Railway Train Driver Kaise Bane | ट्रेन ड्राइवर बनने के लिए योग्यता, प्रोसेस, सैलरी

मेरा नाम रक्षा कुमारी है, मेरा जन्म बिहार के अरवल जिले में हुआ है। मेरी रुचि शुरुआत से ही हिंदी और अंग्रेजी साहित्य में रही है।

ट्रेन ड्राइवर की पोस्ट बहुत ही महत्वपूर्ण पोस्ट मानी जाती है, क्योंकि इनके ऊपर ही ट्रेन के संचालन की जिम्मेदारी होती है। अगर आप ट्रेन ड्राइवर अथवा रेलवे ड्राइवर बनना चाहते हैं तो आर्टिकल में बने रहे। आज के इस लेख में जानेंगे कि , ट्रेन ड्राइवर या रेलवे ड्राइवर बनने के लिए क्या करे, इससे जुड़ी सारी जानकारीयां विस्तार में जानने को मिलेंगी।

 

Railway Train Driver Kaise Bane | ट्रेन ड्राइवर बनने के लिए योग्यता, प्रोसेस, सैलरी

 

ट्रेन/रेलवे ड्राइवर क्या होता है?

Train Driver के नाम से ही प्रतीत हो रहा है कि इनका मुख्य काम रेल के इंजन को चलाना है। Railway Driver उस रेलगाड़ी का मुख्य व्यक्ति होता है जिसमे उसकी पोस्टिंग हुई होती है। Railway Driver पैसेंजर गाड़ी भी चलाता है और माल गाड़ी चलाता है। रेलवे ड्राइवर को ही loco pilot कहा जाता है। तो आइए जानते हैं ट्रेन ड्राइवर कैसे बनें।

 

  1. नौकरी के लिए अप्लाई करें

अगर आप Train Driver बनना चाहते हैं तो इसके लिए आपको रेलवे बोर्ड के द्वारा ट्रेन ड्राइवर की भर्ती निकलने का इंतजार करना पड़ेगा। जब रेलवे भर्ती बोर्ड के द्वारा Train Driver की भर्ती निकाली जाए तब आपको उस भर्ती के लिए अपना फॉर्म ऑनलाइन भरना है।

  1. लिखित परीक्षा दे

ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद आपको एडमिट कार्ड जारी किया जाएगा। इसके बाद एक निश्चित दिन पर कंप्यूटर आधारित लिखित परीक्षा करवाई जाएगी। आपको इस परीक्षा में शामिल होना पड़ता है और इस परीक्षा को पास करना पड़ता है। आपके अंक जितने ज्यादा अच्छे होंगे, वह आपके लिए ही फायदेमंद साबित होगा।

  1. मनोवैज्ञानिक परीक्षण दे

लिखित परीक्षा को पास करने के बाद हर अभ्यर्थी को साइको टेस्ट देना होता है।

  1. मेडिकल टेस्ट दें

साइको टेस्ट को देने के बाद अभ्यर्थी को मेडिकल टेस्ट में शामिल होना पड़ता है। इस टेस्ट में उसके शरीर की काफी अच्छे से अनुभवी एक्सपर्ट द्वारा जांच की जाती है।

  1. इंटरव्यू दे

मेडिकल टेस्ट में पास होने के बाद अभ्यर्थी का इंटरव्यू लिया जाता है। इसमें उससे कुछ सवाल पूछे जाते हैं।

  1. डॉक्यूमेंट की जांच

इंटरव्यू पास करने के बाद अभ्यर्थीयों के डॉक्यूमेंट की जांच होती है।

  1. ट्रेनिंग पर जाएं

डॉक्यूमेंट की जांच होने के बाद सब कुछ सही पाए जाने पर अभ्यर्थी को ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है।

  1. पद ग्रहण करें

जब अभ्यर्थी को ट्रेनिंग पर भेज दिया जाता है, तो वहां पर उसकी ट्रेनिंग करवाई जाती है और सफलतापूर्वक ट्रेनिंग करने के बाद व्यक्ति को ट्रेन ड्राइवर के पद पर पोस्ट कर दिया जाता है। इस प्रकार वह Train Driver या फिर रेलवे ड्राइवर बन जाता है।

 

ट्रेन ड्राइवर बनने के लिए योग्यता

जो भी विद्यार्थी रेलवे में ड्राइवर की नौकरी प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें इसके लिए देश के किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10th की डिग्री आवश्यक है। इसके साथ ही उनके पास ITI का NCVT या फिर SCVT से Certified Certificate या फिर डिप्लोमा होना भी जरूरी है। यह डिप्लोमा पॉलिटेक्निक अथवा आईटीआई से होना चाहिए, जो इलेक्ट्रिकल, ऑटोमोबाइल, मेकेनिकल या फिर इनमें से किसी भी एक में होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने जिस कॉलेज से सर्टिफिकेट हासिल किया है, वह AICTE से Certified होना जरूरी है।

 

ट्रेन चालक बनने के लिए आयु सीमा

रेलवे में ड्राइवर पद के लिए भारतीय संविधान में दिए गए आरक्षण के तहत अलग-अलग वर्गों के लिए अलग-अलग उम्र सीमा का निर्धारिन किया गया है। जो लोग सामान्य समुदाय से संबंध रखते हैं, उन अभ्यर्थियों के लिए रेलवे में ड्राइवर बनने की आयु सीमा मिनिमम 18 साल और मैक्सिमम 28 साल रखी गई है, वही जो लोग आरक्षण की श्रेणी में आते हैं।

जैसे कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोग, उनकी उम्र कम से कम 18 साल और अधिक से अधिक 33 साल रखी गई है। इसके अलावा ओबीसी समुदाय के लोगों की मिनिमम आयु 18 साल और मैक्सिमम 33 साल रखी गई है, हालांकि SC ST और OBC समुदाय के लोगों को उम्र सीमा में छूट लेने के लिए अपने आरक्षण के सर्टिफिकेट को प्रस्तुत करना आवश्यक है।

 

ट्रेन चालक बनने के लिए शारीरिक मानदंड

आपका वजन आपकी लंबाई के अनुसार होना चाहिए और जो बात सबसे महत्वपूर्ण है वह यह है कि आपकी आंखें बिल्कुल सही  होनी चाहिए। आपको आंखों से संबंधित किसी भी प्रकार की किसी भी प्रकार की प्रॉब्लम नहीं होनी चाहिए, क्योंकि Railway Driver के तौर पर आपको दिन-रात दोनों समय में ट्रेन को चलाना होता है और आपके ऊपर यात्रियों की तथा माल की जिम्मेवारी होती है। रेलवे में ड्राइवर बनने के लिए आपकी आंखों का डिस्टेंस विजन 6/6, 6/6  बिना चश्मे के होना जरूरी  है।

 

ट्रेन चालक की चयन प्रक्रिया

Train Driver बनने के लिए अभ्यर्थी को कंप्यूटर आधारित एटीट्यूड टेस्ट को पास करना होता है। यह परीक्षा दो चरणों में होती है। इसमें 250 अंकों के एमसीक्यू वाले सवाल होते हैं। इस परीक्षा को देने के लिए विद्यार्थियों को टोटल 2 घंटे और 30 मिनट का समय परीक्षा बोर्ड के द्वारा दिया जाता है। इस परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी होती है। हर गलत जवाब देने के लिए 1/3 मार्क कट किए जाते हैं।

 

ट्रेन चालक बनने के लिए परीक्षा पैटर्न

एग्जाम पैटर्न

  • अंकगणित: 20 अंक
  • सामान्य विज्ञान:30 अंक
  • तकनीकी योग्यता:30 अंक
  • सामान्य बुद्धि:05 अंक
  • तर्क कौशल:10 अंक
  • सामान्य जागरूकता: 25 अंक

 

ट्रेन चालक बनने के लिए दस्तावेज

सभी परीक्षा को पास करने के बाद उम्मीदवार के डॉक्यूमेंट की जांच की जाती है। डॉक्यूमेंट के तौर पर उसके 10वीं और 12वीं के सर्टिफिकेट, कास्ट सर्टिफिकेट, टेक्निकल एलिजबिलिटी सर्टिफिकेट, साइन, रंगीन फोटो इत्यादि की जांच की जाती है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद जांच में सही पाए जाने पर उम्मीदवार का चयन ट्रेन ड्राइवर के पद पर हो जाता है और इसके बाद उसे ट्रेनिंग के लिए भेज दिया जाता है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उसे Train Driver के पद पर पोस्टिंग प्रदान की जाती है। इस प्रकार अभ्यर्थी रेलवे में ट्रेन ड्राइवर अथवा रेलवे ड्राइवर बनने में कामयाब हो जाता है।

 

एक ट्रेन चालक का वेतन

अगर गवर्नमेंट रेलवे ड्राइवर की सैलरी के बारे में बात की जाए तो Train Driver की सैलरी वर्तमान के समय में ₹60,000 के आसपास होती है। हालांकि पहले इनकी सैलरी कम थी परंतु सातवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद इनकी सैलरी में बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा इन्हें ग्रेड पे और बेसिक सैलरी भी प्राप्त होती है। इस प्रकार एक ट्रेन ड्राइवर को वर्तमान में महीने की सैलरी के तौर पर ₹45000 से लेकर ₹60000 तक प्राप्त होते हैं।

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