गांव में शुरू किए जाने वाला बिजनेस | Village Business Ideas In Hindi

मेरा नाम रक्षा कुमारी है, मेरा जन्म बिहार के अरवल जिले में हुआ है। मेरी रुचि शुरुआत से ही हिंदी और अंग्रेजी साहित्य में रही है।

जब हम गांव और बिज़नेस को एक साथ रखते हैं तो सबसे पहली बात हमारे मन में यही आती है कि अगर गांव में बिजनेस सफल हो जाए तो लोग गांव छोड़कर शहर की तरफ रुख नहीं करता. लेकिन अब  बदलते दौर में गांव में बिजनेस करना घाटे का सौदा नहीं रह गया है कई बार ऐसा हुआ  कि लोगों ने गांव में छोटी सी  दुकान खोल ली और बाद में उसमें फायदा नहीं हुआ तो निराश होकर शहर की तरफ रुख कर लिया और किसी लग गए किसी में , पर अब आप आधुनिक माध्यम की मदद से गांव में अपने बिजनेस को स्थापित कर सकते हैं और उससे अच्छा खासा मुनाफा भी कमा सकते हैं. कुछ ऐसे बिजनेस आइडिया है जिसे जानकर आप गाँव में हीं अच्छी कमाई कर सकते हैं।

 

केले की खेती का बिजनेस

गांव में खेती के जरिए अच्छी कमाई की जा सकती है अभी भारत में ज्यादातर किसान पारंपरिक खेती ही करते हैं  धान, गेहूं, दालें और गन्ने की खेती, लेकिन आप गांव में केले की खेती कर सकते हैं ,जो की खेती बहुत फायदेमंद है। इसमें आपको एक डेढ़ एकड़ में केले की फसल का उत्पादन आपको 3 लाख रुपए तक का प्रॉफिट हो जाएगा । केले की खेती में शुरुआती निवेश करीब 60 हजार रुपए का हो सकता है और इसके एक पौधे से आपको 250 रुपए तक का लाभ मिलता है। डेढ़ बीघे में करीब 1200 केले के पौधे लग जाएंगे जिसमें आपकी लगभग कमाई 3 लाख रुपये तक हो सकती है।

 

एलोवेरा की खेती

आप चाहे तो गांव में एलोवेरा खेती की शुरुआत कर सकते हैं। ये एलोवेरा एक तरह का पौधा होता है जिसकी पत्तियों में खास तरह का द्रव पाया जाता है और इसके बहुत फायदे हैं। एलोवेरा का रस त्वचा के लिए बहुत उपयोगी होता है, इसीलिए तमाम बड़ी कंपनियां एलोवेरा के रस से जेल बनाकर बाजार में बेचती हैं तो इस लिहाज से एलोवेरा का मार्केट बहुत बड़ा है सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी एलोवेरा के जेल की बहुत ज्यादा ही डिमांड है, एलोवेरा की खेती के लिए आपको स्टार्टिंग में 50 हजार से 1 लाख रुपए तक का खर्च करना होगा।

 

पपीते की खेती

आप गांव में 2 बीघे के खेत में पपीते की खेती कर सकते हैं। जिसमें भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र पूसा ने जो पांच किस्मे पपीते की बताई हैं उसमें पूसा डिलेसियस, पूसा मेजेस्टी, पूसा जायंट, पूसा नन्हा और पूसा ड्वार्फ शामिल हैं। खेते की लिए पूसा ड्वार्फ को सबसे अच्छा माना जाता है। जिनसे आप अच्छी कमाई कर सकते हैं।

 

फूलों की खेती में है तगड़ा मुनाफा

गांव में आपको फूलों का बिज़नेस  आपको अच्छी कमाई दे सकता है। फूलों की बहुत प्रकार वेरायटी होती है जिसका मांग काफी है, जिसे लोग बुके या फिर सजावट के लिए खरीदते हैं। ये सभी वेराइटी के बारे में पता करके आप उस इलाके से फूल मंगवा सकते हैं। अपनी शॉप को शहर में ऐसी जगह खोलें जहां आपके लिए कंपटीशन कम हो और बाजार बड़ा हो तो फूलों के बिज़नेस को शुरु करने के लिए न्‍यूनतम 15,000 से 20,000 रुपए की जरूरत  होती है।

 

गांव के लिए अन्य छोटे बिजनेस आइडिया

खेती के सिवा आप गांव में और भी कुछ छोटे बिजनेस शुरु कर सकते हैं। आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि आप जो भी चीजें गांव के लोगों को बेच रहे हैं उनके दाम में बहुत किफायती हों। आप  शहर के अनुसार गांव में दाम नहीं लगाए।

आप चाहे तो आपके गांव में जंक फूड यानी मोमोज और चाउमिन का बिजनेस शुरु कर सकते हैं। आमतौर पर ये सब चीजें गांव में नहीं मिलती है, तो आप सस्ते रेट पर गांव में ये बिजनेस शुरु कर सकते हैं और ऐसी जगह का चुनाव करें जहां बच्चों के साथ साथ युवाओं का आना जाना लगा रहे ।

 

पोल्ट्री फार्म

पोल्ट्री फार्म व्यवसाय खोलने के लिए न तो ज़्यादा पैसे की जरूरत होती है और न ही ज़्यादा ज़मीन की। एकमात्र कार्य कुछ हफ्तों के लिए छोटे मुर्गों का पालन है, जिसके बाद उन्हें बाजार में या थोक विक्रेताओं को बेचा जा सकता है। पोल्ट्री फार्मों को प्रारंभिक निवेश की आवश्यकता होती है; हालाँकि, इसमें  रिटर्न तत्काल नहीं हैं। इसलिए, इस व्यवसाय को अनुबंध के आधार पर शुरू करने की सिफारिश की गई है। पोल्ट्री फार्म में मांस के साथ ही साथ अंडे भी बेचे जा सकते हैं।

 

डायग्नोस्टिक सेंटर

वर्तमान में जिस तरह से नई-नई बीमारियाँ सामने आ रही हैं, शहरों से लेकर गाँवों तक में रहने वालों को अच्छी मेडिकल सुविधा की बहुत ही जरूरत है। हालाँकि, गाँवों में डिस्पेंसरियों की मदद से सरकार द्वारा बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं, लेकिन फिर भी हमेशा एक विशेष मेडिकल ​​केंद्र की आवश्यकता होती है जो स्थानीय स्तर पर कम शुल्क पर उपचार प्रदान कर सके। डायग्नोस्टिक सेंटर खोलने के लिए ज़्यादा निवेश की जरूरत नहीं होती है .प्रारंभिक निवेश में केंद्र का किराया, दवा की लागत और कर्मचारियों का वेतन शामिल है।

 

पेयजल की डोर-टू-डोर आपूर्ति

लोग छोटे छोटे कस्बों या गांवों में रहने वाले के बावजूद, पीने का साफ पानी तो सभी के लिए जरूरी है  .जो की  नलकूपों या हैंडपंपों के ताजे पानी को बड़े डिब्बे में संग्रहित किया जाता है और किसी वाहनों से ग्रामीणों को उनके घर तक पहुँचाया जा सकता है। यह सुविधा प्रति जार चार्ज की जाती और यह एक सफल बिजनेस  विचार हो सकता है।

 

इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल और रिपेयरिंग की दुकान

प्रजेंट में गाँवों के निवासी टेक्नोलॉजी और संचार का अधिक से अधिक उपयोग कर रहे हैं। तो इसलिए एक छोटे से गांव में भी इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर खोलना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। लगभग हर ग्रामीण अपने परिवारों के साथ संवाद  करना चाहता है, इसलिए मोबाइल अब बहुत जरूरी हो गया है। आप एक अच्छे से इलाके में ज़्यादा खर्च किए बिना केवल बिक्री योग्य मोबाइल को स्टॉक में रख के बेच सकते हैं ।

 

उर्वरक और बीज भंडार

किसान कृषि पर निर्भर होते हैं तो अपनी आजीविका कमाने के लिए ग्रामीणों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी फसल अच्छी तरह से सिंचित हो और आगे अच्छे दामों पर बिक जाए। ग्रामीणों के लिए चीजों को आसान बनाने के लिए, उर्वरकों और बीजों का स्टोर खोलने का बिज़नेस बहुत अधिक रुचि वाला हो सकता है । इस बिजनेस में बहुत अधिक लागत की जरूरत नहीं होती है, क्योंकि किसी स्टोर के साथ खाद और बीज खरीदने से कोई भी इस बिजनेस को चला सकता है।

 

फल और सब्जियां की वेंडिंग दुकान

यह किसी के लिए और ज्यादातर एक ही गांव में रहने वाले मूल ग्रामीणों के लिए सबसे सरल और सबसे आम बिजनेस है। जिनको ये बिजनेस करना है वो लोग सीधे थोक बाजार में जाए और फलों एवं सब्जियों को कम दरों पर खरीद कर और इसे अपने गाँव में तुलनात्मक रूप से एक अच्छी कीमत पर बेचकर आप अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।

 

किराना स्टोर

यह बिजनेस विचार समाज के लगभग हर वर्ग द्वारा व्यापक रूप से खोजा जाता है। हर गाँव के हर घर में किराना की जरूरत होती है। इसलिए, ‘किराना’ स्टोर खोलना भारत के सबसे आसान बिजनेस में से एक है।  आप एक  किराए की एक दुकान लेकर और इस बिजनेस को शुरू कर सकते हैं ।

 

पशुपालन

पशुपालन का अर्थ है बकरी, मुर्गी, गायों को पालना इसे बिज़नेस की लागत में पशु खरीद कर और उन्हें खिलाने के रूप में खर्च शामिल है।

 

छोटे पैमाने पर निर्माण बिज़नेस

छोटे पैमाने पर निर्माण बिज़नेस में विभिन्न प्रकार के प्रोडक्ट्स  शामिल हैं, जिनमें डिस्पोज़ेबल पेपर प्लेट, कप, पेपर बैग और बहुत कुछ जो  आज के बाज़ार में डिस्पोज़ेबल की  उच्च मांग में हैं और इस बिज़नेस को खोलने के लिए ज्यादा खर्च हो जरूरी नहीं है .ज़्यादातर पैसा कच्चे माल और संबंधित संसाधनों में लगाया जाता है।

 

दूध केंद्र

दूध केंद्र शुरू करने के लिए, किसी व्यक्ति को बिज़नेस करने के लिए डेयरी फार्म से संपर्क करना होगा . जिसमें की दूध केंद्र मूल रूप से ग्रामीणों से दूध एकत्र करते हैं और इसे डेयरी फार्मों को बेचते हैं . चाहे तो आप दूध से बनी कुछ प्रोडक्ट्स भी आप बेच सकते है. गायों और भैंस पालना गाँव में आसान होता है तो आप गांव में दूध केंद्र से अच्छा मुनाफा कमा सकते है।

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