आसानी से पुलिस कैसे बने | Police kaise bane | पुलिस में कौन-कौन से पोस्ट होते है ?

मेरा नाम रक्षा कुमारी है, मेरा जन्म बिहार के अरवल जिले में हुआ है। मेरी रुचि शुरुआत से ही हिंदी और अंग्रेजी साहित्य में रही है।

मार्च 2021 की Times of India के एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में 5 लाख से अधिक खाली पोस्ट्स हैं। इस रिपोर्ट से पता चलता है कि पुलिस की नौकरी में कितना अधिक स्कोप है। अक्सर हम फिल्मों और धारावाहिकों में पुलिस के सकारात्मक किरदार को देखकर खुद को वहां रिलेट किया करते थे। तो आइए आज आपको हम इस लेख के माध्यम से पुलिस ने भर्ती होने के सभी प्रोसेस से अवगत करवाएंगे।

 

आसानी से पुलिस कैसे बने | Police kaise bane | पुलिस में कौन-कौन से पोस्ट होते है ?

 

पुलिस अफसर के प्रकार

प्राइवेट इन्वेस्टिगेटर :-

प्राइवेट इन्वेस्टिगेटर का मतलब प्राइवेट जासूस से है। यह किसी व्यक्ति या संगठन के लिए विभिन्न प्रकार के मामलों के बारे में जानकारी खोजने और पर्सनल, लीगल और फाइनेंसियल इनफार्मेशन खोजने के लिए कार्य करते हैं।

क्राइम सीन इन्वेस्टिगेटर :-

एक क्राइम सीन इन्वेस्टिगेटर (सीएसआई) किसी विशेष क्षेत्र से संबंधित क्राइम सीन से सभी महत्वपूर्ण सबूतों को इकट्ठा करने का कार्य करते हैं। सीएसआई राज्य या फ़ेडरल लॉ एनफोर्समेंट द्वारा एम्प्लॉयड होते हैं।

लॉ एनफोर्समेंट इंस्ट्रक्टर्स :-

लॉ एनफोर्समेंट इंस्ट्रक्टर्स आमतौर पर पुराने या करंट लॉ एनफोर्समेंट ऑफिसर्स होते हैं। वे लॉ एनफोर्समेंट वर्कर्स की भर्ती के लिए शुरूआती ट्रेनिंग प्रदान करते हैं।

सुपरिंटेंडेंट ऑफ़ पुलिस :-

एसपी सभी भारतीय नॉन-मेट्रोपोलिटन जिलों के डिस्ट्रिक्ट हेड्स होते हैं। उन्हें एक डिस्ट्रिक्ट के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का इन-चार्ज अप्पोइंट किया जाता है।

डिप्टी सुपरिंटेंटडेंट ऑफ़ पुलिस :-

डिप्टी सुपरिंटेंटडेंट ऑफ पुलिस राज्य के पुलिस अफसर होते हैं। यह प्रोविंशियल पुलिस फाॅर्स से संबंधित होते हैं।

लोकल पुलिस फाॅर्स :-

लोकल पुलिस फाॅर्स में देश, म्युनिसिपल, रीजनल, और ट्राइबल पुलिस शामिल हैं जिन्हें सीधे स्थानीय सरकार के द्वारा अप्पोइंट किया जाता है। इन्हें अधिकार क्षेत्र के कानूनों को बनाए रखने, पेट्रोलिंग करने और लोकल क्राइम की आदि की जांच का कार्य होता है

 

पुलिस अफसर बनने के लिए स्किल्स

पुलिस अफसर बनने के लिए कुछ स्किल्स का होना बेहद जरूरी है, जैसे की :

  1. क्रिटिकल थिंकिंग
  2. प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स
  3. कम्युनिकेशन स्किल्स
  4. फिजिकल फिटनेस
  5. इंटरपर्सनल स्किल्स
  6. ऑब्सेर्विंग स्किल्स
  7. इनवेस्टिगेटिव स्किल्स

 

12वीं के बाद पुलिस अफसर बनने के लिए क्या करें ?

12वीं के बाद पुलिस अफसर बनने के लिए कोर्सेज की लिस्ट दी गई है।

जो कुछ इस प्रकार है:

यूजी प्रिपरेशन :-

यूजी डिग्री में, यदि छात्र लॉ एनफोर्समेंट में रुचि रखते हैं, तो उन्हें साइकोलॉजी, साइंस और गणित जैसे सब्जेक्ट्स की पढ़ाई करनी चाहिए। इसके अलावा उन्हें फिजिकली फिट रहने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए।

पीजी प्रिपरेशन :-

पीजी डिग्री में छात्र लॉ एनफोर्समेंट डिग्री, सोशल साइंस और लॉ आदि के रूप में क्रिमिनल जस्टिस जैसे कोर्सेज को कर सकते हैं।

ग्रेजुएशन के बाद पुलिस अफसर बनने के लिए जरूरी पॉइंट्स इस प्रकार है:

ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद कैंडिडेट के पास अफसर बनने के कई विकल्प होते हैं। एग्जाम पास करने के बाद सीआईडी अफसर, सब इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर, डीसीपी, एसीपी, डीएसपी, एसपी आदि पोस्ट्स प्राप्त करते हैं।

रिटन एग्जाम पास करने के बाद इंटरव्यू/ओरल राउंड की बारी होती है जिसे सफलतापूर्वक पास करने के बाद पुलिस अफसर लग सकते हैं।

नोट: कुछ पोस्ट्स पर काम को देखते हुए या इंटरनल एग्जाम को पास करने पर प्रमोशन मिलती है

योग्यताएं

पुलिस अफसर बनने के लिए निम्न पत्रताओं का होना आवश्यक है:

  1. किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12th (कोई भी स्ट्रीम) में पास किया होना ज़रूरी है।
  2. कैंडिडेट ने किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री (किसी भी सब्जेक्ट) प्राप्त की हो।
  3. किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से कैंडिडेट ने मास्टर्स डिग्री (किसी भी सब्जेक्ट) में की हो।
  4. लोअर ऐज लिमिट 21 वर्ष है।
  5. वैध ड्राइविंग लाइसेंस
  6. शारीरिक अपेक्षाएं

 

हाइट :- पुरुष कैंडिडेट्स के लिए हाइट 165 सेंटीमीटर जबकि महिला कैंडिडेट्स के लिए 150 सेंटीमीटर होनी चाहिए। गोरखा, गढ़वाली, आसामी, कुमाऊँनी, नागालैंड ट्राइबल आदि के कैंडिडेट्स के मामले में पुरुष और महिला के लिए, मिनिमम हाइट में छूट क्रमशः 160 और 145 सेंटीमीटर है।

चेस्ट :- पुरुष कैंडिडेट्स के लिए मिनिमम चेस्ट आवश्यकता 84 सेंटीमीटर है और महिला के लिए 79 सेंटीमीटर।

आईसाइट :- कम विज़न वाली आँख के लिए 6/2 या 6/9 की डिस्टेंट विज़न और अच्छी विज़न वाली आँख के लिए 6/6 या 6/9 की विज़न। कम विज़न वाली आँख के लिए J2 और अच्छी विजन वाली आँख के लिए के लिए J1 नियर विजन।

कैंडिडेट्स को फिजिकल एक्टविटीज करनी होती हैं जिसमें 60 मिनट में 10 किलोमीटर वीकली रन, रस्सी पर चढ़ना और घुड़सवारी शामिल हैं।

 

स्टेप बाय स्टेप गाइड

पुलिस अफसर बनने के लिए स्टेप बाय स्टेप गाइड नीचे दी गई है:

स्टेप-1

बेसिक एजुकेशन प्राप्त करना ज़रूरी

छात्रों को कम से कम हाई स्कूल डिप्लोमा या जीईडी होना चाहिए। कई ऑफिसर्स क्रिमिनल जस्टिस जैसे क्षेत्रों में एक एसोसिएट या बैचलर्स डिग्री हासिल करना चुनते हैं। कुछ रोल्स या डिपार्टमेंट्स के लिए आपको एसोसिएट डिग्री प्राप्त करने की भी आवश्यकता हो सकती है। इसके साथ ही उन लोगों के लिए एजुकेशन की आवश्यकता को अक्सर माफ कर दिया जाता है जिन्होंने सेना में अपनी सेवाएं दी हैं।

स्टेप-2

मिनिमयम आवश्यकताओं का पूरा करना

मिनिमयम आवश्यकता इस प्रकार है:

  1. ऐज
  2. ड्राइविंग लाइसेंस
  3. बैकग्राउंड चेक
  4. फिजिकल एग्जामिनेशन
  5. साइकोलॉजिकल इवैल्यूएशन

स्टेप-3

लॉ एनफोर्समेंट एग्जाम पास करें

जूरिस्डिक्शन के साथ-साथ आपके द्वारा चुनी गई पुलिस अकादमी के आधार पर विभिन्न लॉ एनफोर्समेंट एग्जाम होते हैं। इन एग्जाम में दिए गए सेक्शंस होते हैं:

लिखित एग्जाम :-

इस सेक्शन में मल्टीप्ल-चॉइस, सही-गलत और शार्ट एस्से क्वेश्चन का कॉम्बिनेशन शामिल है जो कैंडिडेट की नौकरी की नॉलेज का आकलन करते हैं। कई प्रश्न आपकी ग्रामर, रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन और गणित के स्किल्स को टेस्ट करते हैं।

एस्से :-

इस सेक्शन में, कैंडिडेट को एक लंबा एस्से लिखने के लिए एक टॉपिक या प्रांप्ट दिया जाता है। यह टेस्ट तर्क का उपयोग करने, अपने विचारों और विचारों को स्पष्ट रूप से एक्सप्रेस करने के साथ-साथ आपके दावों का समर्थन करने के लिए आपके रीजनिंग और सबूत प्रदान करने की आपकी एबिलिटी पर फोकस्ड हैं।

ओरल एग्जाम :-

ओरल टेस्ट एक तरह से इंटरव्यू का रूप होता है, अक्सर डिपार्टमेंट से एक हायरिंग मैनेजर या यहां तक ​​​​कि कम्युनिटी के एक सदस्य के साथ। इसका उद्देश्य आपकी वर्बल कम्युनिकेशन स्किल्स और जनरल प्रेजेंटेशन को evaluate करना है।

स्टेप-4

पुलिस अकादमी से ग्रेजुएशन करना ज़रूरी

बेसिक रेक्विरेमेंट को पूरा करने और लॉ एनफोर्समेंट एग्जाम पास करने के बाद, आपको एक पुलिस ट्रेनिंग अकादमी में भाग लेना होता है।

पुलिस अकादमी में होने वाली ट्रेनिंग इस प्रकार है:

क्लासरूम ट्रेनिंग :-

क्लासरूम ट्रेनिंग में, भविष्य के पुलिस अफसर लॉ और रेगुलेशन, क्रिमिनल इंवेस्टगेशन मेथड, गिरफ़्तारी और डिटेनमेंट प्रक्रिया के साथ-साथ पोलिसिंग और पब्लिक सेफ्टी के विभिन्न तरीकों सहित लॉ एनफोर्समेंट का ओवरव्यू प्राप्त करते हैं।

फील्ड ट्रेनिंग :-

भविष्य के अफसर डिफेंस टैक्टिस, एडमिनिस्ट्रेटिव ड्यूटी का पालन करते हैं, हथियारों का इस्तेमाल सावधानी से करते हैं, खतरनाक सामग्री को संभालते हैं, व्हीकल ऑपरेशन्स और फाॅर्स का सही इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा, उन्हें जनता के साथ बातचीत करने के साथ-साथ प्रॉब्लम सॉल्विंग, इन्वेस्टीगेशन और डिसिशन मेकिंग स्किल्स की प्रैक्टिस करने के लिए कॉमन या काम्प्लेक्स सिनेरियो को सिमुलेट करने की आवश्यकता हो सकती है।

स्टेप-5

अफसर के तौर पर एक्सपीरियंस प्राप्त करें

एक बार ट्रेनीज़ पुलिस अकादमी से ग्रेजुएट हो जाने के बाद कंडीशनल बेसिस पर पुलिस फाॅर्स के लिए काम करना शुरू कर सकते हैं। नए अफसरों को 12 महीने की प्रोबेशनरी पीरियड पर रखा जाता है जिसमें वे एक पुलिस अफसर के रूप में काम करते हैं। वह डेली बेसिस पर अधिक एक्सपेरिएंस्ड अफसर से कॉन्टिनियस ट्रेनिंग प्राप्त करते हैं।

 

पुलिस अफसर बनने के लिए एग्ज़ाम्स

यहां पर पुलिस अफसर बनने के लिए नेशनवाइड परीक्षाओं की लिस्ट दी गई है:

  1. UPSC CAPF
  2. SSC GD Constable Exam
  3. State Police Constable Exams
  4. SSC CPO Exam
  5. UPSC CSE (for IPS)
  6. SPSC Exams

 

पुलिस अफसर की प्रोफाइल और सैलरी

भारत में पुलिस अफसर बनने के बाद मिलने वाली जॉब प्रोफ़ाइल और सैलरी इस प्रकार हैं:

जॉब पोस्ट         सैलरी

(महीना/रुपयों में)

 

डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस    2,25,000

 

इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस 1,44,200

 

सुपरिंटेंडेंट ऑफ़ पुलिस/डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ़ पुलिस 1,20,000 / 94,202

 

अस्सिटेंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस/डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस 86,006 / 65,477

 

इंस्पेक्टर 50,449

 

सब इंस्पेक्टर 43,460

 

 

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