थॉमस अल्वा एडिसन की जीवनी – तीसरा भाग

टेलीग्राफ में कार्य करने के बाद थॉमस अल्वा एडिसन 19 साल में वेस्टर्न यूनियन में चले गए और वहां पर जाकर कार्य किया। रात में नौकरी लगी थी वह जाकर अपना कार्य करते थे जिसके कारण उनके पास दिन भर का समय अपने प्रयोग को करने के लिए होता था।

एडिसन ज्यादातर समय अपने खोज में लगाया करते और खाली समय मिल जाता था तब एडिशन को अपनी नौकरी छोड़ कर वह  अपने प्रयोग में बिताया करते थे।  वह बिलकुल भी आराम नहीं किया करते थे और दिन भर अपने कार्य में लगे रहते थे। टेलीग्राफ कंपनी के अंदर रहते रहते एडिशन कैसे टेलीग्राफ कार्य करता है ये समझ गए थे, उनकी तकनीकी को समझते थे। दिन में भी उसके इस्तेमाल करके एक्सपेरिमेंट किया करते थे।  

उनका सबसे पहला यंत्र जो कि जुलाई 1868 में या गया जो कि एक वोटिंग मशीन थी।  जिसमें आप एक मशीन का उपयोग करके अपने वोटिंग को गिन सकते थे परंतु जब यह मशीन एडिसन ने नेताओ को दिखाई तो एडिशन की इस यंत्र को इस्तेमाल करने से नेताओं ने मना कर दिया। उनका यह यंत्र सफल नहीं हुआ लेकिन उनका पहला पेटेंट इसी मशीन ने एडिशन को दिलाया।  यह से एडिसन के और आने वाले कई पैटर्न की शुरुआत यहीं से हो गई थी और किसी भी चीज को करने से पहले एडिशन कम से कम 500 से 600 बार उस चीज को बनाने में असफल जरूर हो जाया करते थे और यही एक बार जब रिपोर्टरों ने थॉमस अल्वा एडिसन से यह पूछा कि आप बल्ब बनाने से पहले इतनी बार असफल हुए तो क्या आपको यह चिंता हुई कि क्या होगा यदि इस चीज में कार्य नहीं किया या फिर अगर यह सफल ना हो सकी तो थॉमस एडिसन ने अपनी असफलता पर यह कहा कि उन्होंने 1000 ऐसे तरीकों को खोज लिया था जो कार्य नहीं करते थे। 

इसके बाद थॉमस अल्वा एडिसन यूनिवर्सल स्टॉक प्रिंटर का निर्माण किया और यह एक बहुत ही सफलतापूर्वक निर्माण था आविष्कार था  उन्हीं के इस स्टॉक प्रिंटर को गोल्ड एंड स्टॉक टेलीग्राफ कंपनी के द्वारा खरीद लिया गया और उसके लिए थॉमस अल्वा एडिसन को $40000 दिए गए फिर इसके बाद थॉमस अल्वा एडिसन ने यह मन बना लिया था कि अब वह कहीं पर भी कार्य नहीं करेंगे और अपनी जिंदगी में को पूरी तरीके से नए आविष्कारों का जन्म देने में बिताएंगे थॉमस अल्वा एडिसन को अपने इस कार्य के लिए $40000 मिले थे तो एडिशन खुद भी आश्चर्यचकित रह गए थे कि ऐसा कैसे हो गया और ऐसे भी पैसे कमाए जा सकते हैं फिर इसके बाद उन्होंने न्यूजर्सी में अपनी एक लैबोरेट्री खड़ी कर ली 

इसके बाद एडिशनल लोगों के साथ पार्टनरशिप करना शुरू कर दिया और उन्होंने बिजनेस आगे बढ़ाने के लिए अपने कई दोस्तों की भी मदद लिया।  उनके एक करीबी दोस्त ने उन्हें काफी ज्यादा मदद करी।  अपनी नई लेबोरेटरी खोलने के लिए और साथ ही एडिशन बहुत सारे चीजों का निर्माण करने में लग गए थे उसको वह अच्छे खासे दाम पर दूसरों को बेच सके। 

और इसके बाद एडिशन ने अपना कार्य शुरू कर दिया और वेस्टर्न यूनियन के लिए एक ऐसा टेलीग्राफ बनाया जिसमें एक बार में 4 लोग एक दूसरे से बात कर सकते थे। पहले एक बार में टेलीग्राफ पर एक ही इंसान अपने संदेश को भेज सकता था फिर इसके बाद कुछ आविष्कारों के बदौलत यह दो इंसानो तक सीमित हुआ। लेकिन जब एडिशन ने एक ऐसा टेलीग्राफ बना दिया जो 4 लोगों के संदेश एक ही साथ आदान-प्रदान कर सकता था।

तब तो वेस्टर्न यूनियन ने एडिशन का यह खोज हाथों हाथ ले लिया और इसके लिए एडिशन को एक मिलियन डॉलर तक दिए गए और कई सारे उनको रॉयल्टी भी कुछ आने वाले सालों के लिए भी बांध ली गई।  जिसके वजह से एडिशन के पास काफी सारा पैसा हो गया था क्योंकि जो कार्य वेस्टर्न यूनियन को करने में एक महीना लग जाता था अब एडिसन के कारण वे अब उसी कार्य को 5 से 6 दिन के अंदर कर सकते थे और यह सब तभी हो पाया क्योंकि एडिशन ने उस टेलीग्राफ मशीन की खोज कर दी थी। 

एडिसन ने सारे पैसों का इस्तेमाल करके एक नई कंपनी शुरू कर दी और एडिसन अब आगे की आविष्कारों के बारे में और भी सोचने लग गए थे। वह बिजली का उपयोग करके नए आविष्कारों को जन्म देने के प्रयास में थे, क्योंकि आने वाला युग में बिजली का बहुत ही ज्यादा महत्व होने वाला था और यह बात एडिसन बहुत ही अच्छी तरीके से जान चुके थे। 

जिस समय एडिसन ने बिजली के ऊपर आविष्कारों की खोज शुरू करी थी।  उससे पहले तक बिजली के द्वारा से एक लैंप ही जलाया जा सकता था और उस लैंप की जिंदगी बहुत ही छोटी थी जिस कारण से उसे लंबे समय तक प्रयोग नहीं किया जा सकता था बल्ब का आविष्कार कर दिया गया था  हम फ्री देपसी ने कर दिया था परंतु वह बल्ब सिर्फ 1 से 2 घंटे तक ही चल सकता था इस कारण से वह लोगों द्वारा इस्तेमाल नहीं किया जाता था। 

बल्ब का आविष्कार तो हो चुका था परंतु उसका इस्तेमाल वह करने योग नहीं था और एडिशन ने यह अपने ऊपर ठान लिया था कि वह बल्ब को लोगों के इस्तेमाल के लिए उतार देंगे। इसी के साथ दो लोग इसको बल्ब को पूरी तरीके से आविष्कार कर चुके थे और थॉमस अल्वा एडिसन ने उन लोगों से उनके आविष्कार को खरीद लिया क्योंकि उन दोनों लोगों के पास उस बल्ब को बनाने के पैसे तक नहीं थे जिस कारण से वह बल्ब को बेच दिया गया। 

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