MBBS Doctor Kaise Bane | MBBS डाॅक्टर कैसे बनें

मेरा नाम रक्षा कुमारी है, मेरा जन्म बिहार के अरवल जिले में हुआ है। मेरी रुचि शुरुआत से ही हिंदी और अंग्रेजी साहित्य में रही है।

दोस्तों डाॅक्टर बनने के लिए आपको एक बैचलर डिग्री लेनी होती है। इसमें आपके पास MBBS, BDS (dentist), BUMS (यूनानी), BNYS (नेचुरोपैथी और योग), BAMS (आयुर्वेदिक डाॅक्टर), BHMS (होम्योपैथिक), BVSc and AH  (वेटरनरी) जैसे बहुत से विकल्प होते हैं।

आप अपनी बजट, रुचि, और मेरिट के अनुसार इनमें से किसी एक में एडमिशन ले सकते हैं। डाॅक्टर बनने के लिए कितना पैसा लगता है, मेरिट लिस्ट कैसे बनती है और एडमिशन का क्या प्रोसेस है, इसके बारे में इस लेख में आगे बताया गया है। आम तौर पर जब डाॅक्टर बनने की बात होती है तो ज्यादातर बच्चे एमबीबीएस का ही सपना देखते हैं। क्योंकि इसमें आगे बहुत ज्यादा स्कोप है।

 

MBBS Doctor Kaise Bane | MBBS डाॅक्टर कैसे बनें

 

MBBS डाॅक्टर कैसे बनते हैं।

दोस्तों MBBS डाॅक्टर बनने के लिए आपको सबसे पहले PCB विषयों के साथ बारहवीं करनी होगी। इसके बाद NEET (UG) exam देना होगा। इसे आम बोलचाल में NEET ही कहा जाता है।

यदि आप यह एग्जाम क्वालिफाई कर जाते हैं तो आप भी किसी मेडिकल काॅलेज में MBBS की पढ़ाई कर सकते हैं।

NEET Exam से जुड़ी जानकारी आपको डाॅक्टर बनने के लिए कौन सा एग्जाम देना होगा सेक्शन में मिल जाएगी। दोस्तों यही नहीं अगर आप ऊपर बताया कोई और कोर्स भी करना चाहें तो भी यही तरीका है।

अब आप यह तो जान ही  चुके हैं कि MBBS Doctor kaise bane । अब आगे जानेंगे MBBS कितने साल का होता है।

 

MBBS कितने साल का होता है ?

दोस्तों MBBS करने के लिए साढ़े चार साल लगते हैं। इसके बाद इंटर्नशिप करनी भी जरूरी होती है। इसके लिए एक साल और लगता है। इस तरह एमबीबीएस करने के लिए कुल साढ़े पांच साल का वक्त लगता है।

 

12th के बाद डाॅक्टर कैसे बनें ?

  1. PCB विषयों के साथ बारहवीं करें।
  2. जनरल कैटेगरी के लिए 50% marks जरूरी हैं।
  3. आरक्षित वर्ग के लिए 40% marks होने चाहिए।
  4. अच्छी तरह से NEET exam की तैयारी करें।
  5. NEET एग्जाम अच्छे नंबरों से क्वालीफाई करें।
  6. मेडिकल काॅलेज में एडमिशन लें।
  7. डॉक्टर बन्ने के लिए मेडिकल का साढ़े पांच साल का कोर्स करें
  8. कोर्स खत्म करने के बाद आप एक डॉक्टर बन जाएँगे |

 

डाॅक्टर बनने में कितना पैसा लगेगा ?

दोस्तों डाॅक्टर बनने में कितना पैसा लगेगा ये पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कौन से काॅलेज में एडमिशन ले रहे हैं और कौन सा कोर्स कर रहे हैं।

अगर आप एमबीबीएस में एडमिशन लेते हैं तो एक सरकारी काॅलेज की फीस 15,000 से लेकर एक लाख सालाना हो सकती

है। सबसे कम फीस AIIMS की है जो लगभग 1600 रुपए सालाना होती है।

वहीं एमबीबीएस प्राइवेट काॅलेज की फीस 5 लाख से लेकर 25 लाख रुपए तक हो सकती है। कुछ कॉलेजों की फीस इससे भी ज्यादा है।

इसी तरह BAMS का कोर्स करते है तो आपकी फीस काफी कम लगेगी |

इसलिए ये बहुत जरूरी है कि आप अच्छे नंबरों से NEET एग्जाम पास करें ताकि आप मेरिट लिस्ट में ऊपर हों और मनपसंद काॅलेज चुन सकें।

डाॅक्टर बनने के लिए 10वीं के बाद कैसे तैयारी करें ?

एक बार अगर आप ये तय कर लेते हैं कि आपको डाॅक्टर बनना है तो दसवीं के बाद उसकी तैयारी शुरु कर देनी चाहिए |

 

डाॅक्टर बनने के लिए 10वीं के बाद क्या और कैसे तैयारी करें।

  1. 11th में साइंस लें – डाॅक्टर बनने के लिए आपको ग्यारहवीं में साइंस स्ट्रीम लेनी होती है। इसमें फिजिक्स, कैमिस्ट्री और बायोलाॅजी पढ़नी होगी।

जो बच्चे फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, मैथ पढ़ते हैं उनके पास चाॅइस होती है कि वो बारहवीं के बाद मेडिकल या फिर मैथ्स दोनों में से कोई एक राह पकड़ लें।

  1. NEET एग्जाम की तैयारी करें –

दोस्तों आपने ऊपर पढ़ा कि मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए NEET का एग्जाम देना होता है। इसके लिए कुछ स्टूडेंट्स दसवीं से ही तैयारी शुरु कर देते हैं।

आपको एग्जाम के लिए बहुत मन लगाकर पढ़ाई करनी होती है तभी आप यह एग्जाम क्लीयर कर पाएंगे। आप कोचिंग जाॅइन कर सकते हैं। कुछ स्टूडेंट्स सेल्फ स्टडी भी करते हैं।

  1. मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लें-

जब आप NEET क्वालीफाई करके मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेते हैं तो आपको साढ़े चार साल पढ़ाई करनी होती है। इसके बाद इंटर्नशिप पूरी करके आपको डिग्री मिलती है

लेकिन इसके बाद एक रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस होता है। यानि आपने जो कोर्स किया उससे रिलेटेड काउंसिल में आपको अपना रजिस्ट्रेशन कराना होता है। इसके बाद ही आप आगे जाॅब या प्रेक्टिस कर सकते हैं।

  1. रिलेटेड काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करें।

MBBS के स्टूडेंट्स मेडिकल काउंसिल और BDS के स्टूडेंट्स डेंटल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराते हैं। इसी तरह अन्य कोर्स के लिए भी उनकी संबंधित काउंसिल में रजिस्ट्रेशन जरूरी है।

उम्मीद है कि डाॅक्टर बनने के लिए 10वीं के बाद कैसे तैयारी करें आपने अच्छी तरह से समझ लिया होगा ।

 

डाॅक्टर बनने के लिए कौन सा एग्जाम देना होगा ?

  • मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए जो entrance exam होता है उसे NEET (UG) कहा जाता है।
  • NEET का  फुल फार्म होता है National Eligibility Entrance Test (Undergraduate).
  • यह एग्जाम ऑफलाइन होता है।
  • जनरल और ओबीसी कैंडिडेट्स के लिए 1500 रुपए की और एससी/एसटी के लिए 800 रुपए की एग्जाम फीस निर्धारित की गई है।
  • इस परीक्षा के लिए निर्धारित आयु सीमा 17-25 वर्ष  है।
  • इसमें Physics, Chemistry, Botany और Zoology के 45-45 यानि कुल 180 प्रश्न होते हैं
  • यह 720 नंबर का पेपर होता है।
  • एग्जाम में माइनस मार्किंग भी होती है।
  • एग्जाम के रिजल्ट के बाद एक मेरिट लिस्ट बनाई जाती है।
  • जनरल कैटेगरी के लिए कम से कम 550-600,
  • ओबीसी के लिए 500-600 और एससी/एसटी के लिए 450 से ज्यादा नंबर लाने होते हैं तभी एक अच्छे कॉलेज में एडमिशन का चांस रहता है।
  • एग्जाम रिजल्ट के बाद काउंसिलिंग होती है जहां पहले ऑल इंडिया लेवल के लिए 15% सीट और फिर बाकी 85% सीट के लिए एडमिशन होता है।

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