Pani ke labh in hindi

क्या आपने कभी सोचा है इस दुनिया में पानी न होता तो क्या होता ? हम क्या पीते ? कभी ये सोचा है की पानी की पूजा क्यों की जाती है या पूजा में जल क्यों दिया जाता हैं ? पानी पीने के लाभ क्या है ? तो चलिए आज हम आपको इस लेख में पानी के अनगिनत लाभों में से कुछ महत्व के लाभों को बताते हैं।

 

अगर पानी नही होता तो क्या होता ?

ब्रह्मांड में सिर्फ एक ही ग्रह है जहां पानी है और वह है पृथ्वी जो एक मात्र ऐसा ग्रह है जहां मानव जीवन मुमकिन है। पृथ्वी पर पानी है इसी लिए इसे नीला ग्रह भी कहा जाता है। अगर पूरे ब्रह्मांड में पानी न होता तो किसी भी ग्रह पर जीवन नही होता, ना मानव होते, न कोई जीव-जंतु होता और न ही कोई प्रकृति होती। अगर पानी नही होता तो  इंसान नही होता और हम इंसान ही नही होते तो कुछ नहीं होता। इस लिए जल है तो जीवन है। पानी है तो दुनिया है।

 

पानी की पूजा क्यों की जाती है ?

प्राचीन काल से ही जल (पानी) की पूजा की जाती है, क्योंकि जब मानव आधुनिक नही था तब लोग पानी से ही अपना जीवन चलाते थे, अपने शरीर को स्वच्छ रखते थे। पानी की किल्लत न हो इस लिए लोग पानी वाले जगह के पास ही अपना निवास स्थान बनाते थे। इसी लिए सिंधु नदी के किनारे, गंगा घाट किनारे लोगो ने नगर बसाए और सिंधु घाटी सभ्यता बनी। अगर पानी न होती तो नदियां न होती और न ही कोई जीवित रह पता। प्राचीन काल में कर्मकांड करने के लिए भी लोग पहले स्नान कर के अपने शरीर को स्वच्छ करते थे, इसके बाद ही कोई पूजा की जाती थीं। आज भी सूर्य को जल देने की प्रथा चलती आ रही है आज भी लोग सूर्य देव को, तुलसी के पौधे में, पीपल या बरगद में जल चढ़ाते हैं और पूजा करते हैं। जल सिर्फ जरूरत ही नहीं हमारी आस्था से भी जुड़ा है भगवान शिव को जल चढ़ा कर पूजा की जाती है। कई क्षेत्रों में उगते सूरज और डूबते सूरज को भी अर्घ्य दिया जाता है।

 

पानी हमारे शारीरिक स्वास्थ्य के लिए क्यों जरूरी है ?

हमारे शरीर में 60 प्रतिशत पानी है। अच्छे सलाहकारों का कहना है कि हमें रोज 8 से 10 ग्लास पानी पीना चाहिए। अगर हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाए तो कई सारी बीमारियां हमे जकड़ लेंगी जैसे कब्ज, डिहाइड्रेशन, मोटापा आदि। पानी पीने से शरीर का तापमान बना रहता है। शरीर में ऊर्जा का संचरण बना रहता है। अगर पानी की कमी हो जाए तो व्यक्ति डिहाइड्रेशन का शिकार हो सकता हैं और व्यक्ति की जान भी जा सकती है। इतना ही नहीं अगर शरीर में पानी की कमी हो जाए तो व्यक्ति के शरीर में ऊर्जा नही रहती और व्यक्ति अपनी रोजमर्रा के काम भी नहीं कर पाता। कई लोग पानी को बहुत हल्के में लेते हैं जिससे ले कर उन्हें कब्ज की समस्यां हो जाती है और कब्ज की वजह से कई अन्य बीमारियां भी चपेट करती है। कई लोग अपने दिन की दिन की शुरुआत ही पानी से करते हैं जिससे उनकी पाचन तंत्र ठीक से काम करती है और उन्हें कब्ज नहीं होती कई लोग सुबह गर्म पानी के साथ नींबू या अजवाइन लेते हैं जिससे उनका पेट साफ हो जाता है और वह कई तरह की बीमारियों से बचते हैं पानी हमारे शरीर में लार बनाता है जिससे हम जो खाना खाते हैं वह जल्दी पचता है और अपच से बचाव करता है। अगर पानी ना रहे हमारे शरीर में तो शरीर में कई तरह की बीमारियां घर कर लेंगे और शरीर ठीक से काम करना बंद कर देगा इसलिए शारीरिक स्वास्थ्य के लिए पानी बहुत जरूरी है अगर आप स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं तो आपके शरीर में पानी अच्छी मात्रा में होनी जरूरी है। कई लोग पानी को बहुत हल्के में लेते हैं और उन्हें जब प्यास लगती है तब ही पानी पीते हैं इसलिए उनके जीवन में कोई न कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बनी रहती हैं अगर व्यक्ति बिल्कुल स्वस्थ जीवन चाहता है तो उसे प्रतिदिन 7 से 8 लीटर पानी पीना चाहिए।

 

मानसिक स्वास्थ्य के लिए पानी के लाभ क्या है ?

आजकल की भागदौड़ भरी दुनिया में हर तीसरा व्यक्ति डिप्रेशन, एंजाइटी, इनसोम्निया, डिहाइड्रेशन, अनिंद्रा  जैसी बीमारियों से जूझ रहा है और महंगे-महंगे केमिकल युक्त दवाइयों पर हजारों, लाखों रुपए खर्च कर रहा है किंतु अगर व्यक्ति प्रतिदिन पानी पिए अच्छी मात्रा में तो वह अपना 30% तनाव घटा सकता है।  आजकल हर उम्र के लोगों में अनिद्रा की समस्या पाई जाती हैं लेकिन पानी पीने से इन समस्याओं से आसानी से मुक्ति पाई जा सकती है किंतु पानी ना पीने से यह सामान्य सी समस्याएं भी बहुत हानिकारक साबित हो सकती हैं। अच्छे सलाहकारों की माने तो उनका कहना है कि जिन्हें तनाव हो उन्हें पानी से जुड़ी जगह पर जाना चाहिए जिससे उन्हें मानसिक शांति मिलती है तो पानी सिर्फ पीने से ही नहीं स्पर्श करने से या देखने से भी हमारे मानसिक स्वास्थ्य को स्वस्थ रखती है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ही नहीं किंतु आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी पानी हमें तनाव से दूर रखती है कई बार हमारी मानसिक समस्याओं के लिए सूर्य को अरग देने के लिए भी कहा जाता है जिससे हम पानी से जुड़ते हैं और हमारे मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है। कई लोग अपने तनाव को दूर रखने के लिए अपनी थकान को मिटाने के लिए बीच पर या कहीं झरने के पास, किसी पानी वाली जगह पर घूमने जाते हैं जिससे उनका तनाव कम होता है।

 

क्या सच में पानी से सुंदरता बढ़ती है ?

आपने कई सेलिब्रिटीयों को कहते हुए सुना होगा कि उनकी सुंदर त्वचा का राज ढेर सारा पानी पीना है। हां, यह सच है कि पानी पीने से शरीर के त्वचा के छोटे-छोटे छिद्रों में पानी की कमी नहीं बनती और शरीर की सुंदरता बढ़ती है।  त्वचा में चमक आती है और निखार बढ़ता है।  सही मात्रा में पानी पीने से व्यक्ति के चर्म रोग संबंधित समस्याएं दूर होती हैं। पानी पीने से मूत्राशय की समस्या नहीं रहती शरीर से गंदा गंदगी निकल जाता है, पेट साफ होता है, इसलिए चर्बी नहीं बनती और शरीर सुंदर सुडौल बनता है जिससे शरीर की सुंदरता बढ़ती है।  जो व्यक्ति हमेशा पानी का सेवन अच्छी मात्रा में करता है उसे लंबे समय तक बीमारियां नहीं छूती और वह बुढ़ापे की उम्र तक युवा नजर आता है।

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