेद के रुद्र अध्याय में भगवान शिव की उपासना के लिए सभी मंत्रो में सबसे शक्तिशाली मंत्र बताया गया है। महामृत्युंजय मंत्र के बारे में कई कहानियां है, इतिहास में कई किस्से भी है। शिव पुराण में भी इस मंत्र जाप की महिमा बताई गई है, कहा गया है की महामृत्युंजय जप करने वाले शिव भक्त के प्राण लेने यमराज को भी एक बार को सोचना पड़ता है। महामृत्युंजय मंत्र का जाप प्रातः काल से लेकर दोपहर के पहले तक किया जा सकता है, इसे खास कर के सावन में करने से लाभ होते है, लेकिन इसे सोमवार को या प्रदोष को भी किया जा सकता है और इसे सवा लाख बार किया जाता है। लघु महामृत्युंजय मंत्र के जप ग्यारह लाख बार किया जा सकता है, अगर कोई  रोज सबेरे 4 बजे नित्यकर्म के बाद 108 बार इस मंत्र का उच्चारण करे तो वह असाध्य लक्ष्य भी साध सकता है, लेकिन आज के समय में इतना समय किसी के पास नही होता इस लिए आप इसे ऑडियो भी सुने तो काफी लाभ होता है नकारात्मकता दूर होती है। इन मंत्रों के उच्चारण सही हो तभी लाभ होता है वरना उल्टे असर भी हो सकते है इस लिए इसे ज्यादातर लोग पंडितो से ही करवाते हैं। तो चलिए आज हम इस लेख में आपको महामृत्युंजय मंत्र के लाभ बताते हैं जिनके बारे में आपने कभी नही सुना होगा।

 

( 1 ) शिव होते हैं प्रसन्न :-

महामृत्युंजय मंत्र का उच्चारण महादेव की उपासना के लिए किया जाता है, कहा जाता है की इस मंत्र के जप करने से शिव जी सारी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इस महामंत्र को महादेव का सबसे प्रिय मंत्र कहा जाता है। शिव को प्रसन्न करने के लिए इस मंत्र का उच्चारण अत्यंत लाभकारी माना गया है।

 

( 2 ) दीर्घायु होने के लिए :-

जो भी जातक लंबे समय से बीमार होते हैं या उनके घर में कोई शैयावस्था पर होता है तो उन्हे पंडित जी की ये सलाह रहती है की वो महामृत्युंजय का जाप करवाए क्योंकि इस मंत्र का जाप करने से भक्त की आयु लम्बी होती हैं या फिर जिसके लिए जिसके नाम से यह जप करवाया गया हो उसकी आयु बढ़ोतरी होती है। कई लोगो की कुंडली में या हस्त रेखा में अल्प आयु का दोष होता है उन्हे यह मंत्र जाप करवाने से दोष मिटता है आयु में वृद्धि होती है। व्यक्ति लंबा जीवन व्यतीत करता है।

 

( 3 ) आरोग्य प्राप्ति के लिए :-

महामृत्युंजय मंत्र के जप करने से व्यक्ति की आरोग्य संबंधित समस्याएं दूर होती है। गंभीर-से-गंभीर या पुरानी-से-पुरानी शारीरिक समस्या या रोग इस मंत्र की असीम शक्तियों से ठीक हो जाता है। यह मंत्र जप करने से स्वास्थ्य संबंधित कोई भी समस्या दूर रहती हैं।

 

( 4 ) मोक्ष की प्राप्ति :-

कई लोग कहते हैं कि महामृत्युंजय मंत्र के जप करने से व्यक्ति की मृत्यु नही होती व्यक्ति अमर हो जाता है लेकिन यह सच नहीं है एक मिथ्य है। महृत्युंजय मंत्र के जप करने से व्यक्ति की आयु लम्बी होती है, व्यक्ति दीर्घायु होता है, व्यक्ति की अकाल मृत्यु नही होती लेकीन व्यक्ति की मृत्यु होती है। इस धरती पर इस संसार में हर व्यक्ति की मृत्यु होती ही है जो जब जब होना लिखा है सो तब तब होता ही है लेकिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने वाले शिव उपासक की मृत्यु कष्टकारी नही होती और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

 

( 5 ) संपति की प्राप्ति :-

जो भी व्यक्ति इस महामंत्र का उच्चारण करता है उसे कभी भी धन-संपत्ति को कमी नही होती है। व्यक्ति के घर में धन भरा रहता है, दिन दोगुनी रात चौगुनी धन लाभ होता है। व्यक्ति जो भी काम करता है उसमे उसे अपार सफलता मिलती है और धन लाभ होता है। इस मंत्र के उच्चारण से व्यक्ति कम समय में ढेर सारी संपत्ति बना सकता है।

 

( 6 ) यश की प्राप्ति :-

आज के समय में हर कोई किसी-न-किसी तरह धन तो कमा ही लेता है मगर नाम नही बना पाता। महामृत्युंजय मंत्र के जप करने से शिव जी प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति की यश पाने की मनोकामना पूर्ण होती है। व्यक्ति का को यश की, कीर्ति, ख्याति की प्राप्ति होती है।

 

( 7 ) संतान की प्राप्ति :-

इस मंत्र से संतान की प्राप्ति की मनोकामना भी पूर्ण होती है इतना ही नहीं व्यक्ति अपने संतान की स्वास्थ्य के लिए भी इस महामंत्र का जाप करवाता है।

 

( 8 ) दोष से मुक्ति :-

व्यक्ति के जीवन में कई तरह के दोष हो सकते हैं जैसे की मांगलिक दोष, नाड़ी दोष, भूत-प्रेत दोष, कालसर्प दोष, दुः स्वप्न दोष, गर्भनाश दोष, संतान बाधा दोष। इस महामृत्युंजय मंत्र के जप करने से व्यक्ति अपने सारे दोषों से मुक्ति पा सकता हैं।

 

( 9 ) पाप से मुक्ति :-

कहा जाता है कि व्यक्ति अपने पिछले जन्म के पापों की सजा इस जन्म में काटता है या इस जन्म में भी जाने अंजाने किए हुवे पापों का भुगतान करता है इस लिए व्यक्ति अपने पापों से छुटकारा पाने के लिए भी इस महामंत्र का जाप करवाता हैं।

 

( 10 ) गृह कलेश से छुटकारा :-

कई लोगो के घर में गृह कलेश होता ही रहता है इसके कई कारण हो सकते हैं, वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के कुछ कोने या दिशाएं नकारात्मक भावनाएं लाती है इस लिए घर में इस महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से गृह कलेश निवारण होता है।

 

( 11 ) निर्भय :-

व्यक्ति को मौत का भय नही रहता इतना ही नहीं व्यक्ति को किसी भी तरह का कोई भय नही सताता है, इस महामंत्र के उच्चारण करने से व्यक्ति निर्भय होता हैं।

 

( 12 ) मानसिक शांति :-

इस महामृत्युंजय मंत्र उच्चारण की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और व्यक्ति के मन में चल रहे सारे नकारात्मक विचारों का नाश होता है और व्यक्ति का मानसिक स्थिति सुदृढ़ रहती है।

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