संदीप माहेश्वरी की जीवनी

संदीप माहेश्वरी का जन्म 28 सितंबर 1980 में हुआ था। संदीप माहेश्वरी का जन्म दिल्ली में हुआ था संदीप माहेश्वरी इंडिया के सबसे बड़े मोटिवेशनल स्पीकर में से एक है और आज लाखों लोग इनसे प्रेरणा देते है। 

चाहे आज संदीप माहेश्वरी कितना ही अच्छा क्यों ना बोल लेते हो परंतु एक समय ऐसा भी था जब संदीप माहेश्वरी किसी से बोलने से डरते थे और उनको काफी शर्म लगती थी किसी और से बात करने में। दसवीं क्लास तक संदीप माहेश्वरी के कुछ गिने-चुने दोस्त हुआ करते थे और अगर उनमें से कोई दोस्त उन्हें छोड़कर किसी और से बात करने के लिए चला जाता था, तो संदीप माहेश्वरी बिल्कुल अकेले पड़ जाते थे क्योंकि उन्हें अनजान लोगों से बात करने में उनको काफी तकलीफ होती थी और वह ज्यादातर समय अकेले या अपने जानने वालों के साथ ही बताया करते थे। 

फिर संदीप माहेश्वरी के जीवन में एक नया मोड़ आता है जब वह अपनी स्कूल को बदल दिया हैं और दूसरे स्कूल में आ जाते हैं। अपनी में 11वीं कक्षा में ही संदीप माहेश्वरी अपने आगे चलने वाली पत्नी से मिलते हैं जब वह स्कूल में पहली बार जाते है। 

 तब स्कूल में एक पहले से पढ़ने वाली छात्रा जिनका नाम नेहा था उन्हें संदीप माहेश्वरी को देखकर सोचती है कि यदि यह लड़का हमारे स्कूल में आ जाता है तो काफी अच्छा होगा। इसके बाद संदीप माहेश्वरी को अपने स्कूल के दिनों से ही नेहा क साथ नहीं छोड़ा और अब उनकी पत्नी है। 

संदीप माहेश्वरी की अपने स्कूल से ही कुछ खराब आदतें लग गई थी जैसे कि सिगरेट की और इसी कारण से संदीप माहेश्वरी सभी लोगों को किसी भी प्रकार के ऐसी चीजों से दूर रहने  को कहते हैं क्योंकि यह सब चीजें इंसान को परेशानियों की ही तरफ से ले जा सकती है। 

इसी तरीके से आ संदीप माहेश्वरी अपनी जिंदगी के घटना बताते हैं कि जिस स्कूल में में 11वीं और 12वीं कक्षा में थे वहां पर लोगों बच्चों को खूब मार पड़ती थी और शिक्षक बच्चों को काफी सकती के साथ रखते थे और उस स्कूल के अंदर शिक्षक अपने बच्चों को काफी पीटा भी करते हैं। इसी प्रकार एक बार संदीप माहेश्वरी के कक्षा दी जिसमें सभी को एक लाइन से खड़ा कर कर सभी को एक-एक करके  हाथों पर शिक्षक मार रहे थे जब शिक्षक संदीप माहेश्वरी के पास पहुंचते हैं तब संदीप माहेश्वरी अपने शिक्षक से कहते हैं कि आप मुझे मारिए गा नहीं तो अच्छा नहीं होगा, परंतु शिक्षक संदीप माहेश्वरी की बात सुनकर और भी क्रोधित हो जाते हैं और संदीप माहेश्वरी को एक जोर से पैर पर खींच कर मार देते हैं, जिसके कारण से उनका पैर सूज जाता है और नीला पड़ जाता है।

फिर जैसी संदीप माहेश्वरी ने अपने शिक्षक से पूछा कि आपने मुझे क्यों मारा था तब फिर से शिक्षक ने उनके गाल पर तमाचा लगा दिया। संदीप माहेश्वरी का मूड बहुत ही खराब होता जा रहा था और उनका संदीप माहेश्वरी ने अपने शिक्षक के सामने चिल्लाकर कहा कि मारो जितना मार सकते हो और उन्होंने इतनी जोर से चिल्लाया की पूरे स्कूल में उनकी आवाज गुंजह गई होगी। इसके कारण से और दूसरे शिक्षक उनके पास आ गए और क्योंकि शिक्षक को पता था कि जो वह कर रहे हैं वह गलत है जिस कारण से मैं शिक्षक भी डर गए और सभी संदीप को शांत करवाने के लिए आ गए। और जिस शिक्षक ने संदीप माहेश्वरी को मारा था वह भी संदीप माहेश्वरी से माफी मांगने के लिए बाद में आया था। यह वाक्य शायद संदीप माहेश्वरी बताते तो जरूर हो परंतु यह सभी को करने से मना ही करते हैं। 

 एक ऐसी और घटना हुई जिसमें संदीप माहेश्वरी बताते हैं कि उनके कुछ दोस्त है जिनके साथ वह अक्सर घूमने जाया करते थे और एक बार उनके दोस्त ने एक दूसरे से पूछा कि वह बारहवीं के बाद क्या करेंगे तब एक दोस्त ने बताया कि उनके परिवारिक व्यापार है वह उसमें कार्य करेंगे और दूसरे दोस्त ने यह बताया कि उनके मामा की एक दुकान है वहां पर वह कार्य करेंगे परंतु जब संदीप माहेश्वरी से यही बात पूछी गई तो संदीप माहेश्वरी के पास कुछ नहीं था बताने के लिए और इस कारण से संदीप माहेश्वरी को काफी वह भी सताने लग गया था।  आगे चलकर अपनी जिंदगी के साथ क्या करेंगे मेरे दोस्तों ने अपना तो जीवन बना कर रखा है परंतु जब उन पर आएगी तो क्या होगा उनका यह है, जब संदीप माहेश्वरी को समझ आया था तो उन्होंने पढ़ना शुरू कर दिया और वे दिन-रात 12वीं कक्षा में पढ़ा करते थे। 

उनको जितना भी डर लगता था मैं अपने डर का सामना उतनी ही मेहनत से करते थे दिन-रात उन्होंने अपना पढ़ाई में लगा दिया था।  जिसके कारण से  वह नेहा को समय नहीं दे पा रहे थे और मैं उनसे परेशान भी हो गई थी कि वह इतना हर समय पढ़ते रहते हैं और उनको बिल्कुल भी समय नहीं दे पाते। इसके बाद मजे की बात तो यह हुई कि जब आखिरी में उनके बारहवीं का परिणाम आया तब संदीप माहेश्वरी अपने स्कूल में तीसरे स्थान पर थे परंतु उनके होने वाली पत्नी जो कि नेहा थी वह पहले स्थान पर थी तो संदीप माहेश्वरी इस बात से काफी चौक भी जाते हैं कि नेहा से ज्यादा उन्होंने मेहनत करी परंतु नेहा ने स्कूल में सबसे अच्छे परिणाम लाई।

बारहवीं कक्षा के बाद संदीप माहेश्वरी के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह कहीं कॉलेज में जाकर एमबीए कर सके और एक अच्छा सा कोर्स कर सकें। तो उन्होंने दिमाग लगाया है कि क्यों ना मैं एक एमबीए के बराबर ही कोर्स कर लेता हूं और वह भी बहुत ही कम समय के अंदर जो कि 1 साल के अंदर हो जाएगा। संदीप माहेश्वरी बताते हैं कि यह उनके लिए जीवन में दूसरा मोड़ था जब संदीप माहेश्वरी ने यहां पर दाखिला लिया, क्योंकि इसी के बाद उन्होंने दूसरों के सामने आकर बोलना शुरू दिया था। 

वहीं पर उन्होंने किस प्रकार से व्यापार करते हैं इसके बारे में भी काफी ज्ञान लिया और एक तरफ उनके परिवार की भी काफी अच्छी हालात नहीं थे उनके पिताजी का का बिजनेस हुआ करता था जोकि अब घाटे में जाने लग गया था। इस कारण से घर में कमाने वाले लोग भी कम थे तो संदीप माहेश्वरी को जल्द से जल्द कुछ ऐसा करना था जिससे घर में उनके पैसा आ सके संदीप माहेश्वरी के जीवन में एक ऐसा समय था कि उनको खाना खाने के लिए कुछ ना कुछ तो करना ही पड़ेगा और उनके पास बिल्कुल भी उनके पास पैसा नहीं हुआ करता था। जो भी करना था संदीप माहेश्वरी को स्वयं ही करना पड़ता था इस कारण से संदीप माहेश्वरी ने कई तरीके के अलग-अलग कार्य करने की भी कोशिश करी अपने थोड़े समय में उन्होंने पि सी ओ में भी कार्य किया और साबुन भी बेचा।  संदीप खुद का साबुन बनाया करते थे और उसे सस्ते दाम पर बेचा करते थे और संदीप ऐसे ही यह भी बताते हैं कि वह वैलेंटाइन डे पर अपने नेहा को गिफ्ट के तौर पर उनके द्वारा बनाए गए साबुन दिया था।  

संदीप माहेश्वरी ने अपने ग्रेजुएशन बीकॉम में किया था परंतु उन्होंने दूसरे साल में ही बीकॉम को छोड़ दिया था साथ ही उन्होंने अपने जो बिजनेस का कोर्स किया था उसको भी 1 साल में जो खत्म होने वाला था और आखरी में सिर्फ एक महीना ही बचा था उसको खत्म होने से पहले ही उसे छोड़ दिया।  

संदीप माहेश्वरी बताते हैं कि उन्हें जब तक ज्ञान मिला था तब तक उन्हें पड़ने में बहुत मजा आया परंतु आखिरी समय में उनको लगता था कि आप उस जगह से कुछ और नहीं पा सकते थे। इसलिए वहां से उन्होंने ड्रॉप आउट कर दिया इस कारण से संदीप माहेश्वरी के पास कोई डिग्री नहीं थी और उन्हें कोई नौकरी भी नहीं मिल सकती थी आसानी से और साथ ही जो उनका बिजनेस का कोर्स 1 साल का था।  उसके लिए ₹50000 उनके परिवार के द्वारा ही दिए गए थे तो संदीप माहेश्वरी को लगा जितना सीखना है अब सीख लिया अब इससे कुछ कमाया जाए और वह अपने काम पर निकल पड़े। 

एक और चीज संदीप माहेश्वरी के साथ होती है उसी समय के दौरान की संदीप माहेश्वरी एक सेमिनार में जाते हैं जहां पर एक इंसान स्टेज पर व्यक्ति होता है वह बताते है कि उसकी कमाई जो ढाई लाख हर महिला थी और इसे देखकर संदीप माहेश्वरी बिल्कुल चौक जाते हैं और उन्हें लगता है कि यदि जो मेरे सामने खड़ा है वह कर सकता है तो मैं क्यों नहीं कर सकता यह चीज संदीप माहेश्वरी के दिमाग में घर कर लेती है। 

अभी तो यह बस शुरुआत थी और संदीप माहेश्वरी को और भी बहुत सारी चीजों का सामना करना था अपनी सफलता को प्राप्त करने से पहले संदीप माहेश्वरी अपने जीवन में बहुत सारी कठिनाइयों का सामना किया है और उन्होंने कई प्रकार के कार्य किया करते थे। 

सफलता को प्राप्त करने के लिए ऐसी बारहवीं कक्षा के बाद उन्होंने एक कैरियर काउंसलर होने का कार्य किया था जिसमें वैसी ही बारवी से निकले हुए छात्रों को सलाह देते थे। उनको अपनी जिंदगी में आगे चलकर क्या करना चाहिए ऐसे ही एक बार संदीप एक बार संदीप माहेश्वरी से किसी लड़के ने यह पूछ लिया सर आप इतना अच्छा बताते हैं परंतु आप करते क्या है तब संदीप माहेश्वरी बताते थे कि वह अभी बारहवीं कक्षा का एग्जाम दे रहे हैं। तब लोग हमसे नाराज होकर फोन रख दिया करते थे परंतु संदीप माहेश्वरी हमेशा से सच ही बोला करते थे जिस कारण से वह जब भी कोई इंसानों से पूछता कि वह क्या करते हैं तो वह उनको बिल्कुल स्पष्ट बता दिया करते थे। 

इसके बाद संदीप माहेश्वरी ने मॉडलिंग के अंदर अपना पहला कदम रखा  उनके कुछ दोस्तों ने संदीप माहेश्वरी को यह बताया कि वह काफी अच्छा दिखते हैं और उनकी कद – काठी भी काफी अच्छी थी जिसके लिए उन्होंने आगे चलकर मॉडलिंग में भी  अपना कार्य करने का सोचा। परंतु जब संदीप माहेश्वरी मॉडलिंग करने के लिए मुंबई आए तब उनको यह पता चला कि उसमें से 99% कंपनियां सिर्फ लोगों को बेवकूफ बना रही है और उसमें से कई सारे मॉडल अभी भी बेरोजगार है और वह अभी भी जॉब ढूंढ रहे होते हैं और कई सारी कंपनियां तो पैसा लेकर काम भी नहीं दिया करती थी और लोगों का पैसा पूरा लेकर चली जाती है।

 अपने इसी कार्य के लिए संदीप माहेश्वरी की आज की कंपनी जिसका नाम इमेज बाजार है वह लोगों को मॉडल करने के लिए लोगों से शुरुआत में पैसा लिया दिया करती है।  यह सब संदीप माहेश्वरी इसीलिए करते थे उन्हें पता था कि मॉडलिंग के शुरुआती दिनों में उन्हें कितनी तकलीफ हुई और शायद यह तकलीफ से दूर रखना चाहते थे। 

उनकी परेशानियों को दूर करना चाहते थे इस कारण से संदीप माहेश्वरी ने लोगों को पैसा देना भी शुरू कर दिया उनके कार्य के लिए, जो की आकर दूसरी कंपनी मॉडल से पैसे लेती थी उनका पोर्टफोलियो  बनाने के लिए वही संदीप माहेश्वरी उनको दिया करते थे । 

संदीप माहेश्वरी को उस समय तक यह समझ आ गया था कि मॉडलिंग करने में काफी चूना लग जाता है और साथ में एक मॉडल को एक अच्छा मॉडल बनने के लिए एक पोर्टफोलियो तैयार करना होता है, जिसमें काफी सारी तस्वीरें होती है जो आपको आगे किसी और के द्वारा कार्य मिलने में मदद करती है और संदीप माहेश्वरी यह जानते थे कि पोर्टफोलियो तैयार करना बहुत ही उनके लिए महंगा पड़ सकता है। 

संदीप माहेश्वरी ने एक बार पेपर में एक फोटोग्राफी कोर्स का ऐड देखा जिसमें उन्हें एक बहुत बड़ी फोटोग्राफी को सिर्फ दो हफ्तों में सिखाएं रहे थे संदीप माहेश्वरी इसे देखकर कुछ उत्सुक से हो गए। और संदीप माहेश्वरी ने इस कोर्स के लिए अप्लाई कर दिया और दो हफ्तों के अंदर उन्होंने फोटोग्राफी के बारे में सब कुछ तो नहीं लेकिन थोड़ा बहुत शुरू करने जितना ज्ञान जरूर सीख लिया था। 

लेकिन संदीप माहेश्वरी की यह फोटोग्राफी भी नहीं कार्य कर रही थी और उनकी मॉडलिंग भी छूट गई थी। यह संदीप माहेश्वरी कि ना तो फोटोग्राफी और ना ही मॉडलिंग चली संदीप माहेश्वरी ने इवेंट मैनेजमेंट का भी कार्य करने का सोचा। उन्होंने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर एक इवेंट मैनेजमेंट पार्टी ऑर्गेनाइज करी जोकि न्यू ईयर की एक पार्टी थी। उसमें 800 लोग आने वाले थे और जैसे तैसे करके संदीप माहेश्वरी ने इसके लिए पैसे जुटा लिया और फिर एक बहुत ही सफलता पूर्वक इवेंट को ऑर्गेनाइज कर लिया। 

परंतु जब हिसाब करने की बात आई तो उनके दोस्त संदीप माहेश्वरी से ये स्पष्ट कह दिया कि मैं कोई हिसाब नहीं करूंगा यह सारा पैसा मैं ले जा रहा हूं और संदीप माहेश्वरी खड़े के खड़े रह गए, वह बिल्कुल कुछ उससे कह नहीं पाए और उनको इतना ज्यादा झटका लगा कि वह अपने घर में आकर जोर-जोर से गाने सुनने लग गए। जब उनके माता-पिता उनके कमरे में आए उसे पूछने की क्या हुआ था तो संदीप माहेश्वरी बहुत ही उत्सुकता से बोलने लग गए कि सारा पैसा डूब गया लेकिन संदीप माहेश्वरी इसलिए इतने उत्सुक थे क्योंकि उनको पता था कि यह उनकी एक बहुत ही बड़ी सीख है जिंदगी के लिए जो वह अपनी जीवन भर याद रखेंगे इसलिए उन्होंने इसे किसी कठिनाई की तरह ना लेकर एक सीख की तरह लिया और इसे अपने जीवन में एक सफलता के रूप में देखा। 

2003 इसी प्रकार आ गया और संदीप माहेश्वरी अभी भी कुछ अपने जीवन में सफलता प्राप्त नहीं कर पाए थे। संदीप माहेश्वरी बस यह जानते थे कि उन्हें किसी भी प्रकार से मॉडल की सहायता करना है और उन्हें किसी प्रकार के कष्ट को अगर वह कम कर सके तो वह अपने आप को सफल समझेंगे। फिर संदीप माहेश्वरी मॉडल के लिए पोर्टफोलियो बहुत ही कम पैसे में शूट किया करते थे वे 2 से 3000 के अंदर उनके पोर्टफोलियो को बना दिया करते थे, जिसके लिए एजेंसी बहुत सारे पैसे लेकर और साथ में मॉडलों को उल्लू बना देती थी, उसी कार्य संदीप माहेश्वरी बहुत ही कम पैसों में कर देते थे। 

जब संदीप माहेश्वरी द्वारा खींची गई फोटोग्राफ मॉडल्स किसी डायरेक्टर प्रोड्यूसर के पास लेकर जाते थे तो उस समय मॉडल को बाहर भेज दिया जाता था क्योंकि संदीप माहेश्वरी इतने फेमस नहीं थे और लोगों ने बिल्कुल भी नहीं जानते थे चाहे उनकी तस्वीरें कितनी भी अच्छी क्यों ना हो परंतु उनकी और फोटो सब लोग मानने से इंकार कर दिया करते थे। जिससे मॉडल को कोई काम नहीं मिल रहा था और इस कारण से संदीप माहेश्वरी ने यह सोचा कि यदि वह किसी प्रकार से अपना नाम कर सके मार्केट के अंदर तो मॉडल को जल्दी कार्य मिल जाएगा और इसी सोच को लेकर संदीप माहेश्वरी ने सोचा कि किस जरिए से वे सबसे जल्दी फेमस हो सकता है।

तो उनको लगा कि यदि किसी प्रकार का वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल कर सके  तो मेरा भी नाम फोटोग्राफर के बीच में हो जाएगा उसके अगले दिन संदीप माहेश्वरी लिम्का रिकॉर्ड के ऑफिस में जाकर यह पूछते हैं फोटोग्राफी में किस प्रकार के वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए जा सकते हैं, तो उनको एक मैडम बताती हैं कि तुम इंडिया के रिकॉर्ड ही कर लो वही बड़ी चीज है लेकिन संदीप माहेश्वरी अपने ख्वाहिश से पीछे नहीं हटते है और उन्हें वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना था। तो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड था जिसे संदीप माहेश्वरी फोटोग्राफी में हासिल कर सकते थे 12 घंटे के अंदर 10000 फोटोशूट करना  यहां पर दिक्कत बस एक बात की थी की किस तरीके से वे इतने लोगो को एकत्रित कर पाएंगे। 

संदीप माहेश्वरी पहले से एक इवेंट मैनेजमेंट कर चुके थे तो उन्हें यह पता था कि किस प्रकार से वे लोगों को इकट्ठा कर सकते हैं क्योंकि 10,000 फोटोशूट होने थे इसलिए बहुत सारे मॉडलों की आवश्यकता थी। तो संदीप माहेश्वरी ने पेपर में एक ऐड निकलवा दिया जिसमें उन्होंने यह लिखवाया कि वह मॉडल्स का फोटो शूट फ्री में कर रहे हैं और अगले ही दिन वहां पर भीड़ एकत्रित हो गई और सभी मॉडल अपना फोटो शूट करवाना चाहते थे।  संदीप माहेश्वरी के पिछले इवेंट मैनेजमेंट सफलता नहीं संदीप माहेश्वरी को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की राह दिखाई चाहे उन्हें इवेंट मैनेजमेंट में जितना भी बड़ा धोखा मिला हो परंतु उन्हें जो अनुभव मिला था उससे वह संदीप माहेश्वरी के इस समय काम आ रहा था। 

2001 और 2002 के अंदर संदीप माहेश्वरी की फोटोग्राफी नहीं चल रही थी। तो संदीप माहेश्वरी ने एक कंपनी के अंदर कार्य करने का भी काम किया था और 11 महीनों के अंदर ही संदीप माहेश्वरी के घर पर एक लाख हर महीने पर पैसे आ रहे थे उसी कंपनी से परंतु संदीप माहेश्वरी को अंदर से संतुष्टि नहीं मिल रही थी। उनका आखिरी लक्ष्य पैसा कमाना नहीं था इस कारण से उन्होंने उस कार्य को भी कुछ समय बाद छोड़ दिया और उनके माता-पिता ने उन्हें काफी सुनाया कि वह इतनी अच्छी जॉब को छोड़कर एक बहुत ही बड़ी बेवकूफी कर रहे थे। 

संदीप माहेश्वरी एक और चीज करने की सोची और उन्होंने एक किताब लिखी जो कि एमबीए पर थी और इस किताब को लिखने के लिए संदीप माहेश्वरी ने बहुत सारी पढ़ाई करी। संदीप माहेश्वरी बताते हैं कि उन्होंने कई किताबें पढ़ ली थी अपने इस किताब को लिखने के लिए और उन्हें काफी ज्यादा ज्ञान हो गया था मैनेजमेंट के बारे में।  संदीप माहेश्वरी ने किताब के अंदर एक नई चीज बनाने की सोचा और वह किताब आगे से शुरू ना होकर पीछे से शुरू होती थी। उसमें सबसे पहले पन्ने में यह लिखा  कि यदि आप अपने देखने का नजरिया नहीं बदल सकते तो आप अपने जीवन को कैसे बदलेंगे परंतु यह किताब जिस तरीके से संदीप माहेश्वरी से सोची थी उस तरीके से नहीं चल सकी। कुछ 6 महीनों के बाद जब संदीप माहेश्वरी की एक भी किताब नहीं बिक रही थी तो वह बताते हैं कि उनकी माताजी ने जो 800 किताबें घर के अंदर रखी हुई थी और क्योंकि वह किताब नहीं बिक रही थी तो उनकी माताजी ने उन किताब को कबाड़ी को वाले को पेपर के भाव बेच दिए और 796 किताब उनकी माताजी ने भेज दी और सिर्फ संदीप माहेश्वरी के पास चार किताबे रह गई। 

2003 में संदीप माहेश्वरी ने अपने पहली सफलता को प्राप्त कर लिया था जब उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड को सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया था फिर उसके बाद संदीप माहेश्वरी बताते हैं कि शायद वह बहुत अच्छे फोटोग्राफर तो नहीं थे परंतु वह सबसे ज्यादा जानने वाले फोटोग्राफर बन गए थे। जिसके कारण से संदीप माहेश्वरी के पास बहुत सारे कार्य आने लग गए अपने सपना जिसमें वह मॉडलों कम से कम पैसे के अंदर करते थे। 

2003 के बाद 2006 में संदीप माहेश्वरी ने अपनी एक कंपनी की स्थापना कर दी जिसका नाम उन्होंने इमेज बाजार रखा था। संदीप माहेश्वरी यह बताते हैं शुरुआती महीनों के अंदर वेबसाइट सही से चल नहीं रही थी और बिल्कुल भी उसके ऊपर लोग नहीं आ पा रहे थे।  और संदीप माहेश्वरी ने लोगों से यह भी कह दिया था कि शायद यह वेबसाइट चले ना परंतु जब तक में चल नहीं जाती उन्होंने यह मन ठान लिया था कि वह रुकेंगे नहीं और फिर उसके बाद संदीप माहेश्वरी ने वेबसाइट के बारे में पढ़ना शुरू कर दिया इस प्रकार से एक वेबसाइट को एक अच्छी तरीके से चलाते हैं। 

यह भी सीख लिए संदीप माहेश्वरी ने संदीप माहेश्वरी ने बताया था कि शायद अभी कोई क्लाइंट नहीं आ सके, इसलिए किसी से नहीं करते अगर वह फोटो शूट नहीं करेंगे तो वह चल भी जाएगा जिस समय उन्होंने अपनी पहली कंपनी की स्थापना करी थी तो तब वह सारा कार्य स्वयं ही किया करते थे चाहे वह किसी से फोन पर बात करने हो या फिर फोटोग्राफी का कार्य हो संदीप माहेश्वरी यह सब अकेली ही करते थे, जब उन्हें शुरुआत करी थी। फिर धीरे-धीरे उनकी कंपनी और वेबसाइट चलने लग गई और आज इमेज बाजार दुनिया की सबसे बड़ी फोटोग्राफ कलेक्शन की वेबसाइट है जिसमें से 1 मिलियन से भी ज्यादा फोटोग्राफ हैं और 45 से भी ज्यादा देशों में उनकी वेबसाइट कार्य करती है 7000 से ज्यादा क्लाइंट के साथ।

सबसे गजब बात तो यह है कि संदीप माहेश्वरी के कंपनी के अंदर एक भी इन्वेस्टर नहीं है क्योंकि संदीप माहेश्वरी कहते हैं कि यदि कोई इन्वेस्टर आ जाएगा तो संदीप माहेश्वरी जो कर रहे हैं उस चीज को वह समझा नहीं पाएंगे। संदीप माहेश्वरी मॉडलिंग करने के लिए पैसा दिया देते है परंतु ऐसा होता नहीं है मॉडलिंग इंडस्ट्री के अंदर बल्कि पैसा लिया जाता है, मॉडलर से मॉडलिंग करवाने के लिए और फोटोशूट करवाने के लिए।  लेकिन जब इन्वेस्टर आएगा तो वह अपने पैसों के बारे में सोचने लगेगा और संदीप माहेश्वरी फिर लोगों को जिस प्रकार से वह भलाई करना चाहते हैं उनके लिए करना उतना मुश्किल हो जाएगा और इसी कारण की वजह से संदीप माहेश्वरी की कंपनियों में अभी तक एक इन्वेस्टर भी नहीं है। 

इसी के साथ संदीप माहेश्वरी एक जाने-माने पब्लिक स्पीकर है जो यूट्यूब पर लोगों की मदद करने के लिए वीडियो बनाते हैं और मोटिवेशनल स्पीचेस भी दिया करते हैं। संदीप माहेश्वरी के चैनल के अंदर 8 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर है और उनकी बातों से कई हजारों लोगों की जिंदगी वह में बदलाव आया है।

 

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