shramik card ke labh ( श्रमीक कार्ड के लाभ )

सरकार ने कब कौनसी योजना लागू की है, किसे किस योजना का लाभ मिलेगा किसे नहीं, ये सारी जानकारियां निम्न वर्ग के लोगो को पता ही नहीं लग पाता है, और इन योजनाओं के लाभ पाने योग्य होने पर भी वो लाभ नहीं उठा पाते हैं। इस लिए सरकार ने श्रम विभाग के तहत श्रमिक कार्ड जारी किया है, श्रमिक कार्ड सभी के लिए नहीं है, ये कार्ड निम्न वर्ग के लोगो के लिए है, जैसे की दिहाड़ी मजदूरी करने वाले, लोहार, बढ़ई, बुनकर, पेंटर, मोची, मिस्त्री, आदि के लिए हैं।

श्रमिक कार्ड का लाभ लेने के लिए श्रम विभाग की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है और अपने गांव, शहर, जिला, स्थान, कार्य, सालाना आय, पहचान की प्रमाणिकता के लिए आधार व पान कार्ड जैसे कुछ दस्तावेज जैसी सारी जानकारियां विस्तृत रूप से देनी होगी। श्रम विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण के बाद ही श्रमिक इस कार्ड के लाभ लेने का हकदार होगा। इसमें शामिल योजनाओं के तहत लाभ उठाने के लिए व्यक्ति का पंजीकरण जरूरी हैं।श्रमिक कार्ड धारक को प्रतिमाह 500 रुपए चार महीनों तक मिलेंगे।

श्रमिक कार्ड के लाभ हर राज्य के लिए अलग अलग है, ये योजना निम्न वर्ग, मजदूर वर्ग, असंगठित वर्ग के लोगो के लिए, उनके सामाजिक व आर्थिक उत्थान के लिए बनाया गया हैं। श्रमिक कार्ड के लाभ भी कुछ शर्तो पर ही मिलेंगे, हालांकि सभी राज्यों को के लिए ये लाभ अलग- अलग है, क्योंकि सभी राज्यों की समस्या भी अलग-अलग है, लेकिन फिर भी कुछ योजनाएं भारत के सभी राज्यों में समान रूप से लागू होगी जो योजनाएं विस्तृत रूप से नीचे बताए गए हैं।

 

प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना

इस योजना का लाभ सम्पूर्ण भारत में श्रमिक कार्ड धारको को मिलेगा। इस योजना का सालाना प्रीमियम महज 12 रुपए है, जिसमे 2 लाख का बीमा मिलता है, ये बीमा 18 से 70 वर्ष के लोगो के लिए है, किसी अकस्मात में अगर श्रमिक कार्ड धारक को कोई क्षति पहुंची है, तो उसे 2 लाख रुपए अनुदान मिलते हैं। ये योजना बिलकुल जीवन ज्योति बीमा योजना की तरह है इसकी शुरुआत अरुण जेटली ने की थी, शक्यता है कि आगे चलकर इस योजना को जनधन योजना से जोड़ा जाएगा। इस योजना का लाभ श्रमिक कार्ड धारक को दिया जाएगा।

 

महात्मा गांधी पेंशन योजना

इस योजना में जिनका भी श्रमिक कार्ड बनाए हुवे 10 वर्ष हो जायेगा उन्हे प्रतिमाह 1000 रुपए की पेंशन दी जाती है, पेंशन की रकम हर 2 वर्ष बाद 50 रुपए तक बढ़ाई जाती है, यह रकम ज्यादा से ज्यादा 1250 तक बढ़ाई जाती हैं। इस योजना का लाभ 60 वर्ष से अधिक उम्र के श्रमिक कार्ड धारक को मिलती है। योजना के तहत अगर श्रमिक कार्ड धारक की मृत्यु हो जाती है तो पेंशन पति/ पत्नी को दिया जाता है।

 

हथकरघा बुनकर व्यापक योजना

इस योजना के तहत श्रमिक कार्ड धारक के 4 लोगो के परिवार को वार्षिक अनुदान 15000 दिया जाता है, जबकि 5 लोगो के परिवार को वार्षिक अनुदान 37500 दिया जाता हैं। निम्न वर्ग के गरीब असंगठित वर्ग के लोगो के लिए ये योजनाएं लागू की गई है, उनके सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए ये योजनाएं काम कर रही हैं।

 

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यकर्म

श्रमिक कार्ड धारकों को इस कार्यक्रम के तहत मौद्रिक लाभ दिया जाता है, इस कार्यक्रम के तहत वृद्ध, विधवा व विकलांगो को 500 रुपए की पहली किश्त दी जाती है, जो धीरे- धीरे बढ़ाई जाती हैं।

 

श्रमिक भरण पोषण योजना

इस योजना के तहत गरीब असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को जीवन निर्वहन के लिए 1000 रुपए प्रति माह दिए जाते है, ये योजना गरीब श्रमिक कार्ड धारक श्रमिक के लिए उनके जीवन निर्वाह की सुलभता के लिए हैं।

 

बालिका अनुदान योजना

गरीब वर्ग की बेटियों के विवाह के लिए इस योजना का आरंभ किया गया है, बीपीएल श्रेणी के परिवार की 2 बेटियों के विवाह के लिए 50000 की सहायता प्रदान की जाती है। सामान्य श्रेणी के परिवार की विधवा महिलाओं की 2 बेटियों के विवाह के लिए 50000 की सहायता दी जाती है। ये सहायता की राशि बेटियों के खाते में 18 वर्ष की आयु के बाद दी जाती है।

 

शिक्षा योजना

सरकार ने शिक्षा के लिए कई योजनाएं लागू की है, जैसे की संत रविदास शिक्षा सहायता योजना, इस योजना में परिवार के दो बच्चो को ही लाभ दिया जाता है। सभी बालिका जो 10वी और 12वी पास कर चुकी है उन्हे साईकिल दिया जाता है, 1st से 5th तक के विद्यार्थियों को 150 रुपए की राशि दी जाती है, 6th से 10th तक के विद्यार्थियों को 200 रुपए की राशि और 11वी व 12वी के विद्यार्थियों को 250 रूपए प्रति माह दिया जाता है। स्नातक के विद्यार्थियों को 1000 प्रति माह और परस्नातक को 2000 प्रति माह दिया जाता है, जबकि मेडिकल और इंजीनियरिंग क्षेत्र के विद्यार्थियों को 8000 प्रति माह की राशि भी दी जाती हैं। श्रमिक कार्ड धारक परिवार के बच्चो का उत्थान करने के लिए इस तरह से सहायता दी जाती है।

 

ये कुछ योजनाएं हैं, जो पूरे भारत में सभी श्रमिक कार्ड धारकों को सहायता करती है, जबकि हर राज्य में इससे परे और भी कई योजनाएं कार्यरत होती है, जैसे की मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना, मेघावी छात्र पुरुस्कार योजना, शौचालय सहायता योजना, चिकित्सा सुविधा योजना, अंत्येष्टि सहायता योजना जिसमे मृत्यु के पश्चात 5000 रुपए क्रिया कर्म के लिए दिया जाता है, गंभीर बीमारी में सहायता योजना, सौर ऊर्जा सहायता योजना, आवासीय योजना, कौशल विकास तकनीकी उन्नयन एवम प्रमाण योजना, मृत्यु विकलांग सहायता एवम अक्षमता पेंशन योजना, पंडित दीनदयाल उपाध्याय चेतना योजना, आपदा राहत सहायता योजना, तेंदू पत्ता तोड़ने वालों के लिए योजना, स्वरोजगार के लिए लोन योजना जिसमे उपकरण खरीदने के लिए लोन दिया जाता है, परिवार के मुखिया के मृत्यु पर सहायता के लिए योजना जिसमे 2 लाख की सहायता की जाती है।

ऐसी ही कई योजनाएं और भी हैं, जिन्हे लागू किया गया है। गरीब वर्ग के असंगठित क्षेत्र के मजदूर वर्ग के लिए। लोहार, बढ़ई, बुनकर, पेंटर, मिस्त्री, दिहाड़ी मजदूर, नरेगा में काम करने वाले मजदूरों की श्रमिक कार्ड सहायता करता हैं। ये छोटी-छोटी सहायताएं भी गरीब वर्ग के जीवन को थोड़ा सुलभ बनाने में महत्व रखता है।

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