yoga karne ke fayde | सुबह योग करने के फायदे

योग एक प्रकार की शारीरिक और आध्यात्मिक प्रक्रिया है जो शरीर, मन और आत्मा तीनो को एक साथ लाने का कार्य करता है। योग के दो अर्थ है जुड़ना और समाधि। हम योग से ही अपनी चेतना को जागृत कर के खुद से जुड़ सकते है इसके बाद ही हम समाधि की स्थिति में पहुंचते हैं।

श्रीकृष्ण ने एक स्थान पर गीता में कहा था की, ‘योगः कर्मसु कौशलम्‌’

अर्थात कर्मों में कुशलता ही योग है।हालांकि ये योग की परिभाषा नहीं है।अलग-अलग हिंदू और बौद्ध धार्मिक ग्रंथों में अलग-अलग तरीके से योग को परिभाषित किया गया है।

योग के प्रमाणिक पुस्तकों में शिवसहिंता तथा गोरक्षशतक में योग के चार प्रकारों का वर्णन मिलता है।

  1. मंत्रयोग
  2. हठयोग
  3. लययोग
  4. राजयोग

ये चारों तरीके के योग के अलावा भगवदगीता में ही दो तरह के योग का वर्णन है।

  1. ज्ञानयोग
  2. कर्मयोग

आधुनिक योग व्यायाम, शक्ति, शारीरिक लचीलापन और श्वास पर ध्यान देने के साथ विकसित हुआ है। यह शारीरिक और मानसिक स्थिति को ठीक रखने में मदद करता है। इनके निम्न प्रकार हैं।

  1. अष्टांग योग
  2. बिक्रम योग
  3. हठ योग
  4. अयंगर योग
  5. जीवामुक्ति योग
  6. कृपालु योग
  7. कुंडलिनी योग
  8. पावर योग
  9. शिवानंद
  10. विनियोग
  11. यिन
  12. प्रीनेटल या जन्मपूर्व योग
  13. आराम योग

 

योग के फायदे (yoga karne ke fayde)

 

 सेहतमंद जीवन के लिए

आजकल हर इंसान को जहां कोई न कोई परेशानी है वहीं निरोगी रहने के लिए सेहतमंद जीवन जीने के लिए योग बहुत महत्वपूर्ण हैं। योग को विज्ञान ने भी माना है कि सेहतमंद जीवन जीने के लिए योग बहुत लाभदायक है। आज कल लोग वजन बढ़ाने या घटाने के लिए जिम जाते हैं,  हजारों रुपए खर्च करते हैं मगर योग एक ऐसा वरदान है जो हमे बिना खर्च के सेहतमंद जीवन देता है। योग से वजन बढ़ाया या घटाया भी जा सकता है इसके लिए उम्र के हिसाब से अलग-अलग योग आसन है। योग के असर धीरे जरूर होते हैं मगर नियमित करने से लंबे समय तक ये असरकारक रहते हैं।

 

सुन्दर त्वचा

आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में जहां सभी समय से पहले ही ज्यादा उम्र के लगने लग रहे हैं, हजारों लाखों रुपए तरह तरह के क्रीम पाउडर जैसे साधनों पर खर्चे कर रहे हैं वही नियमित रूप से योग करने से शरीर के हर कोने की हर मांशपेशियों तक ऑक्सिजन पहुंचता है और त्वचा में प्राकृतिक निखार आता है योग से बुढ़ापा जल्द नही आता।

 

शुगर की समस्या

शुगर आज के समय में बोहोत आम समस्या है। योग से शरीर में शुगर लेवल को कंट्रोल किया जा सकता है, शुगर लेवल बढ़ जाने से हृदयघात भी हो सकता है नियमित रोग करने से शुगर लेवल को आसानी से घटाया जा सकता है साथ ही पावरमेट जैसी चीजों का उपयोग भी कर सकते हैं, इस से शुगर लेवल बोहोत जल्दी कंट्रोल किया जा सकता है।

 

कब्ज, पाचन और भूख की समस्याएं

खानपीन में जरा भी बदलाव होने पर कब्ज की समस्या हो जाती है जब खाया हुआ पचेगा ही नहीं, पेट साफ ही नहीं होगा तब एक से अनेक पेट की समस्याएं ही सकती है, और पेट संबंधित समस्याओं का सीधा असर मस्तिष्क पर तनाव के रुप में होता है। रोज योग करने से कब्ज जैसी समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है। कई लोग भूख न लगने की समस्याओं से परेशान होते हैं, दिन पर दिन उनका वजन घटता जाता हैं, ऐसे में योग करने से इस समस्याओं से बचा जा सकता है और पाचन तंत्र भी ठीक से काम करने लगता हैं। योग पाचनतंत्र के लिए वरदान है।

 

मांशपेशियों और हड्डियों को मजबूत बनाए

योग करने से शरीर की हर मांशपेशियों तक ऑक्सीजन पहुंचती हैं और मांशपेशियों में खिंचाव आता है तथा मांशपेशियां मजबूत होती हैं। शरीर की ढीली लटकती मांशपेशियां मजबूत होती हैं, और हड्डियों में मजबूती आती हैं, हड्डियों के जोड़ ठीक से काम करने लगते हैं। नियमित योग से हड्डी संबंधित रोग जैसे गेठिया, अकड़न , हड्डी घिसना से बचा जा सकता है। आज कल कम उम्र में ही उठने-बैठने की समस्या होने लगती हैं, योग से इन समस्याओं से बचा जा सकता है।

 

रक्तचाप से बचाव

रक्तचाप की समस्या से हर तीसरा इंसान जूझ रहा है, अगर रक्तचाप बढ़ जाए तो भी हृदय पर असर पड़ता है, और घट जाए तब भी ऐसे में रोज योग करने से इसे कंट्रोल किया जा सकता है। योग रक्त कोशिकाओं तक ऑक्सीजन को पहुंचाता है, और इसका समाधान करता है। योग रक्त संचार का समाधान करता है, रक्तप्रवाह नियमित करता है तथा हिमोग्लोबिन और रक्तकोषिकाओं के सेल को बढ़ाता है।

 

रोग प्रतिकारक क्षमता में वृद्धि

रोजाना जीवन में नियमित रूप से योग करने से रोग से बचा जा सकता है रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी होती हैं जो भी समस्याएं पहले से है उनके असर की कम करता है, सहनशीलता भी बढ़ती है और नए रोग के चपेट में आने से बचाव होता है।

 

मानसिक विकास

आज का युवा वर्ग एंजाइटी, डिप्रेशन जैसी कई मानसिक समस्याओं से जूझ रहा है, सुसाइड के केस बढ़ते जा रहे हैं। भागदौड़ भरी जिंदगी की रेस में हर कोई तनाव में हैं। सुबह-सुबह नियमित रूप से योग करने से अवसाद, नींद न आने के समस्या, चिड़चिड़ापन, बैचेनी जैसी मानसिक समस्याओं से निजात पाया जा सकता है l योग करने से चेतनाएं जागृत होती हैं व्यक्ति की एकाग्रता बढ़ती है, कोई भी काम करने में चिड़चिड़ापन नही लगता, सारा दिन ऊर्जा से भरा लगता हैं, मन प्रफुल्ल रहता हैं, दिमाग नए विचारों को अपनाने को सक्षम बनाता है, मूड स्विंग नही होते हैं, तनाव कम होता है और दिन ताजगी से भरा होता है।

 

स्त्रीरोग और रजोनवृति

योग बांझपन, पीसीओडी जैसी समस्याओं के लिए वरदान है। योग करने से हार्मोंस ठीक से काम करने लगते हैं। शुक्राणु बनने लगते हैं, प्रजन्न क्षमता बढ़ती है।

 

आज की सबसे बड़ी समस्या : कोरोना और ओमीक्रोन

आज विश्व की सबसे बड़ी समस्या कोरोना और ओमीक्रोन हैं जिससे बचने के लिए योग एक वरदान है चूंकी योग रोगप्रतिरोधक क्षमता, श्वासनप्रणाली को स्वस्थ रखता है, इसलिए कोराेना जैसे रोगों के असर कम होती है।

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