मोबाइल से होने वाले नुकसान ( mobile phone ke nuksan in hindi )

आज के आधुनिक युग में ऐसा कोई नही होगा जो mobile phone के बारे मे कुछ भी न जानता हो, पिछले 5 साल में मोबाइल यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है जबसे इंटरनेट सुलभ हुआ है, खास कर के कोरोना काल में जबसे ऑनलाइन क्लासेज और वर्क फ्रॉम होम शुरू हुआ है, उसकी वजह से लोअर मिडिल क्लास के लोगो के पास भी अब स्मार्टफोन है। मोबाइल के खर्च उठाना मध्यम वर्गीय लोगों के लिए आसान नहीं होता, मोबाइल फोन एक खर्चीला साधन हैं।

 

मोबाइल से होने वाले नुकसान (mobile phone ke nuksan in hindi)

  1. फोन का इस्तेमाल सिर्फ काम के लिए किया जाए तो अच्छा है, मगर फोन में डाउनलोड सोशल मीडिया एप्लीकेशन के नोटिफिकेशन हमारा ध्यान खींचते है, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे एप्लिकेशंस एक बार खोलने के बाद रिल्स देखते-देखते कब घंटो बीत जाते है पता ही नहीं लगता और देर तक फोन चलाने की आदत भी लग जाती है, फोन हमारा कीमती समय बर्बाद करवाता है।
  2. आज कल लोग कुछ भी लिखने के लिए भी कीबोर्ड का इस्तेमाल करने लगे हैं, किताबो मे लिखना अब कोई पसंद नहीं करता, पेन-पेंसिल की लिखावट बिगड़ रही हैं, आज के बच्चें जो कम उम्र से ही फोन चला रहे हैं, उन्हें रील देखने की आदत लग चुकी है, उन्हे कीबोर्ड की आदत लग चुकी है और जब उन्हें पेंसिल से लिखने को कहा जाए तो उन्हें बिलकुल मन नहीं लगता, फोन बुरी तरह बच्चो को प्रभावित करता है, 5 साल से कम उम्र के बच्चो के दिमाग को फोन 70 प्रतिशत तक प्रभावित करता है, जिस उम्र में दिमाग का विकास हो रहा होता है फोन की बुरी लत उसे संकुचित करती है, बच्चे ऑनलाईन क्लास के बहाने फोन में मनोरंजक चीजे देखने लगते है, गेम खेलने लगते है, ऐसे फोन से बच्चो का भविष्य खराब हो सकता हैं।
  3. मोबाइल फोन युवाओं की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित करता है, आज के युवा बेरोजगारी से परेशान है क्योंकि सबने सिर्फ डिग्री ली है स्किल तो सीखे ही नहीं, अपना कीमती समय रील बनाने में प्रोफाइल पिक्चर अपलोड करने बर्बाद किया होता है, आज के युवा परेशान है उन्हे कई मानसिक परेशानियां होने लगी है, पहले के समय में डिप्रेशन और anixty जैसी समस्या नहीं थी आज हर तीसरा इंसान मानसिक समस्याओं से जूझ रहा है क्योंकि फोन इंसान के दिमाग में द्रव्यों को संकुचित करता है, पहले चश्मा सिर्फ बूढ़े पहनते थे आज फोन ने सबकी आंखों को इस तरह प्रभावित किया है कि 4साल के बच्चो को भी आंख की समस्या होने लगी है। आज के युवा पोर्न देखने की बुरी लत लगा लेते है ऐसे में उनका शरीर कमजोर हो जाता है, कई तरह की परेशानियां होने लगती है, स्पर्म 30 प्रतिशत तक नष्ट होने लगता है, नपुंसकता हो सकती है, मोबाइल फोन हमसे हमारा स्वास्थ्य छीन रहा है।
  4. मोबाइल फोन से निकले वाली रेडियो फ्रिक्वेंसी तरंगे हमारे दिमाग के द्रव्यों को कम करती है, दिमाग तक ऑक्सीजन की मात्रा को असंतुलित करती है, ऐसे फोन हमारे दिमाग को बुरी तरह प्रभावित करता है, हमारे सोचने की क्षमता घटने लगती है, एकाग्रता कम होने लगती है, स्मरण और चिंतन की शक्ति घटने लगती है, कल्पना करना मुश्किल होने लगता है, व्यक्ति में चिड़चिड़ापन आ जाता है, व्यक्ति बात-बात पर गुस्सा होने लगता है, आलस्य बढ़ने लगता है, नींद की समस्याएं होने लगती हैं।
  5. गर्भवती महिला को भी फोन प्रभावित करता है, गर्भस्थ शिशु पर भी फोन के बुरे प्रभाव पड़ते है, शिशु का विकास पूरी तरह नही होता फिर सिजेरियन और प्रीमेच्योर बेबी हो सकते है, कहते है की अभिमन्यु अपनी मां की कोख में चक्रव्यूह में प्रवेश करने ज्ञान प्राप्त कर चुके थे, बिलकुल वैसे ही बच्चे मां को कोख से सीखने लगते है, गर्भवती महिला का फोन का गलत और ज्यादा इस्तेमाल करना बच्चे को प्रभावित करता हैं।
  6. यूं तो फोन से हम अपने दूर रहने वाले दोस्तो-रिश्तेदारों से आसानी से संवाद कर सकते है, लेकिन फोन रिश्तों में नजदीकिया लाने के बजाय दूरियां ला रहा है, आज कल लोग अपना सारा समय अपना सारा ध्यान फोन में लगा रहे है। अपने ही घर में अपने ही परिवार से अपने दोस्तो से बात न कर के सिर्फ फोन में लगे रहने से रिश्तों में दूरियां आ रही है, ऐसे में फोन हमे अपनी से दूर कर रहा हैं।
  7. फोन से हमारी सरकारी आइडेंटिटी जा सकती है, हमारी प्राइवेट इन्फॉर्मेशन हैकिंग कर के हैकर्स चुरा सकते है, स्मार्टफोन वाली स्मार्ट जनरेशन में प्राइवेसी का खतरा बोहोत है, हम शिक्षा व रोजगार के लिए ऑनलाइन आवेदन करते है तथा अपनी इन्फॉर्मेशन देते है, इसमें धोखा होने की संभावनाएं ज्यादा होती है, फोन में कही किसी एप्लीकेशन में हम अपनी फोटोज भी अपलोड करते ही रहते है, उसका गलत तरीके से इस्तेमाल भी किया जा सकता है, फोन हमसे हमारी प्राइवेसी छीनता हैं।
  8. फोन की वजह से कई हादसे हो सकते है, जैसे आए दिन हम खबरे सुनते हैं की सेल्फी लेते समय जान गई, वीडियो बनाते समय हादसा हुआ, कई बार खबरे सुनने में आती है कि फोन में ब्लास्ट हुआ, जब फोन गर्म हो जाता है तब फोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, फोन को चार्ज में लगा कर भी फोन चलाना हानिकारक है, फोन जेब में रखना या हार्ट के पास रखने से या बेल्ट के पास रखने से हादसे हो सकते हैं। फोन में अधिक सोशल मीडिया के इस्तेमाल से cyberbullying भी हो सकता है, ऐसा व्यक्ति आत्महत्या की ओर भी कदम उठा सकता है। ऐसे में फोन कई बार जानलेवा भी साबित होता हैं।

 

फोन हमारे लिए है हमारी सुविधा के लिए है न की हम फोन चलाने के लिए हैं, फोन हमे रखना है, फोन से हमे बंधना नही है, फोन के फायदे भी है नुकसान भी है अब हमे सोचना है की हमे फोन के फायदे उठाने है या नुकसान झेलना हैं।

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